हादसे में घायलों की मदद करते रहे बेटे, नहीं दिखाई दी पिता की लाश
- हादसा हुआ सुबह करीब पौने ग्यारह बजे
- डीसीएम करीब दस फुट गड्ढे में गिरकर पलटी
- वाहन में महिलाएं-बच्चे और बुजुर्ग भी थे सवार
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डीसीएम ट्रक साइकिल सवार को रौंदते हुए गड्ढे में पलट गया। साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि डीसीएम में सवार एक बुजुर्ग ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
डीसीएम में सवार 19 लोग घायल हो गए थे। इन्हें प्राथमिक चिकित्सालय से ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। इंस्पेक्टर उमाशंकर उत्तम ने बताया कि हादसा सुबह करीब पौने ग्यारह बजे हुआ।
डीसीएम दुबग्गा से सवारियां लेकर हरदोई जा रही थी। फरीदीपुर सरांवा के बीच हरदोई रोड पर डीसीएम के चालक ने आगे चल रही बस को ओवरटेक करने की कोशिश तभी सामने से साइकिल सवार आ गया।
डीसीएम चालक के होश उड़ गए। साइकिल सवार को रौंदते हुए डीसीएम करीब दस फुट गड्ढे में गिरकर पलट गई। वाहन में महिलाएं-बच्चे और बुजुर्ग भी सवार थे। ग्रामीणों ने घायलों को बाहर निकाला।
इंस्पेक्टर ने बताया कि मौके पर आठ एंबुलेंस पहुंच गईं जिनसे घायलों को अस्पताल ले जाया गया। देर रात हादसे में मारे गए साइकिल सवार के परिवारीजन मलिहाबाद थाना पहुंचे और शव की शिनाख्त की।
अधिकतर सवार थे हरदोई से सब्जी लेकर आने वाले
इंस्पेक्टर ने बताया कि साइकिल सवार रसूलपुर मलिहाबाद निवासी 52 वर्षीय किसान श्यामलाल था। वह घरेलू सामान खरीदने के लिए मलिहाबाद कस्बा जा रहा था। सोमवार को ट्रामा सेंटर में भर्ती कासिमपुर हरदोई निवासी 65 वर्षीय सूबेदार ने भी दम तोड़ दिया।
सूबेदार डीसीएम में बैठकर घर लौट रहे थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि डीसीएम घटनास्थल पर ही पलटी पड़ी है। अभी तक वाहन का कोई दावेदार नहीं आया है। न ही चालक का पता चल पा रहा है। डीसीएम में अधिकतर हरदोई से सब्जी लेकर आने वाले लोग सवार थे।
हादसे की सूचना पाकर श्यामलाल का भाई कृपाशंकर, बेटे विमलेश, कमलेश, प्रेम और अखिलेश घटनास्थल पहुंचकर डीसीएम में फंसे घायलों की मदद में जुट गए लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि इसी डीसीएम ने उनके पिता को छीन लिया है।
सभी घायलों को अस्पताल भिजवाने के बाद ग्रामीणों के साथ वह भी घर लौट गए। उधर, शाम तक श्यामलाल लौटकर नहीं आए तो परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की। कुछ पता न चलने पर सभी मलिहाबाद थाना पहुंचे और पिता के बारे में बताया।
पुलिस ने बताया कि डीसीएम की चपेट में आकर एक साइकिल सवार की मौत हो गई थी। शव मर्च्युरी भेजकर टूटी-फूटी साइकिल ग्राम प्रधान अवधेश के पास रखवा दी है।
श्यामलाल के परिवारीजन प्रधान के घर पहुंचे और साइकिल पहचान ली। इसके बाद रोना-पीटना मच गया। रात को ही श्यामलाल के बेटे मर्च्युरी पहुंचे और शव की शिनाख्त की।