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टैंक की सफाई करने उतरे 4 मजदूरों की मौत, 3 की हालत नाजुक
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत/राई
Updated Thu, 02 Jun 2016 12:05 PM IST
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कुंए में जहरीली गैस से चार मजदूरों की सोनीपत
- फोटो : अमर उजाला
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सोनीपत जिले में एचएसआईआईडीसी राई स्थित एक फूड प्रोडक्ट फैक्टरी में टैंक की सफाई करने उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस से मौत हो गई। अन्य तीन मजदूरों की हालत गंभीर है। उन्हें बहालगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मुआयना कर शवों को कब्जे में लिया।
एचएसआईआईडीसी राई स्थित बीकानेर फूड प्रोडक्ट फैक्टरी, जिसका प्लाट नंबर 2272, 2273, 74 व 75 हैं, में उमा शंकर और संजय ठेकेदार के कारिंदे काम करते हैं। मंगलवार रात करीब आठ बजे ढके हुए टैंक से अन्य खुले टैंक में जाने वाला पानी आना बंद हो गया। इस पर एक मजदूर उसे खोलने के लिए खुले टैंक में उतरा था।
जब उसने बंद टैंक में बने सुराख को खोला तो अचानक जहरीली गैस के प्रभाव में आने से वह बेसुध होकर गिर गया। उसे बचाने के लिए एक अन्य मजदूर टैंक में उतरा तो वह भी गैस के प्रभाव में आ गया। इसके बाद पांच मजदूर और उतरे, लेकिन पांचों ही जहरीली गैस के प्रभाव में आ गए। इनमें से चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य तीन मजदूर बेसुध हो गए।
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हादसे की सूचना प्रशासन और पुलिस को दी गई। राई थाना प्रभारी वजीर सिंह, नायब तहसीलदार राई हरि सिंह पूनिया और एचएसआईआईडीसी के एजीएम सुनील कुमार मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक अमले ने फायर ब्रिगेड की मदद से टैंक में फंसे शवों को बाहर निकाला।
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एचएसआईआईडीसी राई स्थित बीकानेर फूड प्रोडक्ट फैक्टरी, जिसका प्लाट नंबर 2272, 2273, 74 व 75 हैं, में उमा शंकर और संजय ठेकेदार के कारिंदे काम करते हैं। मंगलवार रात करीब आठ बजे ढके हुए टैंक से अन्य खुले टैंक में जाने वाला पानी आना बंद हो गया। इस पर एक मजदूर उसे खोलने के लिए खुले टैंक में उतरा था।
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जब उसने बंद टैंक में बने सुराख को खोला तो अचानक जहरीली गैस के प्रभाव में आने से वह बेसुध होकर गिर गया। उसे बचाने के लिए एक अन्य मजदूर टैंक में उतरा तो वह भी गैस के प्रभाव में आ गया। इसके बाद पांच मजदूर और उतरे, लेकिन पांचों ही जहरीली गैस के प्रभाव में आ गए। इनमें से चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य तीन मजदूर बेसुध हो गए।
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हादसे की सूचना प्रशासन और पुलिस को दी गई। राई थाना प्रभारी वजीर सिंह, नायब तहसीलदार राई हरि सिंह पूनिया और एचएसआईआईडीसी के एजीएम सुनील कुमार मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक अमले ने फायर ब्रिगेड की मदद से टैंक में फंसे शवों को बाहर निकाला।
इन लोगों के रूप में हुई मृतकों की शिनाख्त
कुंए में जहरीली गैस से चार मजदूरों की सोनीपत
- फोटो : अमर उजाला
दो मृतकों की शिनाख्त सुकंता मलिका (36) निवासी चंदनपुर, उड़ीसा और शेख सरफराज (17) गांव बेतिया, जिला चंपारन, बिहार के तौर पर हुई। कपड़ों से मिले पहचान पत्र से उनकी पहचान हुई।
पांच अन्य मजदूरों को टैंक से बाहर निकालकर उपचार के लिए बहालगढ़ स्थित निजी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां चिकित्सकों ने दो अन्य मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। डीआईजी हरदीप सिंह दून, डीएसपी ओमप्रकाश भी मौके पहुंचे और मुआयना किया।
बिना सेफ्टी उपकरण के उतारा गया मजदूरों को
परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री में लापरवाही से काम करवाया जा रहा था। टैंक में सफाई के लिए बिना सेफ्टी उपकरण के ही मजदूरों को उतारा गया। उन्होंने बताया कि अगर सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया होता तो यह हादसा नहीं होता।
वहीं, मामले को लेकर दिल्ली से फैक्टरी मैनेजर विनित अग्रवाल को भी बुलाया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। थाना प्रभारी वजीर सिंह ने बताया कि हादसे में बेसुध हुए मजदूरों के होश आने पर उनके बयान लिए जाएंगे। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पांच अन्य मजदूरों को टैंक से बाहर निकालकर उपचार के लिए बहालगढ़ स्थित निजी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां चिकित्सकों ने दो अन्य मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। डीआईजी हरदीप सिंह दून, डीएसपी ओमप्रकाश भी मौके पहुंचे और मुआयना किया।
बिना सेफ्टी उपकरण के उतारा गया मजदूरों को
परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री में लापरवाही से काम करवाया जा रहा था। टैंक में सफाई के लिए बिना सेफ्टी उपकरण के ही मजदूरों को उतारा गया। उन्होंने बताया कि अगर सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया होता तो यह हादसा नहीं होता।
वहीं, मामले को लेकर दिल्ली से फैक्टरी मैनेजर विनित अग्रवाल को भी बुलाया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। थाना प्रभारी वजीर सिंह ने बताया कि हादसे में बेसुध हुए मजदूरों के होश आने पर उनके बयान लिए जाएंगे। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।