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मुलायम की गैर-मौजूदगी में सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन की 10 बड़ी बातें

Sun, 01 Jan 2017 02:57 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 01 Jan 2017 02:57 PM IST
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National Executive meet samajwadi party
मंच पर उपस्थित नेता - फोटो : ANI

लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में रविवार को रामगोपाल यादव ने समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाई थी। जिसमें मुलायम सिंह को पार्टी का मार्गदर्शक और उनकी जगह अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया। इसके साथ ही उन्होंने शिवपाल सिंह को प्रदेश अध्यक्ष पद तथा अमर सिंह को पार्टी से हटाने का भी प्रस्ताव भी पार्टी कार्यकर्ता की ध्वनिमत से पास किया गया।

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 पढ़िए अधिवेशन की 10 बड़ी बातें
 

1. प्रस्ताव पास होने के बाद अखिलेश यादव ने अधिवेशन को संबोधित किया। अखिलेश ने कहा, 'मैं नेता जी का बहुत सम्मान करता हूं। कुछ ताकतें नहीं चाहती हैं कि यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बने। लेकिन फिर से यूपी में सरकार बनती है, तो सबसे ज्यादा खुशी नेताजी को होगी।'

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2. अखिलेश ने कहा, 'मैं नेताजी का सम्मान जितना पहले करता था, आज भी उतना ही करता हूं। नेता जी का स्थान सबसे बड़ा है, उन्होंने मुझे सीएम बनाया, जिम्मेदारी दी।'
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3. शिवपाल और अमर सिंह का नाम लिए बिना अखिलेश ने कहा कि कोई ताकत मेरे रिश्ते को खत्म नहीं कर सकती है। पार्टी बचानी होगी तो पार्टी बचाएंगे, परिवार को बचाना होगा, तो परिवार बचाएंगे। कुछ ताकतें पार्टी को कमजोर कर रही हैं। नेताजी का जो स्थान है, वह सबसे बड़ा स्थान है। मैं नेताजी का बेटा हूं और रहूंगा। ये रिश्ता कोई खत्म नहीं कर सकता।

4. यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी त्याग करने के लिए तैयार हूं। मैं परिवार और पार्टी को बचाने के लिए हमेशा आगे आऊंगा।

5. अखिलेश ने कहा, 'नेताजी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था और इन लोगों ने मेरे खिलाफ साजिश करके न केवल पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम किया, बल्कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के सामने भी संकट पैदा किया। नेताजी के खिलाफ साजिश हो, तो मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं ऐसे लोगों के खिलाफ बोलूं. लोगों ने अपने घर से टाइपराइटर लाकर मेरे खिलाफ चिट्ठियां छपवाईं।'



 

'लोगों ने घर से टाइपराइटर लाकर मेरे खिलाफ चिट्ठियां लिखवाईं'

National Executive meet samajwadi party
अधिवेशन को संबोधित करते अखिलेश - फोटो : ANI

6. रामगोपाल ने अधिवेशन में उपस्थित तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं से हाथ उठवाकर प्रस्ताव के समर्थन में या विरोध में वोट करने की अपील की। हालांकि वहां उपस्थित तमाम कार्यकर्ताओं और नेताओं ने प्रस्ताव के समर्थन में हाथ उठाया।

 

7. इससे पहले मुलायम सिंह यादव ने बड़ा फैसला करते हुए समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन खारिज कर दिया था। मुलायम का ये फैसला ऐसे समय में आया जब अधिवेशन के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा नेता पहुंच चुके थे।

8. अधिवेशन रविवार सुबह लखनऊ के जनेश्वर मिश्र में प्रस्तावित था। मुलायम ने चिट्ठी जारी कर अधिवेशन को असंवैधानिक घोषित किया और साथ ही चेतावनी भी दी ‌कि जो भी अधिवेशन में जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

9. मुलायम की यह अपील लगभग अनसुनी ही कर दी गई। इस बीच जनेश्वर मिश्र पार्क में लगे पोस्टर-होर्डिंग से शिवपाल यादव गायब थे। सूत्रों के मुताबिक, शिवपाल ने सुबह मुलायम सिंह से मुलाकात कर इस्तीफे की भी पेशकश की।

10. अधिवेशन में नरेश अग्रवाल, अहमद हसन, रेवती रमन सिंह, अबू आजमी सहित पार्टी के कई तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

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