27 दिन में 100 करोड़ से ज्यादा का सराफा कारोबार प्रभावित
- विवाह शादी का सीजन निकलने से मायूस हुए व्यापारी और स्वर्णकार
- जानकारों के अनुसार सराफा व्यापारी और स्वर्णकार रोजाना औसतन चार करोड़ का कारोबार करते हैं
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रियासत में पिछले 27 दिनों से चल रही सराफा व्यापारियों और स्वर्णकारों की हड़ताल से सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हो चुका है। इससे न सिर्फ व्यापारियों को नुकसान हुआ है, बल्कि सरकार के राजस्व में भी भारी चपत लगी है।
जानकारों के अनुसार सराफा व्यापारी और स्वर्णकार रोजाना औसतन चार करोड़ का कारोबार करते हैं, इस तरह 27 दिनों में सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा बजट में लगाई गई अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी के विरोध में दो मार्च से हड़ताल पर गए व्यापारियों का कहना है कि इस माह शादी विवाह का सीजन होने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
खास बात यह है कि वह अपने परंपरागत ग्राहकों को सेवाएं नहीं दे पाए। सोमवार को 27वें दिन भी हड़ताल जारी रही। जम्मू संभाग के तमाम सराफा बाजार बंद रहे। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा अपने बजट में सराफा व्यापारियों और स्वर्णकारों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ सराफा व्यापारियों और स्वर्णकारों ने कड़ा विरोध जताया।
विवाह शादी का सीजन निकलने से मायूस हुए व्यापारी और स्वर्णकार
जम्मू के तमाम सराफा बाजारों के व्यापारियों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। उन्होंने एलान किया कि जब तक एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं ली जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा, भले ही उन्हें कितना भी नुकसान क्यों न उठाना पड़े।
जम्मू सराफा एसोसिएशन के प्रेसीडेंट परजान कुमार जैन और स्वर्णकार संघ (जम्मू संभाग) के प्रेसीडेंट राज कुमार बब्बर ने कहा कि जब तक सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला वापस नहीं लेती, उनका विरोध जारी रहेगा।
जैन बाजार, लखदाता बाजार, अपर बाजार में जगह-जगह पर सराफा व्यापारी केंद्र सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाल रोष जताया। इस मौके पर रमन सूरी, कुलभूषण आनंद, विजय कुमार वर्मा, सुरिंदर कुमार जैन, राम कपूर, अजय वैद उपस्थित थे।