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मेले में लुप्त होती संस्कृति के संरक्षण के होंगे प्रयास
Updated Fri, 06 Oct 2017 10:23 PM IST
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कर्णप्रयाग। नौ नवंबर से होने वाले नंदासैंण पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन मेले की तैयारियों को लेेकर आयोजित बैठक में कई निर्णय लिए गए। निर्णय लिया गया कि मेले में इस बार पहाड़ की लुप्त होती पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम किए जाएंगे। साथ ही उपसमितियों का गठन करते हुए मेले को भव्य रूप देने पर चर्चा की गई।
मेला समिति के अध्यक्ष विनोद नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेले के दौरान लोक संस्कृति की परंपराओं को मंच देने के लिए महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों की भूमिका को मजबूत करने पर बल दिया गया। साथ ही वन एवं वन्य जीव संरक्षण से संबंधित कार्यक्रमों के लिए वन विभाग को विभिन्न कार्यक्रम मेले में करने पर जोर दिया गया। कहा गया कि स्कूली सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही खेल कूद प्रतियोगिताएं भी होंगी। आयोजन के लिए गठित उपसमितियों में स्वागत समिति में बच्चीराम मैखुरी को अध्यक्ष, सांस्कृतिक समिति की जिम्मेदारी सरोजनी पुंडीर को, अनुशासन की अवतार सिंह को, लेखा समिति में जगदीश सिंह, भंडार समिति में राजेंद्र सिंह, पांडाल समिति में गोविंद सिंह, जलपान में केदारदत्त, क्रय समिति में राजेंद्र चौधरी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इस अवसर पर हरेंद्र सिंह चौधरी, भुवन नौटियाल, लक्ष्मण सिंह, मुकेश नेगी और दर्शन लाल आदि मौजूद थे।
मेला समिति के अध्यक्ष विनोद नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मेले के दौरान लोक संस्कृति की परंपराओं को मंच देने के लिए महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों की भूमिका को मजबूत करने पर बल दिया गया। साथ ही वन एवं वन्य जीव संरक्षण से संबंधित कार्यक्रमों के लिए वन विभाग को विभिन्न कार्यक्रम मेले में करने पर जोर दिया गया। कहा गया कि स्कूली सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही खेल कूद प्रतियोगिताएं भी होंगी। आयोजन के लिए गठित उपसमितियों में स्वागत समिति में बच्चीराम मैखुरी को अध्यक्ष, सांस्कृतिक समिति की जिम्मेदारी सरोजनी पुंडीर को, अनुशासन की अवतार सिंह को, लेखा समिति में जगदीश सिंह, भंडार समिति में राजेंद्र सिंह, पांडाल समिति में गोविंद सिंह, जलपान में केदारदत्त, क्रय समिति में राजेंद्र चौधरी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इस अवसर पर हरेंद्र सिंह चौधरी, भुवन नौटियाल, लक्ष्मण सिंह, मुकेश नेगी और दर्शन लाल आदि मौजूद थे।
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