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अगले साल से बदल जाएगा एमबीबीएस का सिलेबस
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:24 AM IST
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अगले साल से बदल जाएगा एमबीबीएस का सिलेबस
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। देश में अगले वर्ष से एमबीबीएस का सिलेबस बदलने जा रहा है। यह बदलाव 21 साल के बाद किया जा रहा है। सिलेबस से कई चैप्टर हटाए जा रहे हैं तो कई नई बीमारियों के चैप्टर शामिल होने जा रहे हैं। खास बात यह भी है कि अब तीसरे वर्ष के बजाय प्रथम वर्ष से ही छात्र, अस्पताल में प्रैक्टिस शुरू कर देंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने नए सिलेबस के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है।
एमसीआई की ओर से वर्ष 1997 में एमबीबीएस का सिलेबस बदला गया था। तब से सिलेबस बदलने की मांग उठती आ रही थी। अब देश के नामी चिकित्सकों की मदद से एमसीआई ने नया सिलेबस तैयार कर लिया है। सितंबर में यह सिलेबस लांच किया जा रहा है। इसके लिए एमसीआई की ओर से देशभर में मेडिकल कॉलेजों के 40 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। एमसीआई ने शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू भी कर दिया है।
सत्र 2019-20 से नया सिलेबस छात्र छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। खास बात यह है कि अभी तक छात्रों को तृतीय वर्ष से हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करने का मौका मिलता था लेकिन अब प्रथम वर्ष से ही वे पढ़ाई के साथ अस्पताल में प्रैक्टिस शुरू कर देंगे। सिलेबस से वह सभी टॉपिक्स हटाए जा रहे हैं, जो कि वर्तमान समय के हिसाब से जरूरी नहीं हैं। कई नई बीमारियों को भी सिलेबस में जगह दी जा रही है। जैसे अभी तक अगर आप अपर लिंब पढ़ते थे तो इससे जुड़े हुए दूसरे टॉपिक्स जैसे एनाटमी, फिजियोलॉजी, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स। इनको अलग अलग वर्ष में पढ़ाया जा रहा था, जो कि एक तरह का रीपिटेशन था। इसकी छंटनी कर दी गई है।
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कोट . ..
एमसीआई की ओर से नया सिलेबस तैयार किया गया है। यह सिलेबस अगले महीने लांच होने के साथ ही हम अपने सभी कॉलेजों में शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू करा देंगे। नए सिलेबस को व्यवहारिकता के हिसाब से तैयार किया गया है। एमसीआई के स्तर से प्रशिक्षण शुरू किया जा चुका है।
- प्रो. विजय जुयाल, कुलसचिव, एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी
हमारे करीब 15 शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। एमसीआई के निर्देशानुसार हम एमसीआई के नए सिलेबस पर काम कर रहे हैं। अगले सत्र से यही सिलेबस पढ़ाया जाना है।
- डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। देश में अगले वर्ष से एमबीबीएस का सिलेबस बदलने जा रहा है। यह बदलाव 21 साल के बाद किया जा रहा है। सिलेबस से कई चैप्टर हटाए जा रहे हैं तो कई नई बीमारियों के चैप्टर शामिल होने जा रहे हैं। खास बात यह भी है कि अब तीसरे वर्ष के बजाय प्रथम वर्ष से ही छात्र, अस्पताल में प्रैक्टिस शुरू कर देंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने नए सिलेबस के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है।
एमसीआई की ओर से वर्ष 1997 में एमबीबीएस का सिलेबस बदला गया था। तब से सिलेबस बदलने की मांग उठती आ रही थी। अब देश के नामी चिकित्सकों की मदद से एमसीआई ने नया सिलेबस तैयार कर लिया है। सितंबर में यह सिलेबस लांच किया जा रहा है। इसके लिए एमसीआई की ओर से देशभर में मेडिकल कॉलेजों के 40 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। एमसीआई ने शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू भी कर दिया है।
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सत्र 2019-20 से नया सिलेबस छात्र छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। खास बात यह है कि अभी तक छात्रों को तृतीय वर्ष से हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करने का मौका मिलता था लेकिन अब प्रथम वर्ष से ही वे पढ़ाई के साथ अस्पताल में प्रैक्टिस शुरू कर देंगे। सिलेबस से वह सभी टॉपिक्स हटाए जा रहे हैं, जो कि वर्तमान समय के हिसाब से जरूरी नहीं हैं। कई नई बीमारियों को भी सिलेबस में जगह दी जा रही है। जैसे अभी तक अगर आप अपर लिंब पढ़ते थे तो इससे जुड़े हुए दूसरे टॉपिक्स जैसे एनाटमी, फिजियोलॉजी, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स। इनको अलग अलग वर्ष में पढ़ाया जा रहा था, जो कि एक तरह का रीपिटेशन था। इसकी छंटनी कर दी गई है।
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एमसीआई की ओर से नया सिलेबस तैयार किया गया है। यह सिलेबस अगले महीने लांच होने के साथ ही हम अपने सभी कॉलेजों में शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू करा देंगे। नए सिलेबस को व्यवहारिकता के हिसाब से तैयार किया गया है। एमसीआई के स्तर से प्रशिक्षण शुरू किया जा चुका है।
- प्रो. विजय जुयाल, कुलसचिव, एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी
हमारे करीब 15 शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। एमसीआई के निर्देशानुसार हम एमसीआई के नए सिलेबस पर काम कर रहे हैं। अगले सत्र से यही सिलेबस पढ़ाया जाना है।
- डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज