फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   wrong injection to people in chandigarh pgi, danger to 32 people eye sight

30 लोगों की आंखों की रोशनी खतरे में, PGI की जांच में सामने आया सच

Fri, 15 Jul 2016 04:58 PM IST
आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 15 Jul 2016 04:58 PM IST
विज्ञापन
wrong injection to people in chandigarh pgi, danger to 32 people eye sight
चंडीगढ़ पीजीआई में गलत इंजेक्शन का शिकार हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
पीजीआई में मरीजों को इंजेक्शन दिए जाने के बाद 30 लोगों की आंखों की रोशनी खतरे में पड़ने के हादसे की जांच में सच सामने आ गया है। जांच में इंजेक्शन में जहरीला कीटाणु मिला है। पीजीआई ने दवा कंपनी के खिलाफ शिकायत करने की बात भी कही है।
विज्ञापन


पीजीआई ने सफाई देते हुए कहा है कि पहले भी इस तरह से कई मरीजों की सर्जरी हो चुकी है, लेकिन आज तक कोई साइड इफेक्ट नहीं मिला था। अभी कह पाना मुश्किल है कि मरीजों की आंखों को कितना नुकसान हुआ है। फिलहाल कई मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। सभी मरीजों को दो दिन और निगरानी में रखा जाएगा। सभी मरीजों की आंखों की रोशनी बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन


एडवांस आई सेंटर के डाक्टरों ने बताया है कि मरीजों की आंखों में एवस्टिन नामक जो इंजेक्शन लगाया गया था, उसकी जांच करने पर पता चला है कि उसमें जहरीला कीटाणु पनपने लगा था। जिसका नाम स्टीनोट्रोफोमोनास मेल्टोफिला है। अब तक 27 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। कुल 30 लोगों की आंखों में 12 जुलाई को एवस्टिन नामक इंजेक्शन लगाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंजेक्शन पर नहीं लगाया जाएगा प्रतिबंध

wrong injection to people in chandigarh pgi, danger to 32 people eye sight
इंजेक्‍शन - फोटो : डेमो फोटो
एडवांस आई सेंटर के डाक्टरों ने बताया है कि एवस्टिन इंजेक्शन का इस्तेमाल साल 2007 से किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई साइडइफेक्ट सामने नहीं आया है। पूरे विश्व में इस ड्रग का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि इंफेक्शन के मामले पहले भी अन्य जगहों से आ चुके हैं।

अंधेपन को रोकने के लिए यही सबसे सस्ती ड्रग है। मरीजों को लगाने से पहले उनकी स्वीकृति ली जाती है। इसका इस्तेमाल डायबिटिज के दौरान कम होती रोशनी को बचाने व उम्रदराज लोगों में जाती रोशनी को रोकने में किया जाता है। यह दवा उम्रदराज लोगों की आंखों में होने वाली ब्लड वेसल की असामान्य ग्रोथ को नियंत्रित करती है।

 

पीजीआई की कोई लापरवाही नहीं, दवा कंपनी के खिलाफ होगी शिकायत

wrong injection to people in chandigarh pgi, danger to 32 people eye sight
चंडीगढ़ पीजीआई में गलत इंजेक्शन का शिकार हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
एडवांस आई सेंटर की डाक्टर वैशाली ने बताया कि इस मामले में पीजीआई की तरफ से कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई है। मरीजों को दी जाने वाली दवा में ही बैक्टीरिया पाया गया है। इसकी शिकायत एचओडी और डायरेक्टर को दी जाएगी, ताकि लापरवाही पर जरूरी एक्शन हो सके। पीजीआई ने बताया कि सभी मरीजों को सर्वोत्तम इलाज देने की कोशिश जारी है। आंखों को बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मरीजों के परिजन बोले, पीजीआई पर पूरा विश्वास
पीजीआई में दाखिल मरीजों के परिजनों ने कहा है कि उन्हें पीजीआई के ट्रीटमेंट पर पूरा विश्वास है। वे पहले भी पीजीआई आते रहे हैं। मनानी की विमला आनंद के पति मानचंद की आंखों में भी दिक्कत आई थी। विमला का कहना है कि वे पहले भी पीजीआई में इलाज कराते रहे हैं। कई लोगों की आंखे पीजीआई ने ही ठीक की है।

उम्मीद है कि पीजीआई मेरे पति की आंख ठीक कर देगा। ऐसा ही कुछ सर्वेश का कहना है कि उन्होंने बताया कि वे खुद ५० से ज्यादा मरीजों को पीजीआई में दिखवा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई लापरवाही नहीं आई है। हमें पीजीआई पर पूरा विश्वास है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed