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बच्ची की मां ने हाईकोर्ट से मांगा इंसाफ, हरियाणा सरकार को जारी किया नोटिस...जानें मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 03 Aug 2018 10:00 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
नौ साल की बच्ची से सामूहिक बलात्कार कर उसकी हत्या के मामले में बच्ची की मां ने मुआवजा व सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। महेंद्रगढ़ के एक गांव निवासी मृतका की मां ने एडवोकेट एसपी यादव के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि जनवरी 2014 में उसकी 9 साल की बेटी का सामूहिक बलात्कार किया गया था।
तब ग्रामीणों ने सड़क जाम कर कई दिनों तक प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों अरुण, राजेश और दीपक को गिरफ्तार किया था। इस दौरान पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने का आश्वासन दिया था। ट्रायल कोर्ट ने इन तीनों को जनवरी 2017 में संगीन अपराध का दोषी करार दे फांसी की सजा सुनाई थी। दोषियों को तो सजा सुना दी गई लेकिन मृतका की मां को इंसाफ नहीं मिला। न तो सरकार ने कोई मुआवजा दिया है और न ही अब तक सरकारी नौकरी दी गई है।
इस बारे में पीड़ित परिवार ने कई स्तरों पर आवेदन भी किया जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। याची ने बताया कि हरियाणा सरकार की वर्ष 2013 की हरियाणा विक्टिम कंपनसेशन योजना के तहत पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। किसी भी स्तर पर कोई भी सुनवाई नहीं होने के बाद अब मृतका की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है।
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तब ग्रामीणों ने सड़क जाम कर कई दिनों तक प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों अरुण, राजेश और दीपक को गिरफ्तार किया था। इस दौरान पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने का आश्वासन दिया था। ट्रायल कोर्ट ने इन तीनों को जनवरी 2017 में संगीन अपराध का दोषी करार दे फांसी की सजा सुनाई थी। दोषियों को तो सजा सुना दी गई लेकिन मृतका की मां को इंसाफ नहीं मिला। न तो सरकार ने कोई मुआवजा दिया है और न ही अब तक सरकारी नौकरी दी गई है।
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इस बारे में पीड़ित परिवार ने कई स्तरों पर आवेदन भी किया जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। याची ने बताया कि हरियाणा सरकार की वर्ष 2013 की हरियाणा विक्टिम कंपनसेशन योजना के तहत पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। किसी भी स्तर पर कोई भी सुनवाई नहीं होने के बाद अब मृतका की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है।
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