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हमारे व्यापार ठप्प, कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह देने में असमर्थ: चंडीगढ़ व्यापार मंडल
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर कई मांगें रखी हैं। पीएम को लिखे पत्र में कहा है कि कर्फ्यू लगने के बाद से चंडीगढ़ के छोटे ट्रेडर्स और दुकानदारों का काफी नुकसान हुआ है। 22 मार्च से किसी तरह का कोई व्यापार नहीं हुआ है, जिसकी वजह से छोटे व्यापारी कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। ज्यादातर छोटे ट्रेडर्स किराए पर अपनी दुकानें चला रहे हैं। ऐसे में वह अपने कर्मचारियों को पूरी सैलरी देने में असमर्थ हैं।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने पत्र लिखकर दुकानों आदि में काम कर रहे कर्मचारियों को इस महीने चार से पांच हजार रुपये वेतन देने की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि कर्फ्यू से व्यापार ठप रहा है। इसके अलावा चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने कहा है कि छोटे उद्यमियों के पास इस लॉकडाउन पीरियड में आय का कोई अन्य साधन नहीं था, इस वजह से उन्हें दुकानों का किराया भरने से भी छूट दी जाए ताकि वह कुछ राहत महसूस कर सकें। आखिरी मांग रखी कि ज्यादातर ट्रेडर्स ने बिजनेस लोन लिया हुआ है, लेकिन इन दिनों में किसी तरह का कोई व्यापार नहीं हुआ है। न ही उन लोगों के पास आय के अन्य साधन हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए लोन पर लगने वाले ब्याज से छोटे व्यापारियों को छूट दी जाए, ताकि वह कुछ राहत की सांस ले सकें।
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चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने पत्र लिखकर दुकानों आदि में काम कर रहे कर्मचारियों को इस महीने चार से पांच हजार रुपये वेतन देने की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि कर्फ्यू से व्यापार ठप रहा है। इसके अलावा चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने कहा है कि छोटे उद्यमियों के पास इस लॉकडाउन पीरियड में आय का कोई अन्य साधन नहीं था, इस वजह से उन्हें दुकानों का किराया भरने से भी छूट दी जाए ताकि वह कुछ राहत महसूस कर सकें। आखिरी मांग रखी कि ज्यादातर ट्रेडर्स ने बिजनेस लोन लिया हुआ है, लेकिन इन दिनों में किसी तरह का कोई व्यापार नहीं हुआ है। न ही उन लोगों के पास आय के अन्य साधन हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए लोन पर लगने वाले ब्याज से छोटे व्यापारियों को छूट दी जाए, ताकि वह कुछ राहत की सांस ले सकें।
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