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11 फायरकर्मियों के भरोसे 700 करोड़ का मेडिकल कॉलेज
दिनेश देशवाल/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 15 Mar 2016 10:53 AM IST
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मेवात मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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नूंह में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए मेवात के मेडिकल कॉलेज में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। आग लगने की सूरत में जब तक बाहर से कोई सहायता उपलब्ध होगी तब तक यहां गंभीर हादसा हो चुका होगा।
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ईश्वर करे ऐसी नौबत यहां न आए, लेकिन यहां के इंतजाम तो यही दर्शाते हैं। इमारत में फायर विभाग की सुविधा के लिए जो पानी की लाइन डाली हुई हैं, वह पूरी तरह इस्तेमाल में आने से पहले ही खराब होने लगी है। वहीं यहां स्टाफ भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं है।
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मेडीकल कॉलेज में इस समय करीब 500 बैड का अस्पताल, एडमिन ब्लॉक, लंबी-चौडी इमारत है। अस्पताल की इमारत 5 मंजिला है, जिसमें रोजाना हजारों लोग आते-जाते हैं तो कालेज की इमारत भी कई मंजिला है।
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इसके अलावा यहां स्टाफ के रहने के लिए बना रिहायशी इलाका भी काफी बड़ा है। यहां के फायर विभाग में केवल 11 लोगों का स्टाफ तैनात है। जिनमें 10 फायर मैन तथा एक फायर अफसर। फायर विभाग ने कॉलेज प्रशासन के सामने कम स्टाफ की समस्या को रखा है, जिस पर ज्यादा स्टाफ लगाए जाने की अनुमति प्राप्त करने का भरोसा दिलाया गया है।
फायर सिस्टम के तहत बिल्डिंग में बिछाई गई पाइप लाइन का हाल यह है कि एक जगह से लीकेज रोकते हैं तो पाइप दूसरी जगह से लीक करने लगता है। अस्पताल की हाईड्रेंट लाइन में अभी भी करीब एक दर्जन लीकेज हैं जो पानी का प्रेशर बनाने में दिक्कत खडी करते हैं। वहीं अलार्म सिस्टम भी दुरुस्त नहीं है। वहीं रेत व पानी से भरी हुई बाल्टियां भी अस्पताल परिसर की बजाय फायर अफसर के कार्यालय में देखने को मिलती हैं।
मेडिकल कालेज में तैनात फायर अफसर विनोद शर्मा का कहना है कि पूरे कैंपस में आग बुझाने के करीब 350 सिलेंडर लगे हुए हैं। जिन्हें रिफिल करा दिया गया है। स्टाफ प्रशिक्षण प्राप्त है और समय-समय पर माक ड्रिल आयोजित की जाती हैं। लेकिन स्टाफ की संख्या जरूर कम हैं, जिसके जल्द बढ़ने की उम्मीद है।
मेडीकल कॉलेज के निदेशक डा. संसार शर्मा ने बताया कि स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं तथा अन्य सुविधाओं को बढ़ाते हुए दुरुस्त किया जाएगा।