ये कोतवाली है या सब्जियों के खेत, यहां कबाड़ में भी खिल रहे फूल
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ग्रेटर नोएडा के कासना कोतवाली ने बाकी कोतवालियों के लिए मिसाल पेश की है। अब तक जिस जगह दुर्घटना व अन्य मामलों के वाहन कबाड़ के रूप में अटे पड़े थे वहां अब हरियाली दिख रही है। जर्जर वाहनों को थाने के पीछे के हिस्से में रखवाकर खाली जगह में बागवानी व खेती शुरू कर दी गई है।
कोतवाली के सामने के हिस्से को बगीचे की शक्ल देकर फूलवारी लगा दी गई है, तो पीछे के हिस्सेे की जुताई कर तोरई की बुवाई की गई है। दरअसल पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त रहने के लिए मनोचिकित्सक सलाह देते हैं कि उनका कार्यस्थल साफ-सुथरा रहना चाहिए।
इससे पुलिसकर्मियों की मानसिकता और कार्यशैली पर सकरात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी फार्मूले को अपनाते हुए कासना कोतवाली प्रभारी सुधीर त्यागी ढाई माह से प्रयासरत हैं। बता दें कि कासना कोतवाली में सैकड़ों की संख्या में एक्सीडेंटल और विभिन्न केसों से संबंधित वाहन खड़े थे। इससेे कोतवाली बदहाल दिखाई देती थी।
गार्डन बनेगा और उगाएंगे मौसमी सब्जियां
कोतवाली प्रभारी ने इन वाहनों को कोतवाली के पीछे खाली पड़ी जमीन पर रखवा दिया। वहीं, कोतवाली के ठीक पीछे खड़े वाहनों को भी काफी पीछे खड़ा करवा दिया। इससेे कोतवाली के आगे और पीछे का बड़ा एरिया खाली हो गया, जिसकी सफाई करवाकर कुछ हिस्से में सीमेंट की टाइल लगवाकर आमजन व पुलिसकर्मियों की बैठने की व्यवस्था कराई गई।
इसके किनारे पर फूलों के गमलेे लगाए गए और जमीन में पौधरोपण कराया गया। कासना कोतवाली की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। बाकी थानों और कोतवालियों में भी जगह तलाशी जा रही है।
प्रभारी सुधीर त्यागी ने बताया कि कोतवाली के सामने खाली जमीन में आने वालेे समय में घास लगाकर गार्डन बनाया जाएगा। कोतवाली के पीछे के हिस्से को पुलिसकर्मी स्वयं ट्रैक्टर चलाकर जुताई की। इस भूमि पर पुलिस ने तोरई की बुवाई की है। आने वालेे समय में इसमें मौसमी सब्जियों की बुवाई करने की योजना है।