फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Work started under Hospital Information System 2.0 in Chandigarh PGI

Chandigarh: डॉक्टरों-मरीजों के बीच मोबाइल एप से होगा संपर्क, PGI में शुरू होगा हाईटेक सिस्टम

Mon, 17 Jul 2023 01:19 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 17 Jul 2023 01:19 PM IST
सार

कोरोना काल में संक्रमण के डर से पीजीआई की ओपीडी लंबे समय तक बंद रखनी पड़ी थी जिससे देशभर से यहां इलाज कराने आने वाले लाखों मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका। हालांकि मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखकर टेली मेडिसिन और टेली कंसल्टेशन का विस्तार किया गया।

विज्ञापन
Work started under Hospital Information System 2.0 in Chandigarh PGI
pgi chandigarh

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज कराने आने वाले देशभर के लाखों मरीजों के लिए राहत की खबर है। संस्थान में मरीजों को भीड़ से बचाने के साथ ही बिना रुकावट इलाज उपलब्ध कराने के लिए हाईटेक तकनीक को लागू करने की तैयारी है। इसके लिए हॉस्पिटल इन्फारमेशन सिस्टम 2.0 के तहत काम शुरू कर दिया गया है। इस सुविधा के लागू होने पर मरीज और डॉक्टर के बीच मोबाइल एप के माध्यम से भी संपर्क संभव हो सकेगा। 
विज्ञापन


इसके लिए एप में क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम जैसे पेशेंट फ्रेंडली फीचर शामिल किए जा रहे हैं। इस सुविधा को क्लिनिकल डेटा एब्स्ट्रैक्शन सेंटर के साथ समझौता कर शुरू करने की तैयारी है। फिर मरीजों का इलेक्ट्रानिक मेडिकल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। संस्थान में शुरुआती दौर में एडवांस आई सेंटर में पेपरलेस पेशेंट मैनेजमेंट सिस्टम के अन्तर्गत ओपीडी और जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
विज्ञापन


कोविड के बाद से भीड़ नियंत्रण पर ज्यादा फोकस
कोरोना काल में संक्रमण के डर से पीजीआई की ओपीडी लंबे समय तक बंद रखनी पड़ी थी जिससे देशभर से यहां इलाज कराने आने वाले लाखों मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका। हालांकि मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखकर टेली मेडिसिन और टेली कंसल्टेशन का विस्तार किया गया जिससे मरीजों को कोविड काल में इलाज मिला। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए हाईटेक तकनीक को प्रमुखता से लागू करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सैटेलाइट सेंटर भी बनेंगे हाईटेक
पीजीआई के डीडीए कुमार गौरव ने बताया कि संस्थान के साथ ही उसके सभी सैटेलाइट सेंटरों को भी हाइटेक करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। कारण, पीजीआई में अन्य प्रदेशों से आने वाले मरीजों को उनके अपने प्रदेश में बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी सेटेलाइट सेंटरों में मल्टी हॉस्पिटल वर्जन को भी लागू किया जाएगा जिसमें मोबाइल एप के साथ ही कई अन्य तकनीकी सुविधाएं जुड़ेंगी।

मरीजों को मिलेगी राहत
मेरा पीजीआई में तीन साल से इलाज चल रहा है। हर तीन महीने में फॉलोअप के लिए आना पड़ता है। ऐसे में एप के जरिए डॉक्टर से संपर्क की सुविधा बहाल होने पर मेरे जैसे हजारों-लाखों मरीजों को राहत मिलेगी। - आशुतोष कुमार, गया, बिहार

आधुनिक तकनीक से मिलेगी राहत

कोरोना जैसी महामारी में भीड़ के कारण ही महीनों ओपीडी बंद रही। ऐसे में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर अगर भीड़ को नियंत्रित करने पर काम किया जा रहा है तो ये राहत देने वाली बात है। - विकास शर्मा, सेक्टर 24


इन राज्यों से आते हैं इतने मरीज- कोविड के पहले की ओपीडी
राज्य                             कुल मरीज                           प्रतिशत

पंजाब                           1092993                             38.5
हरियाणा                          526506                             18.6
चंडीगढ़                           505315                             17.8
हिमाचल                         371540                              13.1
उत्तर प्रदेश                       127358                               4.5
जम्मू कश्मीर                      81827                               2.9
उत्तराखंड                          29429                              1.0
अन्य राज्य                        101312                             3.6

पीजीआई में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को आसानी से बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास जारी है। इसके लिए हॉस्पिटल इन्फारमेशन सिस्टम 2.0 के तहत काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही बेहतर परिणाम सामने आएंगे। - प्रो. विवेक लाल, पीजीआई निदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed