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नवरात्र : शुभ मुहूर्त में करें घट स्थापना
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:00 AM IST
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नवरात्र : शुभ मुहूर्त में करें घट स्थापना
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
चैत्र नवरात्र 18 मार्च से शुरू हो रहे हैं। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नवरात्र में घट स्थापना का विशेष महत्व है। घट स्थापना से नौ दिन के उत्सव का शुभारंभ हो जाता है। शास्त्रों में घट स्थापना के नियमों को विशेष रूप से वर्णित किया गया है।
आचार्य डॉ. संतोष खंडूडी के मुताबिक घट स्थापना का मुहूर्त प्रतिपदा तिथि में दिन के पहले एक-तिहाई भाग में सबसे उपयुक्त होता है। कुछ कारणों से यदि मुहूर्त इस समय उपलब्ध नहीं होता तो घट स्थापना अभिजीत मुहूर्त के दौरान ही सर्वोत्तम मुहूर्त माना जाता है। इस अवधि में आहार, विहार व्यवहार, विचार शुद्ध रखने चाहिए, जिस कारण किसी भी बीमारी और अन्य कष्टों का सामना न करना पडे़। नवरात्र नियम और संयम सिखाते हैं। नवरात्र के उपवास से सर्वांगीण विकास होता है।
ज्योतिषाचार्य गौरव आर्य के अनुसार घट स्थापना निश्चित अवधि के दौरान मुहूर्त देख कर ही की जानी चाहिए। घट स्थापना से भगवती दुर्गा का आह्वान किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार गलत समय पर किया जाने वाला आह्वान देवी शक्ति का क्रोधित कर प्रकोप ला सकता है। घट स्थापना के लिए अमावस्या तिथि और रात्रि का समय निषिद्ध है।
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घट स्थापना मुहूर्त
प्रथम मुहूर्त : 06.27 से 10.26 तक वृष लग्न में
द्वितीय मुहूर्त : अभिजीत मुहूर्त -11.59 से 12.41 तक मिथुन लग्न में
घट स्थापना मुहूर्त द्वि-स्वभाव मीन लग्न के दौरान
प्रतिपदा तिथि
17 मार्च को शाम 06:41 बजे से 18 मार्च 06.01 बजे तक।
नवरात्र घट स्थापना का पंचांग
घट स्थापना पूजा के दिन का अभिजीत मुहूर्त
घट स्थापना पूजा के दिन का चौघड़िया मुहूर्त
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
चैत्र नवरात्र 18 मार्च से शुरू हो रहे हैं। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नवरात्र में घट स्थापना का विशेष महत्व है। घट स्थापना से नौ दिन के उत्सव का शुभारंभ हो जाता है। शास्त्रों में घट स्थापना के नियमों को विशेष रूप से वर्णित किया गया है।
आचार्य डॉ. संतोष खंडूडी के मुताबिक घट स्थापना का मुहूर्त प्रतिपदा तिथि में दिन के पहले एक-तिहाई भाग में सबसे उपयुक्त होता है। कुछ कारणों से यदि मुहूर्त इस समय उपलब्ध नहीं होता तो घट स्थापना अभिजीत मुहूर्त के दौरान ही सर्वोत्तम मुहूर्त माना जाता है। इस अवधि में आहार, विहार व्यवहार, विचार शुद्ध रखने चाहिए, जिस कारण किसी भी बीमारी और अन्य कष्टों का सामना न करना पडे़। नवरात्र नियम और संयम सिखाते हैं। नवरात्र के उपवास से सर्वांगीण विकास होता है।
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ज्योतिषाचार्य गौरव आर्य के अनुसार घट स्थापना निश्चित अवधि के दौरान मुहूर्त देख कर ही की जानी चाहिए। घट स्थापना से भगवती दुर्गा का आह्वान किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार गलत समय पर किया जाने वाला आह्वान देवी शक्ति का क्रोधित कर प्रकोप ला सकता है। घट स्थापना के लिए अमावस्या तिथि और रात्रि का समय निषिद्ध है।
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घट स्थापना मुहूर्त
प्रथम मुहूर्त : 06.27 से 10.26 तक वृष लग्न में
द्वितीय मुहूर्त : अभिजीत मुहूर्त -11.59 से 12.41 तक मिथुन लग्न में
घट स्थापना मुहूर्त द्वि-स्वभाव मीन लग्न के दौरान
प्रतिपदा तिथि
17 मार्च को शाम 06:41 बजे से 18 मार्च 06.01 बजे तक।
नवरात्र घट स्थापना का पंचांग
घट स्थापना पूजा के दिन का अभिजीत मुहूर्त
घट स्थापना पूजा के दिन का चौघड़िया मुहूर्त