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पिटकुल की ट्रांसमिशन लाइनों से करोडृृृं कमाने की तैयारी
Updated Fri, 14 Sep 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून। ट्रांसमिशन लाइनों में अर्थ वायर की जगह आप्टिकल फाइबर लाइनें बिछाने के लिए राज्य सरकार व पिटकुल को केंद्र सरकार व निजी कंपनियों से करोड़ों रुपये मिलेंगे।
इसके लिए ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बृहस्पतिवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग और पिटकुल के अफसरों के साथ बैठक की। इसमें सहमति बनी कि केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड (पीएसडीएफ) योजना के तहत सरकार, पिटकुल प्रबंधन और नेशनल लोड डिस्पेच सेंटर (एनएलडीसी) के बीच एमओयू किया जाएगा। इस एमओयू की जिम्मेदारी अपर सचिव ऊर्जा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी को सौंपी गई है। ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बताया कि पीएसडीएफ स्कीम के तहत राज्य मेें सभी ट्रांसमिशन लाइनों में अर्थ वायर की जगह ऑप्टिकल ग्राउंड वायर (ओपीजीडब्ल्यू) बिछाया जाना है। केंद्र की ओर से शुरू की इस योजना का मकसद दूरसंचार कंपनियों को बेहतर आर्टिकल फाइबर लाइनें मुहैया कराना है। लाइनें बिछाए जाने के एवज में केंद्र व निजी दूरसंचार कंपनियों की ओर से राज्य सरकार व पिटकुल को बजट मुहैया कराएगा।
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इसके लिए ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बृहस्पतिवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग और पिटकुल के अफसरों के साथ बैठक की। इसमें सहमति बनी कि केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड (पीएसडीएफ) योजना के तहत सरकार, पिटकुल प्रबंधन और नेशनल लोड डिस्पेच सेंटर (एनएलडीसी) के बीच एमओयू किया जाएगा। इस एमओयू की जिम्मेदारी अपर सचिव ऊर्जा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी को सौंपी गई है। ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बताया कि पीएसडीएफ स्कीम के तहत राज्य मेें सभी ट्रांसमिशन लाइनों में अर्थ वायर की जगह ऑप्टिकल ग्राउंड वायर (ओपीजीडब्ल्यू) बिछाया जाना है। केंद्र की ओर से शुरू की इस योजना का मकसद दूरसंचार कंपनियों को बेहतर आर्टिकल फाइबर लाइनें मुहैया कराना है। लाइनें बिछाए जाने के एवज में केंद्र व निजी दूरसंचार कंपनियों की ओर से राज्य सरकार व पिटकुल को बजट मुहैया कराएगा।
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