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भगवान राम के अग्निवाण से राख हुआ पापी रावण का कुनबा
Updated Sun, 01 Oct 2017 02:19 AM IST
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हजारों बने असत्य पर सत्य की जीत के गवाह
-- दशहरा मेला देखने उमड़े हजारों लोग, राम व रावण की सेना के बीच हुआ युद्घ
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान त्रिवेणीघाट पर दशहरा मेले का आयोजन किया गया। जहां गंगा की जलधाराओं के बीच बने टापू पर रावण के वंश को भगवान श्रीराम व लक्ष्मण ने अपने पराक्रम से मिटा दिया। इस दौरान घाट पर मौजूद हजारों लोग बुराई पर अच्छाई की जीत के गवाह बने। इससे पूर्व त्रिवेणी के टापू पर भगवान श्रीराम और अहंकारी रावण की सेना के बीच भयंकर युद्ध हुआ। सुभाष क्लब दशहरा कमेटी की ओर से त्रिवेणीघाट पर दशहरा मेला आयोजित किया गया, जिसमें नगर क्षेत्र के साथ ही समीपवर्ती मुनिकीरेती, ढालवाला, श्यामपुर आदि इलाकों के हजारों लोग जुटे। शाम करीब साढ़े सात बजे भगवान श्रीराम की सेना सुभाष बनखंडी से रेलवे रोड होते हुए त्रिवेणीघाट पहुंची।
सेना को राफ्ट के जरिए टापू पर पहुंचाया गया। इसके बाद श्रीराम व रावण की सेना के बीच करीब आधा घंटा जमकर युद्ध हुआ। भगवान श्रीराम ने कुंभकर्ण और लक्ष्मण ने मेघनाद को धराशायी किया। इसके बाद दोनों सेनाओं के बीच युद्ध के दौरान विभीषण के सुझाव पर श्रीराम ने रावण की नाभि पर अग्निबाण से निशाना साधा और दशानन धराशाही हो गया। इसके साथ ही कुंभकर्ण, मेघनाद व दशानन रावण के पुतले धमाकों के साथ जल उठे। दशानन के कुनबे के दहन होते ही समूचा गंगातट श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। पर्व पर त्रिवेणीघाट नावघाट की ओर से आस्थापथ तक तक मेला क्षेत्र रंगविरंगी स्वदेशी लाइटों से जगमगाता रहा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, नगर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, पूर्व दरजाधारी राज्यमंत्री विजय सारस्वत, महंत विनय सारस्वत, सुभाष क्लब दशहरा कमेटी के अध्यक्ष हीरालाल शर्मा, विजय सिंघल, ललित सक्सेना, राहुल शर्मा, कमल धींगड़ा, संजय शर्मा, दीपक, पंकज जायसवाल, गिरीश, योगेश शर्मा, सीताराम आदि मौजूद थे।
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आतिशबाजी से गूूंजा त्रिवेणीघाट
दशहरा मेले में रावण दहन के दौरान मुजफ्फनगर के सफी अहमद और सहारनपुर के कमल फायर के बीच आतिशबाजी का जोरदार मुकाबला हुआ। इस दौरान सुतली बम, चर्खी, रॉकेट व बड़ी फुलझड़ियों, हंटर आदि विविध प्रकार की आतिशबाजी के नजारे दिखे। आतिशबाजी के दौरान आसमान पर भी काफी देर तक रंग बिरंगी रोशनियां जगमगाती रही। जिसका दशहरा मेले में जुटे हजारों लोगों ने आतिशबाजी का जमकर लुत्फ उठाया। समापन पर सुभाष क्लब दशहरा कमेटी की ओर से दोनों प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
बच्चों ने खरीदे धनुष और गदा
दशहरा मेले में अपने माता-पिता व अन्य परिजनों के साथ पुतला दहन देखने के लिए आए बच्चों ने धनुषबाण, तरकश, गदा, मुखौटे, तलवार आदि जमकर खरीदे। इसके अलावा बच्चों ने अन्य खिलौनों की खरीदारी भी की। इस दौरान घाट के आसपास लगे खाने-पीने के स्टॉल पर भी लोगों की भीड़भाड़ रही।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
दशहरा पर्व के तहत त्रिवेणीघाट पर लगे मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। भीड़ के मद्देनजर पुलिस ने शनिवार दोपहर बाद से ही घाट रोड पर दुपहिया और चौपहिया वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया था। इस दौरान घाट के आसपास पुलिसकर्मियों के साथ ही जल पुलिस के जवान मुस्तैद रहे।
