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रेत खदानों की नीलामी रद्द नहीं होगी, कैप्टन बोले- दबाव में नहीं झुकेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 05 Jun 2017 09:18 AM IST
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- फोटो : File Photo
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुल कर कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत केपक्ष में स्टैंड लिया है। उन्होंने कहा कि रेत खदानों की नीलामी किसी भी हालत में रद्द नहीं होगी। सरकार विपक्ष के दबाव में नहीं आएगी।
सीएम ने कहा कि नीलामी पूरे पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से हुई। इसकी निगरानी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज और दो आईएएस अफसरों ने की। कुछ लोगों की ओर से लगाए जा रहे अनुचित तरीके इस्तेमाल करने के आरोपों में कोई दम नहीं है। जहां तक राणा गुरजीत पर लगे आरोपों की बात है, इस मामले में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार की कंपनी आईटीआई लिमिटेड की ओर से कराई बोली की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को मानने का कोई तुक नहीं है। 19-20 मई को हुई ई-नीलामी के दौरान एक बोलीदार को दूसरे बोलीदारों के बारे में कुछ पता नहीं था। ऐसा इसलिए किया गया था कि किसी दबाव का इस्तेमाल न किया जा सके। कंपनी ने हेल्प डेस्क भी स्थापित की थी, जिसने मौके पर ही शिकायतों का निपटारा किया। नीलामी के दौरान आठ खदानों की बोली नहीं हो सकी। 18 खदानों केलिए सिर्फ एक ही बोलीदार आए। काफी सोच विचार कर इन्हें बोली लगाने का मौका दिया गया, लेकिन बाद में सिर्फ 16 खदानों केलिए ही बोली हुई।
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सीएम ने कहा कि नीलामी पूरे पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से हुई। इसकी निगरानी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज और दो आईएएस अफसरों ने की। कुछ लोगों की ओर से लगाए जा रहे अनुचित तरीके इस्तेमाल करने के आरोपों में कोई दम नहीं है। जहां तक राणा गुरजीत पर लगे आरोपों की बात है, इस मामले में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार की कंपनी आईटीआई लिमिटेड की ओर से कराई बोली की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को मानने का कोई तुक नहीं है। 19-20 मई को हुई ई-नीलामी के दौरान एक बोलीदार को दूसरे बोलीदारों के बारे में कुछ पता नहीं था। ऐसा इसलिए किया गया था कि किसी दबाव का इस्तेमाल न किया जा सके। कंपनी ने हेल्प डेस्क भी स्थापित की थी, जिसने मौके पर ही शिकायतों का निपटारा किया। नीलामी के दौरान आठ खदानों की बोली नहीं हो सकी। 18 खदानों केलिए सिर्फ एक ही बोलीदार आए। काफी सोच विचार कर इन्हें बोली लगाने का मौका दिया गया, लेकिन बाद में सिर्फ 16 खदानों केलिए ही बोली हुई।
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खनन घोटाले का हिस्सा बन रहे हैं सीएम : खैरा
सुखपाल खैरा
- फोटो : file photo
खनन घोटाले का हिस्सा बन रहे हैं सीएम : खैरा
आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा ने कहा है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से जस्टिस नारंग का बचाव समझ से परे है। जबकि, यह साफ हो चुका है कि जस्टिस नारंग का बेटा राणा गुरजीत सिंह का वकील है।
जस्टिस नारंग का बचाव कर सीएम जांच शुरू होने से पहले ही उसे प्रभावित कर रहे हैं। वह खुद खनन घोटाले का हिस्सा बन रहे हैं। दरअसल, सीएम ने राणा गुरजीत को पहले ही क्लीन चिट दे दी है। अगर उन्हें अपने मंत्री पर इतना ही भरोसा था तो उन्होंने जांच के आदेश क्यों दिए। खैरा ने आरोप लगाया कि जस्टिस नारंग ने 2004 में चंडीगढ़ में आठ एकड़ की प्राइम लैंड अपने दोनों बेटों के नाम पर करवाई, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने रद्द किया।
आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा ने कहा है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से जस्टिस नारंग का बचाव समझ से परे है। जबकि, यह साफ हो चुका है कि जस्टिस नारंग का बेटा राणा गुरजीत सिंह का वकील है।
जस्टिस नारंग का बचाव कर सीएम जांच शुरू होने से पहले ही उसे प्रभावित कर रहे हैं। वह खुद खनन घोटाले का हिस्सा बन रहे हैं। दरअसल, सीएम ने राणा गुरजीत को पहले ही क्लीन चिट दे दी है। अगर उन्हें अपने मंत्री पर इतना ही भरोसा था तो उन्होंने जांच के आदेश क्यों दिए। खैरा ने आरोप लगाया कि जस्टिस नारंग ने 2004 में चंडीगढ़ में आठ एकड़ की प्राइम लैंड अपने दोनों बेटों के नाम पर करवाई, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने रद्द किया।