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फोटो::::: मानवता ही सच्चा धर्म है : सुदीक्षा
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गद्दी संभालने के बाद पहली बार मसूरी पहुंचीं सतगुरु सुदीक्षा ने कहा कि मानवता की माला प्रभु परमात्मा रूपी धागे के बिना असंभव है। हम केवल इंसान हैं और पूरी मानवता के कल्याण के लिए है। निरंकारी मिशन मानवता की सेवा भक्ति-भाव से करता है।
हरिद्वार रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को आयोजित संत समागम में हजारों अनुयायियों ने सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज के दर्शन किए। इस अवसर पर माता सुदीक्षा ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह महाराज ने जो प्यार यहां दिया है आज वही दिव्य नजारा आपकी गरिमामय उपस्थिति से नजर आ रहा है। बाबा ने हमेशा प्यार ही बांटा और प्यार ही करना सिखाया। हम इसी तरह से आपसी प्यार से बाबा जी के सपनों को साकार करें। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा जितनी भी की जाय बहुत कम है। आज संसार में अज्ञानता रूपी अंधेरा फैला हुआ है। इसी अज्ञानता के अंधेरे को ज्ञान रूपी उजाले से ही मिटाया जा सकता है। जैसे जला हुए एक दीपक से दूसरे को उजाला प्रदान करता है। वैसे ही जब मनुष्य की बुद्धि, विवेक, चेतना, ब्रह्मज्ञान से जागृत हो जाती है तो वह परोपकार में उपयोग होना प्रारंभ हो जाता है। लड़ाई-झगड़े, शिकवे-शिकायत से दूर होकर दया, करुणा, प्रेम, नम्रता के दिव्य गुण को जीवन में प्रकट करने लगता है। सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आगमन पर बाल संगत का बैंड ने स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विजय रावत ने किया। समागम में विकास नगर, सेलाकुई, बालावाला, डोईवाला, ऋषिकेश, रुड़की, हरिद्वार, टिहरी, सहसपुर एवं आसपास के सभी संगतों ने भाग लिया। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, स्थानीय संयोजक कलम सिंह रावत व जोनल इंचार्ज मसूरी जोन हरभजन सिंह, कमेटी मेंबर नरेश विरमानी आदि मौजूद रहे।
संत समागम में उमड़ा जन सैलाब
समागम में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी से हजारों की संख्या में अनुयायी शामिल हुए। माता सुदीक्षा के दर्शन करने के लिए दोपहर से ही सत्संग भवन के बाहर भक्तों की लाइन लग गई थी। निरंकारी सेवा दल के सदस्यों ने व्यवस्था अपने हाथों में रखी और एक-एक अनुयायी को माता सुदीक्षा के दर्शन कराए।
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अनुयायियों ने चखा लंगर का स्वाद
समागम में अनुयायियों के लिए लंगर का आयोजन किया गया। निरंकारी सेवादल के सदस्यों ने अनुयायियों को सब्जी, रोटी के पैकेट और पानी की बोतलें वितरित कीं। इसके साथ ही यातायात, पार्किंग व्यवस्थाएं बनाए रखने में सेवादार जुटे रहे।
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
संत समागम के दौरान दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से आए गायकों ने भजन सुनाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायकों ने मानव को मानव हो प्यारा, एक दूजे बने सहारा... नौ जवानों को सतगुरु ने फिर से बुलाया है, सोई शक्ति को फिर जगाया है... दीवार रहित संसार बनाएं, आपस में सब प्यार बढ़ाये आदि संदेशों से संगतों को निहाल किया।
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गद्दी संभालने के बाद पहली बार मसूरी पहुंचीं सतगुरु सुदीक्षा ने कहा कि मानवता की माला प्रभु परमात्मा रूपी धागे के बिना असंभव है। हम केवल इंसान हैं और पूरी मानवता के कल्याण के लिए है। निरंकारी मिशन मानवता की सेवा भक्ति-भाव से करता है।
हरिद्वार रोड स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को आयोजित संत समागम में हजारों अनुयायियों ने सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज के दर्शन किए। इस अवसर पर माता सुदीक्षा ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह महाराज ने जो प्यार यहां दिया है आज वही दिव्य नजारा आपकी गरिमामय उपस्थिति से नजर आ रहा है। बाबा ने हमेशा प्यार ही बांटा और प्यार ही करना सिखाया। हम इसी तरह से आपसी प्यार से बाबा जी के सपनों को साकार करें। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा जितनी भी की जाय बहुत कम है। आज संसार में अज्ञानता रूपी अंधेरा फैला हुआ है। इसी अज्ञानता के अंधेरे को ज्ञान रूपी उजाले से ही मिटाया जा सकता है। जैसे जला हुए एक दीपक से दूसरे को उजाला प्रदान करता है। वैसे ही जब मनुष्य की बुद्धि, विवेक, चेतना, ब्रह्मज्ञान से जागृत हो जाती है तो वह परोपकार में उपयोग होना प्रारंभ हो जाता है। लड़ाई-झगड़े, शिकवे-शिकायत से दूर होकर दया, करुणा, प्रेम, नम्रता के दिव्य गुण को जीवन में प्रकट करने लगता है। सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आगमन पर बाल संगत का बैंड ने स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विजय रावत ने किया। समागम में विकास नगर, सेलाकुई, बालावाला, डोईवाला, ऋषिकेश, रुड़की, हरिद्वार, टिहरी, सहसपुर एवं आसपास के सभी संगतों ने भाग लिया। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, स्थानीय संयोजक कलम सिंह रावत व जोनल इंचार्ज मसूरी जोन हरभजन सिंह, कमेटी मेंबर नरेश विरमानी आदि मौजूद रहे।
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संत समागम में उमड़ा जन सैलाब
समागम में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी से हजारों की संख्या में अनुयायी शामिल हुए। माता सुदीक्षा के दर्शन करने के लिए दोपहर से ही सत्संग भवन के बाहर भक्तों की लाइन लग गई थी। निरंकारी सेवा दल के सदस्यों ने व्यवस्था अपने हाथों में रखी और एक-एक अनुयायी को माता सुदीक्षा के दर्शन कराए।
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अनुयायियों ने चखा लंगर का स्वाद
समागम में अनुयायियों के लिए लंगर का आयोजन किया गया। निरंकारी सेवादल के सदस्यों ने अनुयायियों को सब्जी, रोटी के पैकेट और पानी की बोतलें वितरित कीं। इसके साथ ही यातायात, पार्किंग व्यवस्थाएं बनाए रखने में सेवादार जुटे रहे।
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
संत समागम के दौरान दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से आए गायकों ने भजन सुनाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायकों ने मानव को मानव हो प्यारा, एक दूजे बने सहारा... नौ जवानों को सतगुरु ने फिर से बुलाया है, सोई शक्ति को फिर जगाया है... दीवार रहित संसार बनाएं, आपस में सब प्यार बढ़ाये आदि संदेशों से संगतों को निहाल किया।