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श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में बंद रहा सफल
Updated Mon, 28 Aug 2017 10:40 PM IST
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श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी कैंपस के निर्माण सहित तीन सूत्री मांगों के लिए प्रगतिशील जन मंच का श्रीनगर बंद पूर्णरूप से सफल रहा। श्रीनगर, श्रीकोट, कमलेश्वर, खंडाह और भक्तियाना समेत अन्य स्थानों में व्यापारियों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे। आंदोलनकारियों ने घूम-घूमकर सरकारी दफ्तर बंद कराए। टकराव की स्थिति को देखते हुए स्कूलों, बैंकों और अन्य स्थानों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर का सुमाड़ी में निर्माण, राजकीय संयुक्त अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की मांग के लिए आंदोलनकारियों ने सोमवार को बंद का आह्वान किया था। इसमें आंदोलन में विभिन्न संगठनों ने भागीदारी करते हुए बंद का समर्थन किया। इसके चलते सोमवार को श्रीनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। शहर में बैंकों को छोड़कर गढ़वाल विवि, स्कूल, होटल-रेस्टोरेंट, मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी लैब भी बंद रहे। सुबह कुछ स्कूल खुले, लेकिन 10 बजे बंद स्वत: ही बंद हो गए। आंदोलनकारियों की टोलियों ने शहर का भ्रमण खुले दफ्तरों को शंातिपूर्ण ढंग से बंद कराया। वहीं कोतवाल एनएस बिष्ट और एसएसआई बजितेंद्र चौहान ने जगह-जगह भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं दूसरी ओर बंद के दौरान प्रगतिशील जनमंच और व्यापारों मंडल व अन्य संगठनों ने शहर से एनआईटी गेट तक रैली निकाली। एनआईटी उत्तराखंड के समक्ष उन्होंने नारेबाजी करते हुए जनसभा की गई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि एनआईटी के स्थायी कैंपस के लिए सुमाड़ी मेें लोगों ने भूमि दान कर दी है, लेकिन निर्माण अभी तक नहीं हो सका। कहा कि श्रीनगर, श्रीकोट और पौड़ी में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए एएचपीसी वैकल्पिक पेयजल योजना का शीघ्र निर्माण किया जाना चाहिए। वहीं राजकीय संयुक्त अस्पताल श्रीनगर से दो माह पूर्व चिकित्सकों के तबादले करने और प्रतिस्थानी नही आने पर वक्ताओं ने कड़ा आक्रोश जताया। कहा कि अस्पताल में निश्चेतक, फीजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ की शीघ्र तैनाती की जानी चाहिए। रैली में प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, मुकेश अग्रवाल, सुधाकर भट्ट, हिमांशु अग्रवाल, कमल रावत, नवीन नौटियाल, सौरभ जैन और हीरा लाल जैन आदि शामिल थे।
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विवि शिक्षणेत्तर कर्मचार परिषद ने भी दिया समर्थन
श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विवि के कर्मचारी परिषद ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए विवि के प्रशासनिक भवन को बंद रखा। कर्मचार परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने कहा कि कर्मचारी स्थानीय निवासियों के साथ हैं। खंडाह क्षेत्र में सुरजीत बिष्ट के नेतृत्व में लोगों ने शिक्षण संस्थान और सरकारी दफ्तर बंद कराए।
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सांसद ने लिखा मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र
श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड का निर्माण शुरू न होने पर राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने नाखुशी जाहिर की है। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र भेजकर पहाड़ी क्षेत्र को निर्माण कार्य के लिए अनुपयुक्त बताने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब पहाड़ में विशालकाय बांध बन सकते हैं। तो एनआईटी के भवन क्यों नहीं बन सकते हैं। टम्टा ने कहा कि सुमाड़ी में भूमि चयन हो चुका है। यहां शीघ्र निर्माण शुरू होना चाहिए।
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एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर का सुमाड़ी में निर्माण, राजकीय संयुक्त अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की मांग के लिए आंदोलनकारियों ने सोमवार को बंद का आह्वान किया था। इसमें आंदोलन में विभिन्न संगठनों ने भागीदारी करते हुए बंद का समर्थन किया। इसके चलते सोमवार को श्रीनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। शहर में बैंकों को छोड़कर गढ़वाल विवि, स्कूल, होटल-रेस्टोरेंट, मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी लैब भी बंद रहे। सुबह कुछ स्कूल खुले, लेकिन 10 बजे बंद स्वत: ही बंद हो गए। आंदोलनकारियों की टोलियों ने शहर का भ्रमण खुले दफ्तरों को शंातिपूर्ण ढंग से बंद कराया। वहीं कोतवाल एनएस बिष्ट और एसएसआई बजितेंद्र चौहान ने जगह-जगह भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं दूसरी ओर बंद के दौरान प्रगतिशील जनमंच और व्यापारों मंडल व अन्य संगठनों ने शहर से एनआईटी गेट तक रैली निकाली। एनआईटी उत्तराखंड के समक्ष उन्होंने नारेबाजी करते हुए जनसभा की गई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि एनआईटी के स्थायी कैंपस के लिए सुमाड़ी मेें लोगों ने भूमि दान कर दी है, लेकिन निर्माण अभी तक नहीं हो सका। कहा कि श्रीनगर, श्रीकोट और पौड़ी में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए एएचपीसी वैकल्पिक पेयजल योजना का शीघ्र निर्माण किया जाना चाहिए। वहीं राजकीय संयुक्त अस्पताल श्रीनगर से दो माह पूर्व चिकित्सकों के तबादले करने और प्रतिस्थानी नही आने पर वक्ताओं ने कड़ा आक्रोश जताया। कहा कि अस्पताल में निश्चेतक, फीजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ की शीघ्र तैनाती की जानी चाहिए। रैली में प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, मुकेश अग्रवाल, सुधाकर भट्ट, हिमांशु अग्रवाल, कमल रावत, नवीन नौटियाल, सौरभ जैन और हीरा लाल जैन आदि शामिल थे।
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विवि शिक्षणेत्तर कर्मचार परिषद ने भी दिया समर्थन
श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विवि के कर्मचारी परिषद ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए विवि के प्रशासनिक भवन को बंद रखा। कर्मचार परिषद के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी ने कहा कि कर्मचारी स्थानीय निवासियों के साथ हैं। खंडाह क्षेत्र में सुरजीत बिष्ट के नेतृत्व में लोगों ने शिक्षण संस्थान और सरकारी दफ्तर बंद कराए।
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सांसद ने लिखा मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र
श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड का निर्माण शुरू न होने पर राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने नाखुशी जाहिर की है। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र भेजकर पहाड़ी क्षेत्र को निर्माण कार्य के लिए अनुपयुक्त बताने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब पहाड़ में विशालकाय बांध बन सकते हैं। तो एनआईटी के भवन क्यों नहीं बन सकते हैं। टम्टा ने कहा कि सुमाड़ी में भूमि चयन हो चुका है। यहां शीघ्र निर्माण शुरू होना चाहिए।