Crime News :रिटायर्ड फौजी की हत्या, गाड़ी ओवरटेक करने को लेकर हुआ था विवाद
फौजी धर्मेंद्र सिंह को अबूबकरपुर चौराहे पर कुछ और सामान लेना था, ऐसे में वह गाड़ी खड़ी कर रुक गए। तभी पीछे से तीन बाइकों पर सवार होकर छह युवक पहुंचे और गालीगलौज करने लगे। विरोध पर हमला बोल दिया। लात-घूंसों से सरेआम पीटने लगे। इसके बाद ईंट-पत्थर उठा लिए और ताबड़तोड़ वार किए।
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उमेश पाल हत्याकांड को अभी लोग भूले भी नहीं थे कि धूमनगंज में बुधवार रात एक और सनसनीखेज वारदात हुई। यहां रिटायर फौजी धर्मेंद्र कुमार सिंह (46) की ईंट-पत्थर से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। बाइक छू जाने पर हुए विवाद को लेकर अबूबकर चौराहे पर घेरकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। तीन वाहन पर सवार छह बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया और निकल भागे।
धमेंद्र सेना में हवलदार क्लर्क पद से रिटायर हुए थे। वह मूल रूप से सिकंदरा,बहरिया के जलालपुर के निवासी कृष्णकुमार सिंह के पुत्र थे। वह मौजूदा समय में धूमनगंज के उमरकोट नीवा, मधुबन बिहार कॉलोनी के पास मकान बनवाकर परिवार समेत रहते थे।
परिजनों के मुताबिक, बुधवार रात आठ बजे के करीब वह खरीदारी करने के लिए सुलेमसराय बाजार गए। साथ में दोस्त सोहन पाल भी था। खरीदारी के बाद रात 10 बजे के करीब घर लौटते वक्त उनकी बाइक एक अन्य बाइक से छू गई। इस पर बाइकसवार युवक से कहासुनी हुई और फिर वह आगे बढ़ गए।
प्रीतमनगर स्थित अबूबकरपुर चौराहे पर पहुंचने पर कुछ और सामान लेना था, ऐसे में वह गाड़ी खड़ी कर रुक गए। तभी पीछे से तीन बाइकों पर सवार होकर छह युवक पहुंचे और गालीगलौज करने लगे। विरोध पर हमला बोल दिया। लात-घूंसों से सरेआम पीटने लगे। इसके बाद ईंट-पत्थर उठा लिए और ताबड़तोड़ वार किए। वह लहुलुहान होकर जमीन पर गिरे, इसके बाद भी हमलावर नहीं रुके और उन्हें पीटते रहे। मरणासन्न होने पर पिस्टल लहराते हुए भाग निकले।
सूचना पर पहुंची पुलिस निजी अस्पताल ले गई जहां हालत देख उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें एसआरएन ले जाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नकदी भरा पर्स, सोने की चेन भी लूटी
परिजनों का यह भी आरोप है कि बदमाशों ने न सिर्फ हमला किया, बल्कि मरणासन्न हालत में जमीन पर गिरने के दौरान उनका नकदी भरा पर्स व सोने की चेन भी लूट ली। परिजनों ने बताया कि मृतक ने घटना से कुछ देर पहले ही एटीएम से पेंशन का पैसा निकाला था। यह रकम कितनी थी, इस बारे में उनका कहना है कि बैंक स्टेटमेंट से ही यह पता चल पाएगा।
परिजनों की तहरीर पर अज्ञात में केस दर्ज किया गया है। हमलावरों का पता लगाया जा रहा है। - दीपक भूकर, डीसीपी नगर