{"_id":"56f8b39e4f1c1b0a60f14e87","slug":"lady-worker-increased-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में सात साल में तीन गुणा बढ़ीं महिला कामगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में सात साल में तीन गुणा बढ़ीं महिला कामगार
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 28 Mar 2016 11:38 AM IST
विज्ञापन
हिमाचल में पिछले सात सालों के दौरान महिला कामगारों की तादाद तीन गुणा बढ़ गई है।
- फोटो : Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में पिछले सात सालों के दौरान महिला कामगारों की तादाद तीन गुणा बढ़ गई है। घर-परिवार संभालने के साथ-साथ प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ गई है। प्रदेश की छठी आर्थिक जनगणना रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग के आर्थिक सलाहकार प्रदीप चौहान ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि हिमाचल नई आर्थिक जनगणना पूरा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में एक हजार में से 216 लोग ही काम-धंधा कर रहे हैं। काम धंधे में वस्तुएं एवं सेवाएं सृजित करने वालों को ही शामिल किया गया है। हर साल 8.5 फीसदी की दर से कामकाज की इकाइयां बढ़ रही हैं। कांगड़ा में सबसे ज्यादा 25.34 प्रतिशत, मंडी में 13.91 प्रतिशत और सबसे कम इकाइयां लाहौल-स्पीति में 0.76 फीसदी हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2005 की पांचवीं आर्थिक जनगणना से तुलना करें तो रोजगार की वृद्धि दर 71.54 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि छठी आर्थिक जनगणना की रिपोर्ट मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार को रिलीज की थी। इससे पूर्व आर्थिक जनगणना 2005 में हुई थी। 2005 से 2012 के बीच के सात साल में हिमाचल में महिला कामगारों की संख्या तीन गुना बढ़ी है।
विज्ञापन
प्रदेश में वस्तुएं और सेवाएं मुहैया करने वाली कुल इकाइयों की संख्या 4,12,240 है। इनमें 81.12 प्रतिशत ग्रामीण, 18.88 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में हैं। 57.65 प्रतिशत को परिवारों से बाहर और 42.35 फीसदी को बिना तय ढांचे एवं परिवारों के भीतर कामकाज मिल रहा है। वर्ष 2005 से तुलना करें तो इन इकाइयों की वृद्धि दर 59.96 प्रतिशत है। सालाना 8.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
इनमें 9,77,188 लोग कार्यरत हैं। कुल कामगारों में महिलाओं की संख्या 24.27 प्रतिशत है। यानी 7,40,047 पुरुष और 2,37,141 महिला कामगार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 76.17, शहरों में 23.83 प्रतिशत कामगार हैं। 64.14 प्रतिशत कामगार हायर किए गए हैं। 35.86 प्रतिशत लोग अपना काम खुद कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में 32,056 यानी 7.78 प्रतिशत और गैर कृषि क्षेत्र में 3,80,184 इकाइयां हैं। इस दौरान चौधरी सरवण कुमार कृषि विवि पालमपुर के कुलपति डा. केके कटोच भी मौजूद रहे।
तिब्बतियों की गतिविधियां शामिल नहीं
प्रदीप चौहान ने कहा कि आर्थिक जनगणना में हिमाचल में रह रहे तिब्बतियों की आर्थिक गतिविधियों को शामिल नहीं किया है। तिब्बतियों ने भी प्रदेश में बडे़ स्तर पर आर्थिक स्थापनाएं की हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों को भी इसमें शुमार नहीं किया जा सका है। तिब्बतियों पर 2011 की जनगणना में भी अधिक स्पष्ट स्थिति नहीं होने के कारण ऐसा हुआ है।