एक कोर्ट, जहां तारीख पर तारीख नहीं लगती...6 महीने के अंदर ही निपटा दिया जाता है केस
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हम आपको बताने जा रहे हैं, एक ऐसी कोर्ट के बारे में जहां तारीख पर तारीख नहीं लगती। बल्कि छह महीने के अंदर ही केस का निपटारा कर दिया जाता है। वारंटी पीरियड में मोबाइल खराब हो गया, लेकिन कंपनी बदल नहीं रही या ठीक नहीं कर रही। ऑनलाइन मंगवाया तो था लेदर जैकेट, लेकिन शॉपिंग वेबसाइट ने कुछ और ही भेज दिया। इस प्रकार की छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना जीवन में हम सभी कभी न कभी करते हैं। अधिकांश लोग ऐसे मामलों में मन ही मन कुढ़ते रहते हैं या दूसरों के सामने भड़ास निकाल लेते हैं, पर अपने अधिकारों की लड़ाई नहीं लड़ते।
एससीडीआरसी के प्रेसिडेंट जस्टिस जसबीर सिंह(रिटा.) की मानें तो चंडीगढ़ के स्टेट कमीशन व फोरम का डिस्पोजल रेट देश में सबसे ज्यादा है। यहां शिकायतकर्ता को तारीख पर तारीख नहीं मिलती, औसतन 6 महीने के अंदर केस का निपटारा कर दिया जाता है। सेक्टर-19 स्थित राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में कई तरह की शिकायतें आ रही हैं। इनमें प्रॉपर्टी, बीमा और बैंकिंग से जुड़े मामले अधिक हैं। इन दिनों ऑनलाइन शॉपिंग व साइबर धोखाधड़ी के मामलों की संख्या बढ़ी है।
चंडीगढ़ में साल 1989 में उपभोक्ता आयोग के फोरम का गठन हुआ था। अब तक उपभोक्ता आयोग में कुल 22,370 मामले आए, जिनमें 21,722 का निपटारा किया जा चुका है। इनमें से 2,095 विवाद बीमा से जुड़े हैं। वहीं, जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में कुल 60,514 मामले आए हैं। इनमें से 59,333 केसों का निपटारा भी हो चुका है। फोरम में आने वाले सबसे ज्यादा मामले बीमा से जुड़े हैं, जिनकी कुल संख्या 10,892 है।
कहां और कैसे करें केस
राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, प्लॉट नंबर-5बी, सेक्टर-19बी, चंडीगढ़
ऐसे करें शिकायत-
- नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4000 या 0172-2700183 पर कॉल कर सकते हैं।
- वेबसाइट http://www.nationalconsumerhelpline.in/ पर लॉगइन करके भी कंप्लेंट रजिस्टर कॉलम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- सेक्टर-19 स्थित फोरम में एक सेंट्रलाइज्ड शिकायत केंद्र बनाया गया है, जहां जाकर कोई भी केस फाइल करने संबंधी जानकारी ले सकता है।
- जिले के उपभोक्ता फोरम में जाकर लिखित शिकायत कर सकते हैं।
ऐसे दें लिखित शिकायत
एक सादे कागज पर निर्धारित शुल्क के साथ खुद या वकील के जरिए तीन कॉपी के सेट में शिकायत दाखिल कर सकते हैं। शिकायतकर्ता व विपक्षी का नाम, पता, शिकायत का कारण, कब हुआ विवाद और मांगी गई क्षतिपूर्ति का विवरण भी प्रमाण के साथ देना जरूरी है। फोरम के पक्ष में पोस्टल ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए शुल्क जमा होगा। दुकानदार, कंपनी, डीलर या फिर सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।
ये जरूरी दस्तावेज होने चाहिए
शिकायत के साथ कैश मेमो, रसीद की कॉपी, बिल, गारंटी या वारंटी कार्ड, कंपनी या दुकान के खिलाफ की गई शिकायत का सबूत देना होगा।
ऐसे तय करें अपना फोरम
आर्थिक रूप से तय होगी फीस
- 5 लाख रुपये तक कोई फीस नहीं
- 5 लाख से 10 लाख तक के लिए 200 रुपये।
- 10 लाख से 20 लाख रुपये तक के लिए 400 रुपये।
(स्टेट कमीशन)
- 20 लाख से 50 लाख तक के लिए 2000 रुपये।
- 50 लाख से 1 करोड़ तक के लिए 4000 रुपये।
(नेशनल कमीशन)
- 1 करोड़ से अधिक रुपये के लिए 5000 रुपये।
स्टेट कमीशन का डिस्पोजल रेट देश में सबसे ज्यादा है। चंडीगढ़ का फोरम सबसे एडवांस है, लेकिन फिर भी लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। हमारी कोशिश है कि उपभोक्ता अधिकारों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
- जस्टिस जसबीर सिंह(रिटा.), प्रेसिडेंट, एससीडीआरसी