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सजा सुनने के बाद बच्चों का 'कुकर्मी' बोला, SC तक मेरी बात पहुंचा दो
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 24 Dec 2016 04:24 PM IST
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जुल्फिकार को मिलेगी सजा
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सजा का ऐलान होने के बाद बच्चों के 'बलात्कारी' ने जज से मुलाकात की और कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक मेरी अर्जी पहुंचा दीजिए। मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय से सजा सुनाए जाने के बाद जुल्फिकार खान हक्का-बक्का रह गया।
सजा सुनाए जाने से पहले हंस-हंसकर बात करने वाला जुल्फिकार सजा सुनाने के बाद एकदम शांत हो गया। उसके चेहरे पर चिंता के भाव और तनाव साफ दिख रहे थे। इसके बाद उसने जज साहब से दो मिनट के लिए अपनी बात रखने की अपील की।
उसकी अपील पर जज कोर्ट रूम में आए तो जुल्फिकार ने उनसे कहा ‘जज साहब उसने उनके बारे में जेल में काफी कुछ सुनना है। इसलिए आपसे एक गुजारिश है कि आप बस मेरी एक बात सुन लें। सुप्रीम कोर्ट तक मेरी दरख्वास्त भेज दें। चाहे वह स्वीकार करें या न करें, मुझे संतुष्टि हो जाएगी।’
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सजा सुनाए जाने से पहले हंस-हंसकर बात करने वाला जुल्फिकार सजा सुनाने के बाद एकदम शांत हो गया। उसके चेहरे पर चिंता के भाव और तनाव साफ दिख रहे थे। इसके बाद उसने जज साहब से दो मिनट के लिए अपनी बात रखने की अपील की।
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उसकी अपील पर जज कोर्ट रूम में आए तो जुल्फिकार ने उनसे कहा ‘जज साहब उसने उनके बारे में जेल में काफी कुछ सुनना है। इसलिए आपसे एक गुजारिश है कि आप बस मेरी एक बात सुन लें। सुप्रीम कोर्ट तक मेरी दरख्वास्त भेज दें। चाहे वह स्वीकार करें या न करें, मुझे संतुष्टि हो जाएगी।’
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इतने साल बाद कैसे खुद को पाक साफ दिखाऊं?
जुल्फिकार को मिलेगी सजा
- फोटो : अमर उजाला
जुल्फिकार का कहना था कि ‘ऐसे मामलों में पुलिस केस दर्ज करने से पहले या अदालत मौखिक शिकायत पर केस दर्ज करने के साथ ही सबूत जरूर मांगे। 2007-10 के बीच कुछ गलत करने के आरोप से इतने साल बाद कैसे खुद को पाक साफ दिखाऊं?
वर्षों पहले लगे इल्जाम से अब कैसे खुद को बेगुनाह साबित करूं।’ इतना ही नहीं उसने यह भी कहा कि अगर इस तरह के झूठे आरोप लगेंगे तो कोई भी भविष्य में सामाजिक सेवा नहीं करेगा।
उसने भारी आवाज में अदालत में कहा कि, ‘मेरा नाम जुल्फिकार खान है और मैंने इस शहर में 25 साल शाही जिंदगी गुजारी, लेकिन कुछ लोगों ने उसे मिलकर तबाह कर दिया। उसका सब कुछ छीन लिया।’उसके इतना कहने के बाद जज अपनी सीट से यह कहकर उठ गए कि वह उनकी बात को देखेंगे।
वर्षों पहले लगे इल्जाम से अब कैसे खुद को बेगुनाह साबित करूं।’ इतना ही नहीं उसने यह भी कहा कि अगर इस तरह के झूठे आरोप लगेंगे तो कोई भी भविष्य में सामाजिक सेवा नहीं करेगा।
उसने भारी आवाज में अदालत में कहा कि, ‘मेरा नाम जुल्फिकार खान है और मैंने इस शहर में 25 साल शाही जिंदगी गुजारी, लेकिन कुछ लोगों ने उसे मिलकर तबाह कर दिया। उसका सब कुछ छीन लिया।’उसके इतना कहने के बाद जज अपनी सीट से यह कहकर उठ गए कि वह उनकी बात को देखेंगे।
कोर्ट रूम के बाहर नाटक!
जुल्फिकार खान
- फोटो : अमर उजाला
सजा के बाद तनाव में आए जुल्फिकार ने कोर्ट रूम के बाहर नुक्कड़ नाटक की तरह ड्रामा किया। उसने उसे जेल भिजवाने वाले पीड़ित बच्चों की कथित उम्र प्रमाण पत्र के दस्तावेज दिखाने का प्रयास किया।
साथ ही सवाल उठाए कि जिनका जन्म वर्ष 1992 का है क्या यह बच्चे हैं। उसने कहा कि एक पीड़ित की मां कूड़ा उठाती है, जबकि उसके बेटे ने उसके खिलाफ केस दर्ज होने और उसकी गिरफ्तारी के बाद डेढ़ लाख की बाइक खरीदी।
साथ ही उसके पास महंगा मोबाइल है। उसने कहा कि उसकी गिरफ्तारी के अगले ही दिन उस पर आरोप लगाने वाले बच्चों के पास महंगी बाइक और मोबाइल कहां से आए?
साथ ही सवाल उठाए कि जिनका जन्म वर्ष 1992 का है क्या यह बच्चे हैं। उसने कहा कि एक पीड़ित की मां कूड़ा उठाती है, जबकि उसके बेटे ने उसके खिलाफ केस दर्ज होने और उसकी गिरफ्तारी के बाद डेढ़ लाख की बाइक खरीदी।
साथ ही उसके पास महंगा मोबाइल है। उसने कहा कि उसकी गिरफ्तारी के अगले ही दिन उस पर आरोप लगाने वाले बच्चों के पास महंगी बाइक और मोबाइल कहां से आए?