चंडीगढ़: विश्व धरोहर को बचाने की कोशिशें लाने लगी रंग, पुराने स्वरूप में आ रहा कैपिटल कांप्लेक्स
कैपिटल कांप्लेक्स की सभी इमारतों में बाहरी मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और सचिवालय बिल्डिंग में अंदर काम कर इसे मूल स्वरूप में लाने का काम चल रहा है।
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चंडीगढ़ की विश्व धरोहर कैपिटल कांप्लेक्स को संरक्षित करने का काम तेजी से चल रहा है। यूटी प्रशासन ने तीन चरणों में जीर्णोद्धार का काम पूरा करना है। पहला चरण पूरा हो चुका है, दूसरे चरण का काम चल रहा है, जबकि तीसरे चरण की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कैपिटल कांप्लेक्स लगभग 100 एकड़ में फैला हुआ है। इसके साथ ही सिटी ब्यूटीफुल की वास्तुकला की एक महान अभिव्यक्ति है। इसे 2016 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में जोड़ा गया था।
कैपिटल कांप्लेक्स की सभी इमारतों में बाहरी मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और सचिवालय बिल्डिंग में अंदर काम कर इसे मूल स्वरूप में लाने का काम चल रहा है। इसे तीन चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में सभी इमारतों और स्मारकों के कंक्रीट के जीर्णोद्धार का कार्य, कैपिटल कांप्लेक्स, हरियाणा विधानसभा और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट कक्ष के आंतरिक जीर्णोद्धार का कार्य पूरा कर लिया गया है।
नौ कोर्ट रूम में से 2 कोर्ट रूम (कोर्ट रूम नंबर 6 व 9) में मरम्मत का कार्य किया गया है। अतिरिक्त कोर्ट रूम उपलब्ध कराने के लिए मामला हाईकोर्ट प्राधिकरण के साथ उठाया गया है, ताकि काम शुरू किया जा सके। दूसरे चरण में हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (एचवीएसी), अग्निशमन, आवास, टैपेस्ट्री (फाइबर और कपड़ा कला) को ठीक करने सहित इमारतों के आंतरिक भाग के मरम्मत का काम प्रगति पर है। इसके दिसंबर 2023 तक पूरा होने की संभावना है। कैपिटल कांप्लेक्स में पंजाब विधानसभा का आंतरिक जीर्णोद्धार कार्य भी प्रगति पर है। इस काम के अगस्त 2022 तक पूरा होने की संभावना है। तीसरे चरण के काम के लिए नगरीय नियोजन विभाग की ओर से सुरक्षा एवं भूनिर्माण योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बदलावों ने बदल दिया था विश्व धरोहर का स्वरूप
चंडीगढ़ के निर्माता ली कार्बूजिए ने कैपिटल कांप्लेक्स का निर्माण किया था। यहां जो भी इमारतें है, वह अपनी तरह का एक अलग संदेश देती हैं, लेकिन समय के साथ इन बिल्डिंग में सभी सरकारों ने अपने हिस्से में जरूरत के अनुसार बदलाव कर लिए थे। कहीं गैलरी को कवर कर केबिन, तो कहीं छोटे कमरे बन चुके थे। एसी लगने से उसका पानी टपकने से बाहरी स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा था। इसे देखते हुए पूरे कांप्लेक्स को सहेजने का काम करीब तीन साल पहले शुरू हुआ था, जो अब आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है।