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पेयजल योजना निर्माण के लिए एक सप्ताह के भीतर धन राशि निर्गत करे कंपनी: डा. रावत
Updated Mon, 14 Aug 2017 10:11 PM IST
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श्रीनगर। क्षेत्र के लिए बनाई जा रही बहुप्रतीक्षित एएचपीसीएल वित्त पोषित ‘श्रीनगर श्रीकोट पौड़ी वैकल्पिक पेयजल योजना’ का कार्य पूरा होने की आस जगी है। इससे श्रीनगर , श्रीकोट और पौड़ी के दो लाख लोगों को
प्यास बुझ सकेगी। स्थानीय विधायक व राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने जलविद्युत परियोजना कंपनी को पेयजल योजना के लिए एक सप्ताह के भीतर धनराशि निर्गत न करने पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।
रविवार देर रात राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने जल विद्युत परियोजना कंपनी प्रशासन के साथ बैठक कर उन्होंने कंपनी को एक सप्ताह के भीतर धनराशि निर्गत करने के निर्देश दिए हैं। श्रीनगर, डांग, ऐठाणा, श्रीकोट, चौरास व पौड़ी क्षेत्र के लिए वर्ष 2010 में एएचपीसीएल वित्त पोषित श्रीनगर पौड़ी वैकल्पिक पेयजल योजना का प्रस्ताव बनाया गया था। योजना का निर्माण जल निगम की ओर से किया जाना था। जबकि निर्माण के लिए धनराशि जल विद्युत परियोजना की ओर से दी जानी थी। वर्ष 2014 में योजना का कार्य प्रारंभ किया गया। कंपनी की ओर से इसके लिए 5 करोड़ की राशि भी दी गई, लेकिन बाद में परियोजना कंपनी की ओर से धनराशि दिए जाने में नानुकर करने से सात वर्षों बाद भी योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। राज्य मंत्री ने कहा कि अगर धनराशि नहीं दी गई तो कंपनी के खिलाफ अनुबंध के तहत काम न करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बैठक में परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी, एसडीएम मायादत्त जोशी, तहसीलदार सुनीलराज, भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
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योजना का 60 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अगर धनराशि मिल जाती है तो योजना का निर्माण कार्य 6 माह में पूरा कर दिया जाएगा। 36 एमएलडी की यह योजना 2 लाख लोगों की प्यास बुझा सकती है।
राकेश चंद्र तिवाड़ी ,अधिशासी अभियंता, जल निगम
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प्यास बुझ सकेगी। स्थानीय विधायक व राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने जलविद्युत परियोजना कंपनी को पेयजल योजना के लिए एक सप्ताह के भीतर धनराशि निर्गत न करने पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।
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रविवार देर रात राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने जल विद्युत परियोजना कंपनी प्रशासन के साथ बैठक कर उन्होंने कंपनी को एक सप्ताह के भीतर धनराशि निर्गत करने के निर्देश दिए हैं। श्रीनगर, डांग, ऐठाणा, श्रीकोट, चौरास व पौड़ी क्षेत्र के लिए वर्ष 2010 में एएचपीसीएल वित्त पोषित श्रीनगर पौड़ी वैकल्पिक पेयजल योजना का प्रस्ताव बनाया गया था। योजना का निर्माण जल निगम की ओर से किया जाना था। जबकि निर्माण के लिए धनराशि जल विद्युत परियोजना की ओर से दी जानी थी। वर्ष 2014 में योजना का कार्य प्रारंभ किया गया। कंपनी की ओर से इसके लिए 5 करोड़ की राशि भी दी गई, लेकिन बाद में परियोजना कंपनी की ओर से धनराशि दिए जाने में नानुकर करने से सात वर्षों बाद भी योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। राज्य मंत्री ने कहा कि अगर धनराशि नहीं दी गई तो कंपनी के खिलाफ अनुबंध के तहत काम न करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बैठक में परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी, एसडीएम मायादत्त जोशी, तहसीलदार सुनीलराज, भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
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योजना का 60 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अगर धनराशि मिल जाती है तो योजना का निर्माण कार्य 6 माह में पूरा कर दिया जाएगा। 36 एमएलडी की यह योजना 2 लाख लोगों की प्यास बुझा सकती है।
राकेश चंद्र तिवाड़ी ,अधिशासी अभियंता, जल निगम