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आज शाम से फिर तेज होगी बमबम भेले की गूंज
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कांवड़ यात्रा के समापन में अब केवल एक सप्ताह शेष रह गया है। देश के अधिकांश भागों में इस बार दो दिन जलाभिषेक होगा। राजस्थान और मध्य प्रदेश में जहां शिवरात्रि के दिन 21 जुलाई को जलाभिषेक किया जाएगा। वहीं अनेक भागों में शिवचौदस के दिन 22 जुलाई को जल चढ़ेगा। अलबत्ता तमाम प्रसिद्ध शिवालयों में 21 जुलाई की शाम से लम्बी-लम्बी कतारें लगने लगेंगी।
शनिवार को एक बार फिर से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया है। दिल्ली और हरियाणा से जबरदस्त आवक हुई है। बरेली और मुरादाबाद मंडलों के कांवड़िए पहले ही जल भरने के लिए पहुंच गए थे। शनिवार से आगरा मंडल से आए कांवड़ियों का भी जमावड़ा होने लगा है। रविवार को पंचक हटते ही कांवड़ यात्रा के सर्वाधिक जोरदार दौर शुरू हो जाएगा। इस दौर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली को बोलबाला रहेगा। अनुमान है कि गाजियाबाद और बुलंदशहर के कांवड़िए रविवार को पहुंचेंगे और रात से ही कांवड़ उठाना शुरू कर देंगे।
एक बार फिर से हरिद्वार की धर्मशाला और आश्रम भर गए हैं। पंचकों के कारण वापसी भले कम चल रही हो, लेकिन आगमन बहुत है। निजी वाहनों से बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही रेल ौर सरकारी बसों से भी कांवड़ियों का आगमन हो रहा है। शनिवार को विभिन्न भागों से डाक वाहन भी नए सिरे से आने लगे हैं। अब तक राजस्थान और मध्य प्रदेश से ही डाक वाहन आए थे जो लौट गए। अलबत्ता घंटों में बंधी डाक कांवड़ अभी आखिरी चार दिनों में आएगी। मोटर साइकिलों और साइकिलों पर कांवड़ियों का आगमन शुरू होने वाला है। यद्यपि दो दिन पहले दूर दराज से ही अच्छी संख्या में ही मोटर साइकिल सवार डाक कांवड़ियां पहुंचे थे, अब उनकी वापसी हो गई है।
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रविवार की शाम पंचक हटते ही बम-बम का शोर एक बार फिर से तेज हो जाएगा। अब तक कांवड़िए हरकी पैड़ी के मालवीय द्वीप और सुभाषघाट पर ही कांवड़ों का पूजन कराकर लौटते थे। अब रोड़ीबेलवाला मैदान में भी पूजन कराने के लिए पंडितों की कतार लग गई है। रोडी मैदान में लाखों कांवड़ियों के डेरे लगे हैं। बनी बनाई कांवड़ियों की अधिकांश खरीदारी रोड़ी और पंतद्वीप के कांवड़ बाजारों में हो रही है। अलबत्ता अपर रोड पर स्थिति सामान्य है। इस मार्ग पर ही कांवड़ बाजार सजा हुआ है, जहां खरीदारी लगातार चल रही है। मायादेवी के मैदान में कांवड़ सामग्री बेचने के लिए अनेक व्यापारी आ गए हैं, चूंकि मेरठ मंडल के कांवड़िये बड़ी-बड़ी सजावटी कांवड़ भी लेकर जाते हैं। कांवड़ बनाने वाले कारीगर भी मायादेवी मैदान पहुंच चुके हैं।
हरिद्वार।
कांवड़ यात्रा के समापन में अब केवल एक सप्ताह शेष रह गया है। देश के अधिकांश भागों में इस बार दो दिन जलाभिषेक होगा। राजस्थान और मध्य प्रदेश में जहां शिवरात्रि के दिन 21 जुलाई को जलाभिषेक किया जाएगा। वहीं अनेक भागों में शिवचौदस के दिन 22 जुलाई को जल चढ़ेगा। अलबत्ता तमाम प्रसिद्ध शिवालयों में 21 जुलाई की शाम से लम्बी-लम्बी कतारें लगने लगेंगी।
शनिवार को एक बार फिर से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया है। दिल्ली और हरियाणा से जबरदस्त आवक हुई है। बरेली और मुरादाबाद मंडलों के कांवड़िए पहले ही जल भरने के लिए पहुंच गए थे। शनिवार से आगरा मंडल से आए कांवड़ियों का भी जमावड़ा होने लगा है। रविवार को पंचक हटते ही कांवड़ यात्रा के सर्वाधिक जोरदार दौर शुरू हो जाएगा। इस दौर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली को बोलबाला रहेगा। अनुमान है कि गाजियाबाद और बुलंदशहर के कांवड़िए रविवार को पहुंचेंगे और रात से ही कांवड़ उठाना शुरू कर देंगे।
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एक बार फिर से हरिद्वार की धर्मशाला और आश्रम भर गए हैं। पंचकों के कारण वापसी भले कम चल रही हो, लेकिन आगमन बहुत है। निजी वाहनों से बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही रेल ौर सरकारी बसों से भी कांवड़ियों का आगमन हो रहा है। शनिवार को विभिन्न भागों से डाक वाहन भी नए सिरे से आने लगे हैं। अब तक राजस्थान और मध्य प्रदेश से ही डाक वाहन आए थे जो लौट गए। अलबत्ता घंटों में बंधी डाक कांवड़ अभी आखिरी चार दिनों में आएगी। मोटर साइकिलों और साइकिलों पर कांवड़ियों का आगमन शुरू होने वाला है। यद्यपि दो दिन पहले दूर दराज से ही अच्छी संख्या में ही मोटर साइकिल सवार डाक कांवड़ियां पहुंचे थे, अब उनकी वापसी हो गई है।
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रविवार की शाम पंचक हटते ही बम-बम का शोर एक बार फिर से तेज हो जाएगा। अब तक कांवड़िए हरकी पैड़ी के मालवीय द्वीप और सुभाषघाट पर ही कांवड़ों का पूजन कराकर लौटते थे। अब रोड़ीबेलवाला मैदान में भी पूजन कराने के लिए पंडितों की कतार लग गई है। रोडी मैदान में लाखों कांवड़ियों के डेरे लगे हैं। बनी बनाई कांवड़ियों की अधिकांश खरीदारी रोड़ी और पंतद्वीप के कांवड़ बाजारों में हो रही है। अलबत्ता अपर रोड पर स्थिति सामान्य है। इस मार्ग पर ही कांवड़ बाजार सजा हुआ है, जहां खरीदारी लगातार चल रही है। मायादेवी के मैदान में कांवड़ सामग्री बेचने के लिए अनेक व्यापारी आ गए हैं, चूंकि मेरठ मंडल के कांवड़िये बड़ी-बड़ी सजावटी कांवड़ भी लेकर जाते हैं। कांवड़ बनाने वाले कारीगर भी मायादेवी मैदान पहुंच चुके हैं।