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समाज कल्याण विभाग दे सकता है मौका ना कि
Updated Thu, 28 Jun 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
आधार कार्ड में त्रुटियों के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रह गए करीब 1400 छात्रों को राहत दी जा सकती है। छात्रों की गुहार को देखते हुए समाज कल्याण विभाग इन छात्रों को एक और मौका देने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने शासन को पत्र भेजकर छात्रवृत्ति की वेबसाइट दोबारा खोलने की मांग की है। अगर शासन से इसकी मंजूरी मिल जाती है तो वेबसाइट खोलकर इन छात्रों का सही आधार कार्ड अपलोड किया जाएगा।
2016-17 में छात्रवृत्ति के लिए जिले से करीब 8500 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए थे। इनमें करीब 1400 छात्र ऐसे थे, जिनके आवेदन पत्र और आधार कार्ड में नाम अलग-अलग थे। लिहाजा इन छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति रोक दी गई। दो साल बीतने पर भी छात्रवृत्ति खाते में नहीं आने के कारण कई छात्र-छात्राएं विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लिहाजा छात्रों की परेशानी को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने अब इन्हें एक और मौका देने का निर्णय लिया है। सूत्रों की मानें तो विभाग की ओर से शासन को पत्र भेजकर छात्रवृत्ति की वेबसाइट खोलने की मांग की गई है। हालांकि, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी अनुराग शंखधर ने इसकी जानकारी होने से इनकार किया है।
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आधार कार्ड में त्रुटियों के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रह गए करीब 1400 छात्रों को राहत दी जा सकती है। छात्रों की गुहार को देखते हुए समाज कल्याण विभाग इन छात्रों को एक और मौका देने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने शासन को पत्र भेजकर छात्रवृत्ति की वेबसाइट दोबारा खोलने की मांग की है। अगर शासन से इसकी मंजूरी मिल जाती है तो वेबसाइट खोलकर इन छात्रों का सही आधार कार्ड अपलोड किया जाएगा।
2016-17 में छात्रवृत्ति के लिए जिले से करीब 8500 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए थे। इनमें करीब 1400 छात्र ऐसे थे, जिनके आवेदन पत्र और आधार कार्ड में नाम अलग-अलग थे। लिहाजा इन छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति रोक दी गई। दो साल बीतने पर भी छात्रवृत्ति खाते में नहीं आने के कारण कई छात्र-छात्राएं विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लिहाजा छात्रों की परेशानी को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने अब इन्हें एक और मौका देने का निर्णय लिया है। सूत्रों की मानें तो विभाग की ओर से शासन को पत्र भेजकर छात्रवृत्ति की वेबसाइट खोलने की मांग की गई है। हालांकि, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी अनुराग शंखधर ने इसकी जानकारी होने से इनकार किया है।
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