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एनर्जी एक्सचेंज की महंगी दरों ने बढ़ायी यूपीसीएल अफसरों की मुसीबत
Updated Fri, 25 May 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
बढ़ते तापमान की वजह न सिर्फ आम आदमी वरन यूपीसीएल अफसरों की भी मुसीबत बढ़ गई है। बिजली की बढ़ी खपत के बीच एनर्जी एक्सचेंज द्वारा बिजली की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि से यूपीसीएल के अफसर परेशान हैं।
यूपीसीएल के अफसरों की मानें तो गर्मी बढ़ने से राज्य में प्रतिदिन सात मिलियन यूनिट बिजली की खपत हो रही है। जबकि यूपीसीएल राज्य में उत्पादित बिजली के साथ ही केंद्र के एनर्जी एक्सचेंज या फिर सेंट्रल पूल से बिजली खरीदने के बाद कुल मिलाकर छह मिलियन यूनिट बिजली जुटा पा रहा है। ऐसे में एक मिलियन यूनिट बिजली कमी भारी पड़ रही है।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि यूपीसीएल की ओर से छह मिलियन यूनिट बिजली की व्यवस्था की जा रही है। एक मिलियन यूनिट बिजली कम पड़ रही है। इस संबंध में एनर्जी एक्सचेंज के आला अफसरों से वार्ता हुई है, लेकिन एनर्जी एक्सचेंज 11.78 रुपये प्रति यूनिट बिजली देने की बात कर रहा है। इतनी महंगी बिजली खरीदना यूपीसीएल के बस में नहीं है। इसके अलावा पहाड़ों पर बर्फ न होने और नदियों का जलस्तर घटने की वजह से हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन कम हो रहा है। ऐसे में थोड़े-थोड़े अंतराल के लिए रोस्टिंग के जरिये बिजली आपूर्ति की जा रही है। हालांकि राजधानी समेत सभी शहरों में 24 घंटे आपूर्ति को बहाल रखा गया है।
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लो वोल्टेज ने भी बढ़ाई मुसीबत
बिजली के कम उत्पादन के साथ ही लो वोल्टेज की समस्या भी हो रही है। यूपीसीएल अफसरों की मानें तो 132केवीए के सापेक्ष 118केवीए वोल्टेज मिल रहा है जो अपने आप में काफी कम है।
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बढ़ते तापमान की वजह न सिर्फ आम आदमी वरन यूपीसीएल अफसरों की भी मुसीबत बढ़ गई है। बिजली की बढ़ी खपत के बीच एनर्जी एक्सचेंज द्वारा बिजली की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि से यूपीसीएल के अफसर परेशान हैं।
यूपीसीएल के अफसरों की मानें तो गर्मी बढ़ने से राज्य में प्रतिदिन सात मिलियन यूनिट बिजली की खपत हो रही है। जबकि यूपीसीएल राज्य में उत्पादित बिजली के साथ ही केंद्र के एनर्जी एक्सचेंज या फिर सेंट्रल पूल से बिजली खरीदने के बाद कुल मिलाकर छह मिलियन यूनिट बिजली जुटा पा रहा है। ऐसे में एक मिलियन यूनिट बिजली कमी भारी पड़ रही है।
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यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि यूपीसीएल की ओर से छह मिलियन यूनिट बिजली की व्यवस्था की जा रही है। एक मिलियन यूनिट बिजली कम पड़ रही है। इस संबंध में एनर्जी एक्सचेंज के आला अफसरों से वार्ता हुई है, लेकिन एनर्जी एक्सचेंज 11.78 रुपये प्रति यूनिट बिजली देने की बात कर रहा है। इतनी महंगी बिजली खरीदना यूपीसीएल के बस में नहीं है। इसके अलावा पहाड़ों पर बर्फ न होने और नदियों का जलस्तर घटने की वजह से हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन कम हो रहा है। ऐसे में थोड़े-थोड़े अंतराल के लिए रोस्टिंग के जरिये बिजली आपूर्ति की जा रही है। हालांकि राजधानी समेत सभी शहरों में 24 घंटे आपूर्ति को बहाल रखा गया है।
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लो वोल्टेज ने भी बढ़ाई मुसीबत
बिजली के कम उत्पादन के साथ ही लो वोल्टेज की समस्या भी हो रही है। यूपीसीएल अफसरों की मानें तो 132केवीए के सापेक्ष 118केवीए वोल्टेज मिल रहा है जो अपने आप में काफी कम है।