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उपनलकर्मियों की हड़ताल से बढ़ीं मरीजों की दिक्कत
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ देहरादून।
उपनलकर्मियों की हड़ताल के कारण दून अस्पताल में मरीजों की दिक्कत बढ़ गई हैं। रजिस्ट्रेशन और बिलिंग के लिए स्थाई कर्मचारियों को तैनाती के बाद भी कोई खास राहत नहीं मिली। पैथोलॉजी जांच और रिपोर्ट लेने के लिए मरीज भटकते रहे। वहीं, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थी मरीज भी परेशान रहे।
उपनलकर्मियों के लगातार दूसरे दिन हड़ताल पर रहने के कारण प्रदेश के सबसे बड़े दून अस्पताल की व्यवस्थाएं बेपटरी रहीं। विशेषकर रजिस्ट्रेशन और बिलिंग पर प्रभाव पड़ा है। दून अस्पताल में 171 उपनल कर्मचारी तैनात हैं। अस्पताल प्रबंधन ने स्थाई कर्मचारियों को वैकल्पिक रूप से काम पर लगाया है। इसके बादजूद ज्यादातर कामकाज प्रभावित रहे। कर्मचारियों के हाथ से पर्चे बनाने के कारण ओपीडी में मरीजों को लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ा। वहीं, बिलिंग अनुभाग में भी काम नहीं हो सका। सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज से पहुंचे लोगों को हुई। इसके अलावा पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांचें भी प्रभावित हुईं। रजिस्ट्रेशन कराने, रिपोर्ट तैयार कराने और रिपोर्ट लेने के काम नहीं हो सके। इसके चलते कई मरीजों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं पर विशेष निगरानी रखी गई।
दूसरी ओर उपनल कर्मचारियों ने समस्या के समाधान न होने तक इमरजेंसी सेवाएं भी ठप करने की चेतावनी दी है। वहीं अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण व्यवस्था बनाने में दिक्कतें हो रही हैं, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
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उपनलकर्मियों की हड़ताल के कारण दून अस्पताल में मरीजों की दिक्कत बढ़ गई हैं। रजिस्ट्रेशन और बिलिंग के लिए स्थाई कर्मचारियों को तैनाती के बाद भी कोई खास राहत नहीं मिली। पैथोलॉजी जांच और रिपोर्ट लेने के लिए मरीज भटकते रहे। वहीं, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थी मरीज भी परेशान रहे।
उपनलकर्मियों के लगातार दूसरे दिन हड़ताल पर रहने के कारण प्रदेश के सबसे बड़े दून अस्पताल की व्यवस्थाएं बेपटरी रहीं। विशेषकर रजिस्ट्रेशन और बिलिंग पर प्रभाव पड़ा है। दून अस्पताल में 171 उपनल कर्मचारी तैनात हैं। अस्पताल प्रबंधन ने स्थाई कर्मचारियों को वैकल्पिक रूप से काम पर लगाया है। इसके बादजूद ज्यादातर कामकाज प्रभावित रहे। कर्मचारियों के हाथ से पर्चे बनाने के कारण ओपीडी में मरीजों को लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ा। वहीं, बिलिंग अनुभाग में भी काम नहीं हो सका। सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज से पहुंचे लोगों को हुई। इसके अलावा पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांचें भी प्रभावित हुईं। रजिस्ट्रेशन कराने, रिपोर्ट तैयार कराने और रिपोर्ट लेने के काम नहीं हो सके। इसके चलते कई मरीजों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं पर विशेष निगरानी रखी गई।
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दूसरी ओर उपनल कर्मचारियों ने समस्या के समाधान न होने तक इमरजेंसी सेवाएं भी ठप करने की चेतावनी दी है। वहीं अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण व्यवस्था बनाने में दिक्कतें हो रही हैं, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
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