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Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस साल भागलपुर में दूसरा आगमन, चुनावी माहौल में जनता को क्या मिलेगी सौगात
Sun, 02 Nov 2025 03:03 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sun, 02 Nov 2025 03:03 PM IST
सार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 नवंबर को भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। यह इस साल उनका भागलपुर का दूसरा दौरा होगा।
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पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल अब अपने चरम पर है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख करीब आ रही है, सियासी पारा तेज़ी से चढ़ता जा रहा है। इसी बीच अब सबकी निगाहें भागलपुर पर टिक गई हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 नवंबर को भागलपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करने जा रहे हैं। यह रैली इस साल प्रधानमंत्री का भागलपुर का दूसरा दौरा होगी और इसे बिहार ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल की राजनीति के लिए निर्णायक रैली माना जा रहा है।
पहला दौरा योजनाओं के लिए, दूसरा चुनावी मैदान के लिए
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले 24 फरवरी 2025 को भागलपुर आए थे। उस समय उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाखों किसानों को आर्थिक सहायता की किश्त जारी की थी। वह दौरा पूरी तरह विकास और योजनाओं पर केंद्रित था। लेकिन इस बार का दौरा पूरी तरह चुनावी रंग में डूबा हुआ है। राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बीजेपी इस जनसभा के ज़रिए अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है। सूत्रों के मुताबिक, इस रैली में केंद्र सरकार भागलपुर और आस-पास के जिलों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकती है, जिनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और कृषि विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
6 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ की संभावना
भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में होने वाली इस सभा की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। बीजेपी जिलाध्यक्ष के अनुसार, रैली स्थल पर 6 लाख से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। भागलपुर के अलावा बांका, गोड्डा, जमुई, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, मुंगेर और बेगूसराय से भी भारी संख्या में भीड़ जुटने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतज़ाम किए हैं। शहर में ड्रोन से निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अलग मार्ग योजना, और भीड़ प्रबंधन के लिए RAF और जिला पुलिस बल की तैनाती की गई है। डीएम और एसएसपी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं।
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पढ़ें: '20 साल दिया उन्हें, अब मुझे 20 माह दीजिए बिहार बदल दूंगा', तेजस्वी यादव का पीएम
संभावित घोषणाएं: विकास की नई सौगातें
प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा में भागलपुर के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं संभव हैं, जिनमें प्रमुख हैं,
भागलपुर एयरपोर्ट का विस्तार
लंबे समय से लंबित इस परियोजना पर केंद्र सरकार नई घोषणा कर सकती है। इससे क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
भागलपुर सिल्क उद्योग को प्रोत्साहन
“मेक इन इंडिया और लोकल टू ग्लोबल” अभियान के तहत भागलपुर के रेशमी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा हो सकती है।
गंगा एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी
भागलपुर को पटना और सिलीगुड़ी से जोड़ने वाले हाईवे नेटवर्क को मज़बूत करने पर चर्चा की संभावना है।
कृषि और सिंचाई परियोजनाएं:
किसान सम्मान निधि के विस्तार के साथ दक्षिण बिहार के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में नई सिंचाई परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है।
शहरी विकास और स्मार्ट सिटी मिशन:
भागलपुर को “स्मार्ट सिटी 2.0 मिशन” के तहत नई सुविधाएँ मिलने की उम्मीद है — जिसमें सड़क, सीवरेज और जलापूर्ति परियोजनाएँ शामिल हैं।
चुनावी समीकरण अजीत शर्मा बनाम रोहित पांडे
भागलपुर विधानसभा सीट इस बार राजनीतिक हॉट सीट बन गई है। यहां मुकाबला है कांग्रेस के तीन बार के विधायक अजीत शर्मा और भाजपा के रोहित पांडे के बीच। पिछले चुनाव में रोहित पांडे को मामूली अंतर से हार मिली थी। इस बार बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और विकास एजेंडे को लेकर जनता के बीच उतरने की तैयारी में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मोदी की यह रैली चुनावी हवा का रुख बदलने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
भागलपुर में उमंग और तैयारियां
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह है। भाजपा कार्यकर्ता पूरे शहर को पोस्टर, बैनर और झंडों से सजा रहे हैं। हर चौक-चौराहे पर “आएंगे मोदी, बदलेंगे बिहार” के नारे गूंज रहे हैं। रैली स्थल के आसपास स्वयंसेवकों की टीमें तैनात हैं ताकि दूरदराज़ से आने वाले लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की टीम भागलपुर पहुंच चुकी है। रैली स्थल को तीन सुरक्षा घेरों में बांटा गया है। हर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर और CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस, NDRF और जिला प्रशासन पूरी सतर्कता में हैं।
