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बिल्डरों और फ्लैट मालिकों से टैक्स वसूलेगा निगम
Updated Tue, 02 Jan 2018 02:17 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
नगर निगम अब बिल्डरों-फ्लैट मालिकों से हाउस टैक्स वसूलेगा। निगम ने फ्लैट बनने के बाद से वर्तमान तक का हाउस टैक्स वसूलने का फैसला लिया है। टैक्स इंस्पेक्टरों ने नगर निगम क्षेत्र में बने फ्लैटों का चिह्नित भी कर लिया है। प्रोजेक्ट की संख्या करीब 50 है। जिनके करीब 500 फ्लैटों मालिकों ने10 लाख रुपये से अधिक का हाउस टैक्स जमा नहीं कराया है।
बीते दिनों नगर निगम की ओर से कर अधीक्षक ने सर्वे किया था। जिसमें नगर निगम क्षेत्र में छोटे-बड़े करीब 50 प्रोजेक्ट सामने आए हैं। जिनमें करीब 500 फ्लैट स्वामी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक हाउस टैक्स जमा नहीं कराया गया है। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत हाउस टैक्स लगाए गए समय को लेकर है। जिसके चलते अधिकतर बिल्डर और फ्लैट मालिकों ने टैक्स जमा नहीं कराया है। नगर निगम को इससे करीब 10 लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान हो रहा है। नगर निगम ने फ्लैट मालिक तथा बिल्डरों को 31 जनवरी तक की मोहलत दी है। इसके बाद हाउस टैक्स जमा कराने वालों से टैक्स के साथ ही जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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इस वजह से आ रही दिक्कत
उदाहरण के तौर पर मान लें कि एक बिल्डर ने 20 फ्लैट बनाए हैं, जिनमें से 10 बिक गए और 10 उसके पास हैं। नगर निगम ने उनके पास मौजूद फ्लैटों पर हाउस टैक्स लगा दिया। लेकिन, बाद में फ्लैट बिकने पर बिल्डर हाउस टैक्स देने से इंकार कर दे रहे हैं। वे कहते हैं कि फ्लैट मालिक हाउस टैक्स देगा। वहीं, फ्लैट खरीदने वाले के अनुसार खरीदने से पूर्व का भुगतान बिल्डर को करना चाहिए। जिसके चलते नगर निगम को राजस्व का नुकसान होता है। जिसे देखते हुए निगम ने सख्त कदम उठाए हैं।
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यह है नियम
नगर निगम एक्ट 3 के उपनियम (1) और (3) के अधीन नियत समय के भीतर विवरण नहीं देने पर नगर आयुक्त या उसके द्वारा निमित्त प्राधिकृत अधिकारी जुर्माना लगा सकता है। जिसमें भूखंड के क्षेत्रफल 50, 200 तथा 400 वर्ग मीटर तक या इससे अधिक होने पर क्रमश: 100, 1000, 5000 तथा 15000 रुपये तक का जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। 30 दिन के देरी की स्थिति में जुर्माने का पांच प्रतिशत विलंब शुल्क जमा किया जाएगा।
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जिस समय से हाउस टैक्स लगा है, उस समय जो भी मालिक होगा उससे हाउस टैक्स वसूला जाएगा। इसमें किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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नगर निगम अब बिल्डरों-फ्लैट मालिकों से हाउस टैक्स वसूलेगा। निगम ने फ्लैट बनने के बाद से वर्तमान तक का हाउस टैक्स वसूलने का फैसला लिया है। टैक्स इंस्पेक्टरों ने नगर निगम क्षेत्र में बने फ्लैटों का चिह्नित भी कर लिया है। प्रोजेक्ट की संख्या करीब 50 है। जिनके करीब 500 फ्लैटों मालिकों ने10 लाख रुपये से अधिक का हाउस टैक्स जमा नहीं कराया है।
बीते दिनों नगर निगम की ओर से कर अधीक्षक ने सर्वे किया था। जिसमें नगर निगम क्षेत्र में छोटे-बड़े करीब 50 प्रोजेक्ट सामने आए हैं। जिनमें करीब 500 फ्लैट स्वामी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक हाउस टैक्स जमा नहीं कराया गया है। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत हाउस टैक्स लगाए गए समय को लेकर है। जिसके चलते अधिकतर बिल्डर और फ्लैट मालिकों ने टैक्स जमा नहीं कराया है। नगर निगम को इससे करीब 10 लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान हो रहा है। नगर निगम ने फ्लैट मालिक तथा बिल्डरों को 31 जनवरी तक की मोहलत दी है। इसके बाद हाउस टैक्स जमा कराने वालों से टैक्स के साथ ही जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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इस वजह से आ रही दिक्कत
उदाहरण के तौर पर मान लें कि एक बिल्डर ने 20 फ्लैट बनाए हैं, जिनमें से 10 बिक गए और 10 उसके पास हैं। नगर निगम ने उनके पास मौजूद फ्लैटों पर हाउस टैक्स लगा दिया। लेकिन, बाद में फ्लैट बिकने पर बिल्डर हाउस टैक्स देने से इंकार कर दे रहे हैं। वे कहते हैं कि फ्लैट मालिक हाउस टैक्स देगा। वहीं, फ्लैट खरीदने वाले के अनुसार खरीदने से पूर्व का भुगतान बिल्डर को करना चाहिए। जिसके चलते नगर निगम को राजस्व का नुकसान होता है। जिसे देखते हुए निगम ने सख्त कदम उठाए हैं।
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यह है नियम
नगर निगम एक्ट 3 के उपनियम (1) और (3) के अधीन नियत समय के भीतर विवरण नहीं देने पर नगर आयुक्त या उसके द्वारा निमित्त प्राधिकृत अधिकारी जुर्माना लगा सकता है। जिसमें भूखंड के क्षेत्रफल 50, 200 तथा 400 वर्ग मीटर तक या इससे अधिक होने पर क्रमश: 100, 1000, 5000 तथा 15000 रुपये तक का जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। 30 दिन के देरी की स्थिति में जुर्माने का पांच प्रतिशत विलंब शुल्क जमा किया जाएगा।
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जिस समय से हाउस टैक्स लगा है, उस समय जो भी मालिक होगा उससे हाउस टैक्स वसूला जाएगा। इसमें किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त