बालिका आश्रम में छात्राओं से छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने की वीडियोग्राफी
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बालिका आश्रम चिल्ली में छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में शनिवार को जिला बाल संरक्षण इकाई और पुलिस की टीम ने दोबारा तफ्तीश की है। टीम शिकायतकर्ता बच्चियों को लेकर आश्रम पहुंची। मामले के संदर्भ में बच्चियों से पूरी जानकारी पुलिस ने ली।
पड़ताल के दौरान वीडियोग्राफी भी की गई। दोबारा काउंसलिंग भी हुई। जिसमें बच्चियां अपने बयान पर अडिग रहीं। शिनाख्त के समय बालिका आश्रम प्रबंधन की तरफ से अन्य बच्चियों को अलग कर दिया था।
गौर हो कि चिल्ली आश्रम में छह बच्चियों के साथ छेड़छाड़ का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में आश्रम के स्टाफ पर ही आरोप लगाए गए थे। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
जबकि एक अन्य कर्मचारी को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने चारों कर्मचारियों को तीन दिन का पुलिस रिमांड दिया था। बच्चियों को बालिका आश्रम चंबा शिफ्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को ही जिला बाल संरक्षण इकाई ने बच्चियों का प्रवेश जिला मुख्यालय के स्कूलों में करवाया है।
आरोपी तीन दिन के और रिमांड पर
डीएसपी सलूणी महिंद्र मिंहास ने बताया कि बालिका आश्रम की बच्चियों के साथ छेड़छाड़ मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे चारों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें तीन दिन के और पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
वार्डन और सुपरिंटेंडेंट को नहीं बदला
इस तरह का गंभीर मामला सामने आने के बाद भी बालिका आश्रम चिल्ली के कुछेक कर्मचारियों को नहीं बदला गया है। जबकि उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने इसके लिए हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद की महासचिव से स्टाफ बदले जाने के बारे में सिफारिश की थी।
लेकिन, अभी तक स्टाफ नहीं बदला गया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता का कहना है कि शनिवार को संयुक्त टीम ने दोबारा बालिका आश्रम चिल्ली पहुंचकर पुन: बच्चियों के बयान लिए हैं। बच्चियां अपने बयान पर अडिग हैं। कहा कि वार्डन और इंचार्ज को भी अभी तक नहीं बदला गया है।