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जिंदगी के अलग-अलग रंग देखना चाहते हैं, इस जगह पर आइए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 22 Oct 2016 09:46 PM IST
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चंडीगढ़ में पेंटिंग एग्जीबिशन
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अगर आप जिंदगी के अलग-अलग और प्रकृति के खूबसूरत रंग देखना चाहते हैं तो इस जगह पर आइए, काफी अनुभव देखने को मिलेंगे। पंजाब कला भवन में शनिवार को दो दिवसीय सोलो वाइब्रेंट डिवोशन पेंटिंग प्रदर्शनी की शुरुआत हुई। पंजाब के फाजिलका जिले के अबोहर शहर में रहने वाली 37 वर्षीय सरोज नियोला ने प्रदर्शनी में अपने पेंटिंग्स के जरिए जिंदगी के रंगों को चित्रित किया है।
इनमें प्रकृति से संबंधित खूबसूरत चित्रों के साथ-साथ महान पेंटर, लेखक और फिल्ममेकर एमएफ हुसैन की पेंटिंग्स से प्रेरित कुछ चित्र प्रदर्शनी में देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा प्रदर्शनी में कुल 42 पेंटिंग डिस्प्ले की गई हैं जिनमें दशम गुरू गुरु गोबिंद सिंह की पेंटिंग आकर्षण का मुख्य केंद्र है। अमर उजाला के साथ खास बात-चीत के दौरान पेंटर सरोज नियोला ने पेंटिंग में अपनी रुचि होने से संबंधित बातें साझा की।
उन्होंने बताया कि मैं हिसार के जिंदल स्कूल में बारहवीं क्लास में थी, जब पहली बार एमएफ हुसैन से मिली। वह एक कार्यक्रम में शामिल होने स्कूल आए थे, जहां उन्होंने छात्रों से बात की। मुझे उनकी एक बात बहुत अच्छी लगी। उस समय उन्होंने पैरों में कुछ भी नहीं डाला था। उन्होंने एक आम इंसान की तरह सबसे बात की।
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मैं उनसे इतनी ज्यादा प्रभावित हुई कि घर आकर इंटरनेट पर उनके बारे में गहन जानकारी हासिल की फिर मुझे अपनी कुछ आदतें उनकी तरह ही लगी। जैसे उन्होंने भी पेंटिंग कहीं से सीखी नहीं थी और उनका घोड़ों में बहुत लगाव था। उस समय मैं भी घुड़सवारी करती थी।
नारी सशक्तिकरण के लिए लगाई प्रदर्शनी
सरोज नियोल ने बताया कि ज्यादातर होता है कि महिलाएं शादी के बाद घर गृहस्थी में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने शौक को पूरा करने के लिए भी उन्हें समय नहीं मिलता। इस प्रदर्शनी को लगाने का मेरा उद्देश्य महिलाओं को यही संदेश देना है कि अगर उनमें किसी भी तरह का कोई टैलेंट है तो उसे अपने अंदर न रखें बल्कि समय निकालकर अपने उस टैलेंट को दुनिया के सामने लेकर आएं।
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इनमें प्रकृति से संबंधित खूबसूरत चित्रों के साथ-साथ महान पेंटर, लेखक और फिल्ममेकर एमएफ हुसैन की पेंटिंग्स से प्रेरित कुछ चित्र प्रदर्शनी में देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा प्रदर्शनी में कुल 42 पेंटिंग डिस्प्ले की गई हैं जिनमें दशम गुरू गुरु गोबिंद सिंह की पेंटिंग आकर्षण का मुख्य केंद्र है। अमर उजाला के साथ खास बात-चीत के दौरान पेंटर सरोज नियोला ने पेंटिंग में अपनी रुचि होने से संबंधित बातें साझा की।
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उन्होंने बताया कि मैं हिसार के जिंदल स्कूल में बारहवीं क्लास में थी, जब पहली बार एमएफ हुसैन से मिली। वह एक कार्यक्रम में शामिल होने स्कूल आए थे, जहां उन्होंने छात्रों से बात की। मुझे उनकी एक बात बहुत अच्छी लगी। उस समय उन्होंने पैरों में कुछ भी नहीं डाला था। उन्होंने एक आम इंसान की तरह सबसे बात की।
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मैं उनसे इतनी ज्यादा प्रभावित हुई कि घर आकर इंटरनेट पर उनके बारे में गहन जानकारी हासिल की फिर मुझे अपनी कुछ आदतें उनकी तरह ही लगी। जैसे उन्होंने भी पेंटिंग कहीं से सीखी नहीं थी और उनका घोड़ों में बहुत लगाव था। उस समय मैं भी घुड़सवारी करती थी।
नारी सशक्तिकरण के लिए लगाई प्रदर्शनी
सरोज नियोल ने बताया कि ज्यादातर होता है कि महिलाएं शादी के बाद घर गृहस्थी में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपने शौक को पूरा करने के लिए भी उन्हें समय नहीं मिलता। इस प्रदर्शनी को लगाने का मेरा उद्देश्य महिलाओं को यही संदेश देना है कि अगर उनमें किसी भी तरह का कोई टैलेंट है तो उसे अपने अंदर न रखें बल्कि समय निकालकर अपने उस टैलेंट को दुनिया के सामने लेकर आएं।