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स्वस्थ् और समृद्घ उतराखंड में सहयोग करे पतंजलि: अग्रवाल
Updated Mon, 28 Aug 2017 10:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने पतंजलि योगपीठ पहुंचकर योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से भेंट कर स्वस्थ-समृद्ध एवं विकासशील उत्तराखंड निर्माण के लिए सहयोग मांगा। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के कई प्रकल्पों पतंजलि आयुर्वेद कालेज, पतंजलि रिसर्च सेंटर आदि भी देखे।
प्रेमचंद अग्रवाल ने इस दौरान कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में चल रहे पतंजलि के योग-आयुर्वेद आदि सभी अभियान ने देश के करोड़ों लोगों की स्वास्थ्य से जुड़ी सोच को नई दिशा व शक्ति दी है। कहा कि पतंजलि अभियान से उत्तराखंड और देश के लाखों किसान, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं के आर्थिक संपन्नता व स्वास्थ्य एवं सम्मानपरक जीवन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। कहा उत्तराखंड प्राचीन काल से योग-आयुर्वेद की पुण्यभूमि के रूप में जानी जाती रही, पर कालांतर में इन विधाओं की अपनी प्रतिष्ठा धूमिल होने लगी थी। पतंजलि के पुरुषार्थ से इसमें उर्वरता आई है। विधान सभा अध्यक्ष ने आचार्य बालकृष्ण से आग्रह किया कि पतंजलि उत्तराखंड की आयुर्वेदिक वनौैषधीय जड़ी-बूटियों एवं जैविक उत्पादों को भी वैश्विक पहचान दिलाने में मदद करे। आचार्य बालकृष्ण ने उन्हें इस बारे में आश्वस्त किया कि पतंजलि उत्तराखंड के आर्थिक, आध्यात्मिक गौरव हित में हर संभव अनुसंधानपरक प्रयास करता रहेगा। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने विधान सभा अध्यक्ष को आयुर्वेद सिद्धांत रहस्य पुस्तक सहित अनेक आयुर्वेदिक साहित्य एवं प्राचीनतम पांडुलिपियां भी दिखाई।
हरिद्वार।
विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने पतंजलि योगपीठ पहुंचकर योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से भेंट कर स्वस्थ-समृद्ध एवं विकासशील उत्तराखंड निर्माण के लिए सहयोग मांगा। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के कई प्रकल्पों पतंजलि आयुर्वेद कालेज, पतंजलि रिसर्च सेंटर आदि भी देखे।
प्रेमचंद अग्रवाल ने इस दौरान कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में चल रहे पतंजलि के योग-आयुर्वेद आदि सभी अभियान ने देश के करोड़ों लोगों की स्वास्थ्य से जुड़ी सोच को नई दिशा व शक्ति दी है। कहा कि पतंजलि अभियान से उत्तराखंड और देश के लाखों किसान, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं के आर्थिक संपन्नता व स्वास्थ्य एवं सम्मानपरक जीवन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। कहा उत्तराखंड प्राचीन काल से योग-आयुर्वेद की पुण्यभूमि के रूप में जानी जाती रही, पर कालांतर में इन विधाओं की अपनी प्रतिष्ठा धूमिल होने लगी थी। पतंजलि के पुरुषार्थ से इसमें उर्वरता आई है। विधान सभा अध्यक्ष ने आचार्य बालकृष्ण से आग्रह किया कि पतंजलि उत्तराखंड की आयुर्वेदिक वनौैषधीय जड़ी-बूटियों एवं जैविक उत्पादों को भी वैश्विक पहचान दिलाने में मदद करे। आचार्य बालकृष्ण ने उन्हें इस बारे में आश्वस्त किया कि पतंजलि उत्तराखंड के आर्थिक, आध्यात्मिक गौरव हित में हर संभव अनुसंधानपरक प्रयास करता रहेगा। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने विधान सभा अध्यक्ष को आयुर्वेद सिद्धांत रहस्य पुस्तक सहित अनेक आयुर्वेदिक साहित्य एवं प्राचीनतम पांडुलिपियां भी दिखाई।
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