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गढ़वाल और कुमाऊं में बनेंगे छह बेस अस्पताल
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:40 AM IST
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गढ़वाल और कुमाऊं में बनेंगे छह बेस अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य के पर्वतीय इलाकों के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग गढ़वाल और कुमाऊं में छह बेस अस्पतालों के निर्माण की योजना बनाई है। इन अस्पतालों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये के बजट का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 18 राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालयों और 17 सामुदायिक केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक बेस अस्पताल गोपेश्वर, बागेश्वर, पिथौरागढ़, सीमली, सोमेश्वर व कोटद्वार में बनने प्रस्तावित हैं। कोटद्वार बेस अस्पताल के लिए काम शुरू कर दिया है। जबकि बाकी अस्पतालों का निर्माण किया जाना है। बेस अस्पतालों के निर्माण के लिए 20 करोड़ व एलोपैथिक अस्पतालों के लिए एक करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में हल्द्वानी, अल्मोड़ा और श्रीनगर जैसे शहरों में ही बेस अस्पताल संचालित हैं।
इतने बजट में कैसे बनेंगे बेस अस्पताल
सवाल उठता है कि जहां एक तरफ स्वास्थ्य विभाग छह नए बेस अस्पताल खोलने की बात कर रहा है। विभागीय स्तर पर प्रक्रिया भी जारी है। वहीं विभागीय अफसरों का कहना है कि इतने कम बजट में इतने अधिक बेस अस्पताल का निर्माण कैसे संभव है। स्वास्थ्य विभाग के ही एक अधिकारी का कहना है कि एक बेस अस्पताल के निर्माण व उसे तमाम अत्याधुनिक चिकत्सकीय उपकरणों से सुसज्जित करने के लिए कम से कम सौ करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट की जरूरत होती है।
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बेस अस्पतालों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में जितना बजट मुहैया कराया गया है। उससे निर्माण कार्य शुरू किया गया है। सरकार की ओर से जैसे ही अतिरिक्त बजट जारी होगी अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा।
-डॉ. टीसी पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य के पर्वतीय इलाकों के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग गढ़वाल और कुमाऊं में छह बेस अस्पतालों के निर्माण की योजना बनाई है। इन अस्पतालों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये के बजट का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 18 राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालयों और 17 सामुदायिक केंद्रों के निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक बेस अस्पताल गोपेश्वर, बागेश्वर, पिथौरागढ़, सीमली, सोमेश्वर व कोटद्वार में बनने प्रस्तावित हैं। कोटद्वार बेस अस्पताल के लिए काम शुरू कर दिया है। जबकि बाकी अस्पतालों का निर्माण किया जाना है। बेस अस्पतालों के निर्माण के लिए 20 करोड़ व एलोपैथिक अस्पतालों के लिए एक करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में हल्द्वानी, अल्मोड़ा और श्रीनगर जैसे शहरों में ही बेस अस्पताल संचालित हैं।
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इतने बजट में कैसे बनेंगे बेस अस्पताल
सवाल उठता है कि जहां एक तरफ स्वास्थ्य विभाग छह नए बेस अस्पताल खोलने की बात कर रहा है। विभागीय स्तर पर प्रक्रिया भी जारी है। वहीं विभागीय अफसरों का कहना है कि इतने कम बजट में इतने अधिक बेस अस्पताल का निर्माण कैसे संभव है। स्वास्थ्य विभाग के ही एक अधिकारी का कहना है कि एक बेस अस्पताल के निर्माण व उसे तमाम अत्याधुनिक चिकत्सकीय उपकरणों से सुसज्जित करने के लिए कम से कम सौ करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट की जरूरत होती है।
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बेस अस्पतालों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में जितना बजट मुहैया कराया गया है। उससे निर्माण कार्य शुरू किया गया है। सरकार की ओर से जैसे ही अतिरिक्त बजट जारी होगी अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा।
-डॉ. टीसी पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक