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Chandigarh News: विधानमंडलों के कार्य संचालन नियमों की होगी समीक्षा
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विधानमंडलों के कार्य संचालन नियमों की होगी समीक्षा
मुंबई में पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए थे विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुंबई में 27-28 जनवरी को आयोजित 84वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (एआईपीओसी) में पांच संकल्प पारित किए गए हैं। सम्मेलन में शामिल विस अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने मंगलवार को इन पांच संकल्पों की जानकारी साझा की। गुप्ता ने बताया कि देश भर के विधानमंडलों के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन संबंधी नियमों की समीक्षा की जाएगी। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मेलन में प्रस्ताव रखा था, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संविधान के शब्दों और भावना के अनुसार विधायी निकायों का कामकाज प्रभावी करना होगा। गुप्ता ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया है। इस संबंध में प्रस्ताव पेश करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि हमारे देश के जीवंत और प्राचीन लोकतांत्रिक लोकाचार को मजबूत करना होगा। इसके लिए जमीनी स्तर के पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ानी होगी। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को प्रोत्साहित करने का संकल्प भी पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में पारित किया गया। इस संकल्प में कहा गया है कि देश में विधायी निकायों की दक्षता में सुधार, पारदर्शिता, उत्पादकता और नागरिकों के साथ जुड़ाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियां काफी कारगर साबित होंगी। चौथा संकल्प संसद और राज्य विधान मंडलों की विधायी समितियों को प्रभावी करने से संबंधित रहा। सम्मेलन में ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ पर गहन मंथन हुआ। एआईपीओसी ने संकल्प किया कि विधानमंडलों के बीच संसाधन और अनुभव साझा करने व नागरिकों के साथ घनिष्ठ सार्वजनिक जुड़ाव बनाने के लिए ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ को लागू करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाएंगे।
विधायक की गरिमा उसी के हाथ में रहती है : गुप्ता
कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा के कपड़े पहनने और गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में नहीं जाने व पानीपत में डिटेन किए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक विधायक की गरिमा व गौरव उसी के हाथ में रहती है। उन्होंने कहा कि विधायक को अपनी मांगों के लिए मर्यादित तरीके से काम करना चाहिए। इससे उसका गौरव बढ़ता है। उधर, उन्होंने उचाना में स्कूली छात्राओं के शोषण मामले की जांच के संबंध में कहा कि कमेटी की कई बैठकें हो चुकी हैं। इस बारे में वह विधानसभा में ही बताएंगे।
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मुंबई में पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए थे विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुंबई में 27-28 जनवरी को आयोजित 84वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (एआईपीओसी) में पांच संकल्प पारित किए गए हैं। सम्मेलन में शामिल विस अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने मंगलवार को इन पांच संकल्पों की जानकारी साझा की। गुप्ता ने बताया कि देश भर के विधानमंडलों के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन संबंधी नियमों की समीक्षा की जाएगी। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मेलन में प्रस्ताव रखा था, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संविधान के शब्दों और भावना के अनुसार विधायी निकायों का कामकाज प्रभावी करना होगा। गुप्ता ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया है। इस संबंध में प्रस्ताव पेश करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि हमारे देश के जीवंत और प्राचीन लोकतांत्रिक लोकाचार को मजबूत करना होगा। इसके लिए जमीनी स्तर के पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ानी होगी। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को प्रोत्साहित करने का संकल्प भी पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में पारित किया गया। इस संकल्प में कहा गया है कि देश में विधायी निकायों की दक्षता में सुधार, पारदर्शिता, उत्पादकता और नागरिकों के साथ जुड़ाव के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित उभरती प्रौद्योगिकियां काफी कारगर साबित होंगी। चौथा संकल्प संसद और राज्य विधान मंडलों की विधायी समितियों को प्रभावी करने से संबंधित रहा। सम्मेलन में ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ पर गहन मंथन हुआ। एआईपीओसी ने संकल्प किया कि विधानमंडलों के बीच संसाधन और अनुभव साझा करने व नागरिकों के साथ घनिष्ठ सार्वजनिक जुड़ाव बनाने के लिए ‘वन नेशन वन लेजिस्लेटिव प्लेटफॉर्म’ को लागू करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाएंगे।
विधायक की गरिमा उसी के हाथ में रहती है : गुप्ता
कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा के कपड़े पहनने और गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में नहीं जाने व पानीपत में डिटेन किए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक विधायक की गरिमा व गौरव उसी के हाथ में रहती है। उन्होंने कहा कि विधायक को अपनी मांगों के लिए मर्यादित तरीके से काम करना चाहिए। इससे उसका गौरव बढ़ता है। उधर, उन्होंने उचाना में स्कूली छात्राओं के शोषण मामले की जांच के संबंध में कहा कि कमेटी की कई बैठकें हो चुकी हैं। इस बारे में वह विधानसभा में ही बताएंगे।
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