{"_id":"59b56d2a4f1c1bfa7f8b5c6d","slug":"15050622076-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन की सुस्त कार्य प्रणाली से अधर में लटके सड़क निर्माण के प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन की सुस्त कार्य प्रणाली से अधर में लटके सड़क निर्माण के प्रस्ताव
Updated Sun, 10 Sep 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए विभिन्न विभागों के 132 प्रस्ताव ऑनलाइन किए गए हैं लेकिन विभिन्न स्तरों पर लगी आपत्तियों के चलते सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इस कारण ग्रामीण अपने गांवों तक पहुंचने के लिए मीलों का पैदल सफर करने को मजबूर हैं।
चमोली जिले में लोनिवि और पीएमजीएसवाई के नौ विभागों की ओर से गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए 132 प्रस्तावों को ऑनलाइन किया गया है। इन प्रस्तावों में सर्वाधिक 48 प्रस्ताव वन विभाग, 2 केंद्र व 7 राज्य सरकार के स्तर पर अटके हैं, जबकि 51 प्रस्ताव सैद्धांतिक तथा 5 विधिवत स्वीकृति के बाद वित्तीय मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही 19 प्रस्ताव निर्माणदायी विभागों के स्तर पर भी अटके हैं। डीएम आशीष जोशी का कहना है कि जिले में सड़क निर्माण से जुड़े सभी विभागों को प्रस्तावों पर लगी आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। नए प्रस्तावों को पूर्ण जांच के बाद ही ऑनलाइन भेजने के लिए कहा गया है, ताकि ऑनलाइन प्रस्तावों पर स्वीकृति के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। ब्यूरो
विज्ञापन