{"_id":"59ecf8f14f1c1b6f548b8944","slug":"1508702525131-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इगास-बग्वाल कार्यक्रम 31 को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इगास-बग्वाल कार्यक्रम 31 को
Updated Mon, 23 Oct 2017 01:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समिति का इगास-बग्वाल कार्यक्रम 31 को
-- लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति के साथ होगा मंडाण का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
मुनिकीरेती । उत्तराखंड लोक संस्कृति विकास समिति के तत्वावधान में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वसम्मति से इगास-बग्वाल कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बताया गया कि इस अवसर पर लोक परंपरा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुनिकीरेती स्थित कैलाश गेट में समिति के अध्यक्ष जयपाल सिंह पुंडीर की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें बताया गया कि संस्था पूर्व के वर्षों की तरह इस साल भी इगास-बग्वाल कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस साल इस आयोजन को 31 अक्टूबर को भव्य रूप से किया जाएगा, जिसमें भैल्यो, लोक वाद्ययंत्र ढोल- दमांऊ व मशकबीन के साथ मंडाण की प्रस्तुति होगी।
इसके साथ ही लोक कलाकारों द्वारा गढ़वाली लोकगीतों की रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएगी। बताया कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति व लोक परंपराओं को भूलती जा रही है। समिति द्वारा उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण के तहत इगास-बग्वाल का आयोजन किया जाता है, जिससे युवा अपनी पारंपरिक संस्कृति से रूबरू हो सकें। इस अवसर पर रविंद्र असवाल, सौरभ गर्ग, नरेंद्र कैंतुरा, नरेंद्र मैठाणी, गजेंद्र बिष्ट, मातवर सिंह चौहान, नितिश कंडारी, विजय नौटियाल, प्रशांत भट्ट, रमेश उनियाल, मुकेश पंवार, विजय बिष्ट, आशीष बहुखंडी, अजय रमोला आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
-- लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति के साथ होगा मंडाण का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
मुनिकीरेती । उत्तराखंड लोक संस्कृति विकास समिति के तत्वावधान में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वसम्मति से इगास-बग्वाल कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बताया गया कि इस अवसर पर लोक परंपरा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुनिकीरेती स्थित कैलाश गेट में समिति के अध्यक्ष जयपाल सिंह पुंडीर की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें बताया गया कि संस्था पूर्व के वर्षों की तरह इस साल भी इगास-बग्वाल कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस साल इस आयोजन को 31 अक्टूबर को भव्य रूप से किया जाएगा, जिसमें भैल्यो, लोक वाद्ययंत्र ढोल- दमांऊ व मशकबीन के साथ मंडाण की प्रस्तुति होगी।
इसके साथ ही लोक कलाकारों द्वारा गढ़वाली लोकगीतों की रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएगी। बताया कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति व लोक परंपराओं को भूलती जा रही है। समिति द्वारा उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण के तहत इगास-बग्वाल का आयोजन किया जाता है, जिससे युवा अपनी पारंपरिक संस्कृति से रूबरू हो सकें। इस अवसर पर रविंद्र असवाल, सौरभ गर्ग, नरेंद्र कैंतुरा, नरेंद्र मैठाणी, गजेंद्र बिष्ट, मातवर सिंह चौहान, नितिश कंडारी, विजय नौटियाल, प्रशांत भट्ट, रमेश उनियाल, मुकेश पंवार, विजय बिष्ट, आशीष बहुखंडी, अजय रमोला आदि मौजूद थे।
विज्ञापन