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बम ब्लास्ट मामले में पांच के हुए बयान, एक ने पहचानने से किया इंकार

Wed, 20 Jul 2016 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 20 Jul 2016 09:31 AM IST
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bomb blast case, passport office, scooter parking bomb blast, KCF, chandigarh,
कोर्ट - फोटो : demo
चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में 30 जून, 1999 को पासपोर्ट ऑफिस की पार्किंग में हुए बम ब्लास्ट मामले में मंगलवार को जिला अदालत में पांच गवाहियां हुईं। इनमें से एक शमशेर सिंह, जिसने शेर सिंह को वह स्कूटर बेचा था, उसकी भी गवाही हुई। उसने अदालत में रतनदीप सिंह को पहचानने से इंकार कर दिया। हालांकि उसने ये जरूर कहा कि शेर सिंह को जब उसने स्कूटर बेचा था, उस समय उसके साथ गुरबख्श सिंह और रतनदीप सिंह नाम के दो लोग मौजूद थे।
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17 साल पहले सेक्टर-34 की पार्किंग में हुए बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का चीफ परमजीत पंजवड़ था। इस ब्लास्ट में चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इसके अलावा कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। दोपहर करीब 12:30 बजे हुए ब्लास्ट के लिए स्कूटर का इस्तेमाल किया गया था। बम स्कूटर की डिग्गी में रखा गया था।
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हरियाणा नंबर का स्कूटर पानीपत में पंजीकृत था। इसके बाद उसे छह बार बेचा जा चुका था।

मंगलवार को इन्हीं मालिकों के बयान दर्ज किए गए। इनमें से एक शमशेर सिंह ने अदालत में बताया कि वह 25 जून को स्कूटर चंडीगढ़ लेकर आया था। यहां उससे शेर सिंह ने स्कूटर खरीदा था। उस समय उसके साथ रतनदीप सिंह और गुरबख्श सिंह भी थे। हालांकि उसने कोर्ट में नाभा जेल से पेशी पर लाए गए रतनदीप सिंह को पहचानने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि इस घटना को कई साल बीत चुके हैं। इसलिए उसे अब याद नहीं है कि रतनदीप वहीं था या नहीं।
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इसके अलावा मंगलवार को विशाल शर्मा, टेकराम, शैलेंद्र सिंह, विनोद कुमार के भी बयान हुए। बाद में इसका क्रॉस एग्जामिनेशन भी किया गया। वहीं स्कूटर पानीपत में पंजीकृत था तो वहां से उस समय इसके पंजीकरण की पुष्टि करने वाली महिला कर्मचारी राजरानी को समन किया गया था, लेकिन वर्तमान में उनके रिटायर्ड होने पर उनकी जगह कार्यालय से एक कर्मचारी सरकारी रिकार्ड लेकर आया। उसने अदालत में पुष्टि की कि स्कूटर पानीपत में ही पंजीकृत हुआ था। वहीं यूटी पुलिस के तत्कालीन इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह के भी बयान दर्ज किए गए। समय की कमी के कारण उनकी शेष गवाही अगली सुनवाई पर होगी।
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