राजनीतिक असर: बीजेपी को मिलेगा फ़ायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस जनसभा से बीजेपी को सीधा राजनीतिक लाभ मिल सकता है। पिछले चुनाव में मामूली अंतर से हारे रोहित पांडे के लिए यह रैली नया मनोबल और जनसमर्थन ला सकती है। वहीं, कांग्रेस और महागठबंधन इसे “चुनावी स्टंट” बताते हुए सरकार के विकास दावों पर सवाल उठा सकते हैं।
निष्कर्ष: 6 नवंबर को तय होगी नई दिशा
अब सबकी निगाहें 6 नवंबर पर टिकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि विकास की नई परिकल्पना और चुनावी संदेश का प्रतीक माना जा रहा है। भागलपुर की जनता को इस बार कई नई योजनाओं और सौगातों की उम्मीद है।
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पहला दौरा योजनाओं के लिए, दूसरा चुनावी मैदान के लिए
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले 24 फरवरी 2025 को भागलपुर आए थे। उस समय उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाखों किसानों को आर्थिक सहायता की किश्त जारी की थी। वह दौरा पूरी तरह विकास और योजनाओं पर केंद्रित था। लेकिन इस बार का दौरा पूरी तरह चुनावी रंग में डूबा हुआ है। राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बीजेपी इस जनसभा के ज़रिए अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है। सूत्रों के मुताबिक, इस रैली में केंद्र सरकार भागलपुर और आस-पास के जिलों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकती है, जिनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और कृषि विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
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6 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ की संभावना
भागलपुर के हवाई अड्डा मैदान में होने वाली इस सभा की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। बीजेपी जिलाध्यक्ष के अनुसार, रैली स्थल पर 6 लाख से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। भागलपुर के अलावा बांका, गोड्डा, जमुई, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, मुंगेर और बेगूसराय से भी भारी संख्या में भीड़ जुटने की संभावना है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कड़े इंतज़ाम किए हैं। शहर में ड्रोन से निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अलग मार्ग योजना, और भीड़ प्रबंधन के लिए RAF और जिला पुलिस बल की तैनाती की गई है। डीएम और एसएसपी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं।
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संभावित घोषणाएं: विकास की नई सौगातें
प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा में भागलपुर के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं संभव हैं, जिनमें प्रमुख हैं,
भागलपुर एयरपोर्ट का विस्तार
लंबे समय से लंबित इस परियोजना पर केंद्र सरकार नई घोषणा कर सकती है। इससे क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
भागलपुर सिल्क उद्योग को प्रोत्साहन
“मेक इन इंडिया और लोकल टू ग्लोबल” अभियान के तहत भागलपुर के रेशमी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा हो सकती है।
गंगा एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी
भागलपुर को पटना और सिलीगुड़ी से जोड़ने वाले हाईवे नेटवर्क को मज़बूत करने पर चर्चा की संभावना है।
कृषि और सिंचाई परियोजनाएं:
किसान सम्मान निधि के विस्तार के साथ दक्षिण बिहार के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में नई सिंचाई परियोजनाओं की सौगात मिल सकती है।
शहरी विकास और स्मार्ट सिटी मिशन:
भागलपुर को “स्मार्ट सिटी 2.0 मिशन” के तहत नई सुविधाएँ मिलने की उम्मीद है — जिसमें सड़क, सीवरेज और जलापूर्ति परियोजनाएँ शामिल हैं।
चुनावी समीकरण अजीत शर्मा बनाम रोहित पांडे
भागलपुर विधानसभा सीट इस बार राजनीतिक हॉट सीट बन गई है। यहां मुकाबला है कांग्रेस के तीन बार के विधायक अजीत शर्मा और भाजपा के रोहित पांडे के बीच। पिछले चुनाव में रोहित पांडे को मामूली अंतर से हार मिली थी। इस बार बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और विकास एजेंडे को लेकर जनता के बीच उतरने की तैयारी में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मोदी की यह रैली चुनावी हवा का रुख बदलने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
भागलपुर में उमंग और तैयारियां
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह है। भाजपा कार्यकर्ता पूरे शहर को पोस्टर, बैनर और झंडों से सजा रहे हैं। हर चौक-चौराहे पर “आएंगे मोदी, बदलेंगे बिहार” के नारे गूंज रहे हैं। रैली स्थल के आसपास स्वयंसेवकों की टीमें तैनात हैं ताकि दूरदराज़ से आने वाले लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की टीम भागलपुर पहुंच चुकी है। रैली स्थल को तीन सुरक्षा घेरों में बांटा गया है। हर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर और CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस, NDRF और जिला प्रशासन पूरी सतर्कता में हैं।
राजनीतिक असर: बीजेपी को मिलेगा फ़ायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस जनसभा से बीजेपी को सीधा राजनीतिक लाभ मिल सकता है। पिछले चुनाव में मामूली अंतर से हारे रोहित पांडे के लिए यह रैली नया मनोबल और जनसमर्थन ला सकती है। वहीं, कांग्रेस और महागठबंधन इसे “चुनावी स्टंट” बताते हुए सरकार के विकास दावों पर सवाल उठा सकते हैं।
निष्कर्ष: 6 नवंबर को तय होगी नई दिशा
अब सबकी निगाहें 6 नवंबर पर टिकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि विकास की नई परिकल्पना और चुनावी संदेश का प्रतीक माना जा रहा है। भागलपुर की जनता को इस बार कई नई योजनाओं और सौगातों की उम्मीद है।