कैब में अश्लील हरकत के बाद विदेशी युवती ने छोड़ा देश, बोली-कभी नहीं आएगी भारत
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बेल्जियम की युवती से छेड़छाड़ के मामले में दिल्ली पुलिस ने ओला कंपनी से जवाब मांगा है। दिल्ली पुलिस ने कई सवालों का जवाब मांगा है और विक्रम सिंह की कैब से संबंधित कागजात मांगे हैं। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का मानना है कि युवती से छेड़छाड़ के मामले में ओला कंपनी की लापरवाही सामने आई है।
दूसरी तरफ पीड़िता रविवार रात को अपने देश लौट गई थी। जाते-जाते युवती ये कहकर गई कि वह अब कभी भारत नहीं आएगी। पुलिस की शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि जब आरोपी कैब में युवती के साथ अश्लील हरकतें कर रहा था उस समय युवती सहायता के लिए चिल्लाई थी।
दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीआर पार्क थाना पुलिस ने सोमवार को ओला कंपनी को एक ई-मेल भेजा है। इसके जरिये जब कैब से संबंधित एग्रीमेंट व अन्य कागजात मांगे हैं।
दिल्ली पुलिस ने ओला कंपनी को भेजा ई-मेल
गौरतलब है कि जिस कैब में बेल्जियम की युवती के साथ छेड़छाड़ हुई थी वह कैब विक्रम सिंह की है। ओला में कैब का एग्रीमेंट विक्रम सिंह के नाम हो रखा है। जबकि कैब को बलराज उर्फ राज सिंह चला रहा था।
ओला कंपनी ने राज सिंह को कैब को चलाने की अनुमति कैसे दे दी थी। दिल्ली पुलिस ने कैब मालिक विक्रम को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया था, हालांकि वह सोमवार को पूछताछ में शामिल नहीं हुआ था।
दिल्ली पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कैब ड्राइवर राज सिंह ने विदेशी युवती से किराया सही वसूला था या फिर युवती से ज्यादा किराया वसूला था। पुलिस ने युवती से गुड़गांव से सीआर पार्क तक के 519 रुपये लिए थे।
महिला आयोग ने सुषमा स्वराज को लिखा पत्र
दिल्ली में रेप की बढ़ती घटनाओं को लेकर अब दिल्ली महिला आयोग ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर दखल की मांग की है। आयोग ने अपने पत्र में सुषमा स्वराज के जल्द स्वास्थ्य होने की कामना भी की है।
पत्र में बेल्जियम युवती से छेड़छाड़ मामले से लेकर राजधानी की बेटियों की सुरक्षा पर चिंता भी जतायी है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि पिछले एक महीने में दिल्ली में करीब 140 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें से अधिकतर बच्चियां हैं। दिल्ली रेल कैपिटल के नाम से जानी जाती है।
यही कारण है कि पर्यटन के क्षेत्र में करीब 30 -40 फीसदी विदेशी पर्यटकों की कमी दर्ज की जा रही है। रेप के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र समेत राज्य की विभिन्न एजेंसियों से बात की, लेकिन अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। पत्र में स्पेशल टॉस्क फोर्स का भी जिक्र है।
स्वाति ने लिखा है कि सरकारों का तालमेल न होने के चलते रेप पीड़िताओं को मुआवजा योजना का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। आयोग का कहना है कि विदेशी नागरिकों के साथ दिल्ली में इस तरह की शर्मनाक हरकत दुनिया भर में भारत को बदनामी देगी। इसलिए आयोग विदेश मंत्रालय के दखल की मांग कर रहा है, ताकि इन अपराधों पर लगाम लगायी जा सके।