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-- दशहरा मेला देखने उमड़े हजारों लोग, राम व रावण की सेना के बीच हुआ युद्घ
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान त्रिवेणीघाट पर दशहरा मेले का आयोजन किया गया। जहां गंगा की जलधाराओं के बीच बने टापू पर रावण के वंश को भगवान श्रीराम व लक्ष्मण ने अपने पराक्रम से मिटा दिया। इस दौरान घाट पर मौजूद हजारों लोग बुराई पर अच्छाई की जीत के गवाह बने। इससे पूर्व त्रिवेणी के टापू पर भगवान श्रीराम और अहंकारी रावण की सेना के बीच भयंकर युद्ध हुआ। सुभाष क्लब दशहरा कमेटी की ओर से त्रिवेणीघाट पर दशहरा मेला आयोजित किया गया, जिसमें नगर क्षेत्र के साथ ही समीपवर्ती मुनिकीरेती, ढालवाला, श्यामपुर आदि इलाकों के हजारों लोग जुटे। शाम करीब साढ़े सात बजे भगवान श्रीराम की सेना सुभाष बनखंडी से रेलवे रोड होते हुए त्रिवेणीघाट पहुंची।
सेना को राफ्ट के जरिए टापू पर पहुंचाया गया। इसके बाद श्रीराम व रावण की सेना के बीच करीब आधा घंटा जमकर युद्ध हुआ। भगवान श्रीराम ने कुंभकर्ण और लक्ष्मण ने मेघनाद को धराशायी किया। इसके बाद दोनों सेनाओं के बीच युद्ध के दौरान विभीषण के सुझाव पर श्रीराम ने रावण की नाभि पर अग्निबाण से निशाना साधा और दशानन धराशाही हो गया। इसके साथ ही कुंभकर्ण, मेघनाद व दशानन रावण के पुतले धमाकों के साथ जल उठे। दशानन के कुनबे के दहन होते ही समूचा गंगातट श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। पर्व पर त्रिवेणीघाट नावघाट की ओर से आस्थापथ तक तक मेला क्षेत्र रंगविरंगी स्वदेशी लाइटों से जगमगाता रहा।
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इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, नगर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, पूर्व दरजाधारी राज्यमंत्री विजय सारस्वत, महंत विनय सारस्वत, सुभाष क्लब दशहरा कमेटी के अध्यक्ष हीरालाल शर्मा, विजय सिंघल, ललित सक्सेना, राहुल शर्मा, कमल धींगड़ा, संजय शर्मा, दीपक, पंकज जायसवाल, गिरीश, योगेश शर्मा, सीताराम आदि मौजूद थे।
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आतिशबाजी से गूूंजा त्रिवेणीघाट
दशहरा मेले में रावण दहन के दौरान मुजफ्फनगर के सफी अहमद और सहारनपुर के कमल फायर के बीच आतिशबाजी का जोरदार मुकाबला हुआ। इस दौरान सुतली बम, चर्खी, रॉकेट व बड़ी फुलझड़ियों, हंटर आदि विविध प्रकार की आतिशबाजी के नजारे दिखे। आतिशबाजी के दौरान आसमान पर भी काफी देर तक रंग बिरंगी रोशनियां जगमगाती रही। जिसका दशहरा मेले में जुटे हजारों लोगों ने आतिशबाजी का जमकर लुत्फ उठाया। समापन पर सुभाष क्लब दशहरा कमेटी की ओर से दोनों प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
बच्चों ने खरीदे धनुष और गदा
दशहरा मेले में अपने माता-पिता व अन्य परिजनों के साथ पुतला दहन देखने के लिए आए बच्चों ने धनुषबाण, तरकश, गदा, मुखौटे, तलवार आदि जमकर खरीदे। इसके अलावा बच्चों ने अन्य खिलौनों की खरीदारी भी की। इस दौरान घाट के आसपास लगे खाने-पीने के स्टॉल पर भी लोगों की भीड़भाड़ रही।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
दशहरा पर्व के तहत त्रिवेणीघाट पर लगे मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। भीड़ के मद्देनजर पुलिस ने शनिवार दोपहर बाद से ही घाट रोड पर दुपहिया और चौपहिया वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया था। इस दौरान घाट के आसपास पुलिसकर्मियों के साथ ही जल पुलिस के जवान मुस्तैद रहे।