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छह किमी पैदल चलने को मजबूर हैं ग्रामीण

Wed, 28 Jun 2017 10:31 PM IST
Updated Wed, 28 Jun 2017 10:31 PM IST
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छह किमी पैदल चलने को मजबूर हैं ग्रामीण

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कर्णप्रयाग। ब्लाक के घतौड़ा, त्रिकोट, ऋषिवाड़ी और पैंखोली आदि गांवों में सड़क सुविधा न होने से ग्रामीण छह किमी से अधिक पैदल दूरी नापने को मजबूर हैं। गांवों के लिए सात साल पहले सड़क की स्वीकृति तो मिली, लेकिन वन विभाग की स्वीकृति न मिलने से सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। बुधवार को तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने एसडीएम को समस्या बताई। उन्होंने कहा कि सड़क की विधिवत स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू न होने पर एक सप्ताह में आमरण अनशन करने की चेतावनी दी।

ज्येष्ठ उपप्रमुख गौतम मिंगवाल, प्रधान लक्ष्मण सिंह आदि के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2007-08 में कोटी बैंड से घतोड़ा तक शासन से 6 किमी मोटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति मिली थी। वर्ष 2010 में जिला योजना के तहत कार्यदाई विभाग लोनिवि ने कर्णप्रयाग से एक किमी तक सड़क निर्माण किया था, लेकिन सात साल बाद भी एक किमी से आगे काम नहीं हो पाया। यही नहीं पैंखोली गांव के लिए बगोली-कोटी सड़क फाइलों में बंद है। जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष शशिकला देवी, सुनीता देवी, जगदीश सती, आरती देवी, नंदन सिंह, दीपक नैनवाल, शांति प्रसाद नैनवाल आदि ने कहा यदि जल्द मार्ग निर्माण शुरू न हुआ तो आमरण अनशन करेंगे। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए एसडीएम केएन गोस्वामी ने लोनिवि के ईई जेपी रतूड़ी को तहसील बुलाकर ग्रामीणों के साथ वार्ता की। ईई जेपी रतूड़ी ने बताया कि सड़क का मामला वन विभाग में लंबित है। एसडीएम केएन गोस्वामी ने डीएफओ से फोन पर वार्ता करते हुए मामले की जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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