टिकट कटने से नाराज टेकचंद डोगरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
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पूर्व विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष टेकचंद डोगरा और प्रदेश कांग्रेस सचिव संजू डोगरा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। नाचन से पूर्व विधायक टेकचंद डोगरा को कांग्रेस टिकट न मिलने पर उनके समर्थकों ने हाईकमान को 23 अक्तूबर तक पुन: निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है।
शनिवार को छातर गांव में ब्लॉक अध्यक्ष टेक सिंह राघवा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें टेकचंद डोगरा के समर्थक उपस्थित रहे। बैठक में टेकचंद को टिकट न मिलने पर चर्चा की गई और टिकट आवंटन में पूर्व विधायक की अनदेखी पर नाराजगी जताई गई।
इसमें एकमत से निर्णय लेते हुए प्रस्ताव पारित कर हाईकमान को भेजा गया। इसमें टेकचंद डोगरा को टिकट देने की मांग की गई। साथ ही कहा गया कि हाईकमान ने टेकचंद डोगरा को टिकट नहीं दिया तो वे उन्हें आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारेंगे।
प्रदेश कांग्रेस सचिव संजू डोगरा ने कहा कि उन्होंने इपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उनके पिता पूर्व विधायक टेक चंद डोगरा को 23 अक्तूबर तक अगर हाईकमान ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया तो उन्हें आजाद चुनाव में उतरा जाएगा।
ब्लॉक अध्यक्ष टेक सिंह राघवा ने कहा कि हाईकमान ने ब्लॉक से भेजे गए एक भी नाम पर मुहर नहीं लगाई है। इसके चलते उन्होंने त्यागपत्र दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह 1993 में टेक चंद डोगरा का टिकट कटने पर उन्होंने आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता था, उसी तर्ज पर इतिहास अपने आप को एक बार फिर दोहराएगा।
वीरभद्र ने कुछ लोगों के कहने पर काटा टिकट: खूबराम
आनी (कुल्लू)। आनी के सिटिंग विधायक खूबराम आनंद ने टिकट कटने के बाद आखिर चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने आलाकमान और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर उनका टिकट काटने को लेकर सवाल उठाए हैं।
खूबराम ने कहा कि अंतिम समय तक उनका नाम अखबारों, टीवी में आता रहा। खुद वीरभद्र सिंह ने टिकट पक्का रहने का वादा किया था।
आलाकमान ने बयान जारी किया कि सिटिंग विधायकों का टिकट नहीं कटेगा तो अचानक ऐसा क्या हुआ कि वीरभद्र सिंह को अपनी जुबान से मुकरना पड़ा। जो कुछ भी हुआ, वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
खूबराम आनंद ने आरोप लगाया कि उनका टिकट कुछेक लोगों के कहने पर वीरभद्र सिंह ने पुत्र मोह में काटा है। विधायक के तौर पर उन्होंने अंतिम समय तक आनी विधानसभा क्षेत्र में काम किया।
सड़कों और कई अन्य योजनाओं के उद्घाटन गांव-गांव जाकर किए, जबकि उनके बारे में झूठ फैलाया गया कि खूबराम आनंद बीमार हैं और चलने-फिरने के काबिल नहीं हैं।