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पेंशन चाहिए तो अब जरूरी देना होगा ये सर्टिफिकेट, पढ़ लिजिए जानकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 29 Dec 2016 02:02 PM IST
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बुढ़ापा पेंशन
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लाखों पेंशन धारकों के लिए बड़े काम की खबर। अब अगर आपको पेंशन चाहिए तो एक सर्टिफिकेट देना बहुत जरूरी होगा। इसके लिए 15 जनवरी तक का समय दिया गया है। बात हो रही है, लाइफ सर्टिफिकेट की। इसे न देने वाले बहुत से पेंशनधारकों की पेंशन रुक गई है। ये पेंशनधारक पेंशन न आने पर बाबुओं के चक्कर लगा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग ने ऐसे पेंशनधारकों को अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने का 15 जनवरी तक का समय दिया है।
सभी पेंशनधारक सेक्टर-46 स्थित आशा किरण में ये सर्टिफिकेट बना सकते हैं। विभाग का मानना है कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पेंशनधारकों को अब हर साल लाइफ सर्टिफिकेट देना होगा। यह फैसला इसलिए लिया है ताकी किसी पेंशनधारक की मौत होने पर पेंशन न हड़पी जा सके। काउंसलर सतीश कैंथ ने बताया कि रामदरबार, पुनर्वास कॉलोनी सेक्टर-56 और अन्य कॉलोनियों के पेंशनधारकों को पेंशन नहीं रही है।
कुछ के अंगूठों के निशान न मिलने से दिक्कत हो रही है। कुछ को लाइफ सर्टिफिकेट के चक्कर में फंसाया है। वहीं पेंशन हेल्पलाइन के अधिकृत अधिकारी सुमन ने बताया कि पेंशन को मेनुअल के बजाय सीधे बैंक खाते में भेजा जा रहा है। मेनुअल में पेंशनधारक खुद पेंशन लेने आता था तो उसका पता रहता था। लेकिन बैंक से जुड़ने के बाद पेंशनधारक को खुद हर साल लाइफ सर्टिफिकेट देना होगा।
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इस बार लाइफ सर्टिफिकेट के लिए अलग-अलग हिस्सों में 12 कैंप लगाए गए थे। समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर भी जानकारी दी गई। यदि कोई और दिक्कत है तो सेक्टर-17 स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में बात कर सकता है। सुमन ने बताया कि कई बुजुर्गों के आधार में दिए गए अंगूठों के निशान मेल नहीं खाते। उनके निशान भी दोबारा लिए जा रहे हैं। नए सिस्टम से बीच के सभी बिचौलिए खत्म हो जाएंगे। बुजुर्गों को पेंशन के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ रहा।
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सभी पेंशनधारक सेक्टर-46 स्थित आशा किरण में ये सर्टिफिकेट बना सकते हैं। विभाग का मानना है कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पेंशनधारकों को अब हर साल लाइफ सर्टिफिकेट देना होगा। यह फैसला इसलिए लिया है ताकी किसी पेंशनधारक की मौत होने पर पेंशन न हड़पी जा सके। काउंसलर सतीश कैंथ ने बताया कि रामदरबार, पुनर्वास कॉलोनी सेक्टर-56 और अन्य कॉलोनियों के पेंशनधारकों को पेंशन नहीं रही है।
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कुछ के अंगूठों के निशान न मिलने से दिक्कत हो रही है। कुछ को लाइफ सर्टिफिकेट के चक्कर में फंसाया है। वहीं पेंशन हेल्पलाइन के अधिकृत अधिकारी सुमन ने बताया कि पेंशन को मेनुअल के बजाय सीधे बैंक खाते में भेजा जा रहा है। मेनुअल में पेंशनधारक खुद पेंशन लेने आता था तो उसका पता रहता था। लेकिन बैंक से जुड़ने के बाद पेंशनधारक को खुद हर साल लाइफ सर्टिफिकेट देना होगा।
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इस बार लाइफ सर्टिफिकेट के लिए अलग-अलग हिस्सों में 12 कैंप लगाए गए थे। समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर भी जानकारी दी गई। यदि कोई और दिक्कत है तो सेक्टर-17 स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में बात कर सकता है। सुमन ने बताया कि कई बुजुर्गों के आधार में दिए गए अंगूठों के निशान मेल नहीं खाते। उनके निशान भी दोबारा लिए जा रहे हैं। नए सिस्टम से बीच के सभी बिचौलिए खत्म हो जाएंगे। बुजुर्गों को पेंशन के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ रहा।