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प्री-पीएचडी के बाद अब पीजी प्रवेश परीक्षा पर भी उठे सवाल
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:35 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि की प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा के बाद अब छात्रों ने पीजी प्रवेश परीक्षा पर सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि पीजी प्रवेश परीक्षा में टॉप 100 छात्रों में से करीब 75 छात्र एक ही परीक्षा केंद्र से हैं। छात्रों ने परीक्षा परिणाम की जांच किए जाने की मांग की है।
गढ़वाल विवि की पीजी प्रवेश परीक्षा पांच जून से आठ जून तक आयोजित की गई थी। प्रवेश परीक्षा का परिणाम कुछ दिन पूर्व घोषित किया गया था। आइसा छात्र संगठन ने परीक्षा परिणाम पर सवाल उठाए हैं। आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती ने कहा कि परीक्षा में टॉप 100 छात्रों में से करीब 75 फीसदी छात्र देहरादून स्थित एक ही परीक्षा केंद्र के हैं। छात्रों ने इस परीक्षा केंद्र पर नकल कराए जाने का भी आरोप लगाया है। सती का कहना है कि इस परीक्षा केंद्र पर पिछले वर्ष भी यही स्थिति थी। आइसा ने इस संबध में डीएसडब्ल्यू प्रो. जेपी पचौरी को ज्ञापन सौंपा है। छात्रों की मांग है कि उक्त प्रकरण की जांच की जाए। जांच पूरी होने तक काउंसिलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। छात्र विवि की प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा में भी नकल कराए जाने का आरोप लगा चुके हैं। वहीं विवि के पीजी प्रवेश परीक्षा संयोजक प्रो. पी प्रसाद ने बताया कि परीक्षा के आयोजन में पूरी गंभीरता बरती गई है। फिर भी छात्रों की शिकायत पर विचार किया जाएगा।
गढ़वाल विवि की पीजी प्रवेश परीक्षा पांच जून से आठ जून तक आयोजित की गई थी। प्रवेश परीक्षा का परिणाम कुछ दिन पूर्व घोषित किया गया था। आइसा छात्र संगठन ने परीक्षा परिणाम पर सवाल उठाए हैं। आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती ने कहा कि परीक्षा में टॉप 100 छात्रों में से करीब 75 फीसदी छात्र देहरादून स्थित एक ही परीक्षा केंद्र के हैं। छात्रों ने इस परीक्षा केंद्र पर नकल कराए जाने का भी आरोप लगाया है। सती का कहना है कि इस परीक्षा केंद्र पर पिछले वर्ष भी यही स्थिति थी। आइसा ने इस संबध में डीएसडब्ल्यू प्रो. जेपी पचौरी को ज्ञापन सौंपा है। छात्रों की मांग है कि उक्त प्रकरण की जांच की जाए। जांच पूरी होने तक काउंसिलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। छात्र विवि की प्री-पीएचडी प्रवेश परीक्षा में भी नकल कराए जाने का आरोप लगा चुके हैं। वहीं विवि के पीजी प्रवेश परीक्षा संयोजक प्रो. पी प्रसाद ने बताया कि परीक्षा के आयोजन में पूरी गंभीरता बरती गई है। फिर भी छात्रों की शिकायत पर विचार किया जाएगा।
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