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विज्ञान के बिना जीवन का ज्ञान अधूरा: डॉ. पटेरिया
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:26 PM IST
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हरिद्वार।
सीएसआईआर (निस्केयर) विभाग के निदेशक डा. मनोज पटेरिया ने कहा कि विज्ञान के बिना ज्ञान अधूरा है। विज्ञान में पांच तत्वों को लेकर कार्य करना जरूरी है। पहला विज्ञान सूचना, दूसरा विचार, तीसरा तकनीकी, चौथा जीवन में विज्ञान का प्रयोग और पांचवा जीवन में नई सोच को विकसित करना।
गुरुकुल कांगड़ी विवि के भौतिकी विभाग में आयोजित तीन दिवसीय नेशनल सेमिनार के समापन समारोह में मुख्य अतिथि डा. मनोज पटेरिया ने कहा कि विज्ञान हमें यह सिखाता है कि जब व्यक्ति की सोच सृजनात्मक होती है तो उसके अंदर अनुसंधान करने की क्षमता और प्रबल हो जाती है। प्रकृति के माध्यम से जो भी अनुसंधान किए जाते हैं उन पर तकनीकी क्रियाएं पूरी तरह से सफल होती हैं। अध्यक्षता करते हुए विवि के कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि आज भी विज्ञान का कार्य वेद के माध्यम से हो रहा है। विज्ञान एक साध्य है और अनुसंधान उसका साधन है। कहा कि भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद ने सेमिनार के लिए विश्वविद्यालय को चुना है यह हमारे लिए गौरव की बात है। सेमिनार संयोजक प्रो. एलपी पुरोहित ने कहा कि इस सम्मेलन में भौतिकी के क्षेत्र में काम करने वाले दिग्गज यहां पर पधारे हैं। उनके माध्यम से हमें नए ज्ञान प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ है इससे हमारे विश्वविद्यालय को नई क्षमता और ऊर्जा प्राप्त होगी। हमारे विश्वविद्यालय में नैनो टैक्नॉलोजी, पर्यावरणीय भौतिकी, न्यूक्लीयर और खगोल विज्ञान जैसे विषय पर विश्व स्तर का शोध कार्य हो रहा है। सम्मेलन के चेयरमैन एवं भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पीपी पाठक ने कहा कि भौतिकी विभाग की ओर से यह सेमिनार भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद की ओर से हुआ है। इस सेमिनार में 150 रिसर्च पेपर, पोस्टर सेशन में 60 प्रतिभागियों ने तथा भौतिकी शिक्षा में 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों के भौतिकी विद्वानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में डा. पवन कुमार, डा. हिमांशु गुप्ता, डा. ऋचा सैनी, डा. त्रिलोक कुमार पाठक, जनसंपर्क अधिकारी डा. पंकज कौशिक, भूपेंद्र कुमार, राहुल कौशिक, आशीष तोमर, अंकुर कुमार, मीनू सिंह, जीवितेश आदि मौजूद थे। संचालन सेमिनार के आयोजक सचिव डा. हेमवती नंदन ने किया।
सीएसआईआर (निस्केयर) विभाग के निदेशक डा. मनोज पटेरिया ने कहा कि विज्ञान के बिना ज्ञान अधूरा है। विज्ञान में पांच तत्वों को लेकर कार्य करना जरूरी है। पहला विज्ञान सूचना, दूसरा विचार, तीसरा तकनीकी, चौथा जीवन में विज्ञान का प्रयोग और पांचवा जीवन में नई सोच को विकसित करना।
गुरुकुल कांगड़ी विवि के भौतिकी विभाग में आयोजित तीन दिवसीय नेशनल सेमिनार के समापन समारोह में मुख्य अतिथि डा. मनोज पटेरिया ने कहा कि विज्ञान हमें यह सिखाता है कि जब व्यक्ति की सोच सृजनात्मक होती है तो उसके अंदर अनुसंधान करने की क्षमता और प्रबल हो जाती है। प्रकृति के माध्यम से जो भी अनुसंधान किए जाते हैं उन पर तकनीकी क्रियाएं पूरी तरह से सफल होती हैं। अध्यक्षता करते हुए विवि के कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि आज भी विज्ञान का कार्य वेद के माध्यम से हो रहा है। विज्ञान एक साध्य है और अनुसंधान उसका साधन है। कहा कि भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद ने सेमिनार के लिए विश्वविद्यालय को चुना है यह हमारे लिए गौरव की बात है। सेमिनार संयोजक प्रो. एलपी पुरोहित ने कहा कि इस सम्मेलन में भौतिकी के क्षेत्र में काम करने वाले दिग्गज यहां पर पधारे हैं। उनके माध्यम से हमें नए ज्ञान प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ है इससे हमारे विश्वविद्यालय को नई क्षमता और ऊर्जा प्राप्त होगी। हमारे विश्वविद्यालय में नैनो टैक्नॉलोजी, पर्यावरणीय भौतिकी, न्यूक्लीयर और खगोल विज्ञान जैसे विषय पर विश्व स्तर का शोध कार्य हो रहा है। सम्मेलन के चेयरमैन एवं भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पीपी पाठक ने कहा कि भौतिकी विभाग की ओर से यह सेमिनार भारतीय भौतिकी शिक्षक परिषद की ओर से हुआ है। इस सेमिनार में 150 रिसर्च पेपर, पोस्टर सेशन में 60 प्रतिभागियों ने तथा भौतिकी शिक्षा में 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों के भौतिकी विद्वानों ने भाग लिया।
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कार्यक्रम में डा. पवन कुमार, डा. हिमांशु गुप्ता, डा. ऋचा सैनी, डा. त्रिलोक कुमार पाठक, जनसंपर्क अधिकारी डा. पंकज कौशिक, भूपेंद्र कुमार, राहुल कौशिक, आशीष तोमर, अंकुर कुमार, मीनू सिंह, जीवितेश आदि मौजूद थे। संचालन सेमिनार के आयोजक सचिव डा. हेमवती नंदन ने किया।
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