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Womens Day: पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती और हार से कभी घबराओ नहीं, डटकर मुकाबला करो
Sun, 08 Mar 2020 03:28 PM IST
खुशबू गोयल
रूबी सिंह, चंडीगढ़
रूबी सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 08 Mar 2020 03:28 PM IST
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ब्यूटी एक्सपर्ट रिचा अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
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पापा आर्मी में थे.. दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में रहने का मौका मिला। पढ़ाई में औसत थीं। जब कॉलेज में एडमिशन लेने की बात हुई तो किसी ने यूं कह दिया कि तुम होम साइंस में ही एडमिशन लेना। ये बात मुझे बहुत बुरी लगी और सोचा कि ये मुझे इतना कमजोर समझते हैं। बस फिर क्या था उस दिन ठान ली कि इनको अपनी सफलता से जरूर जवाब दूंगी। यह बात शुक्रवार को मशहूर ब्यूटी एक्सपर्स्ट और सैलून क्लिओपेट्रा की फाउंडर रिचा अग्रवाल ने अमर उजाला के साथ शेयर की।
उन्होंने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती और हार से कभी घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, जिंदगी में एक ही सपना देखा। वो था भारत में ऐसा सैलून ओपन करना, जो अभी तक लोगों ने सिर्फ विदेश में सुनने हैं। भारत में तो छोटे छोटे पार्लर हुआ करते थे। यहां सैलून नहीं था। बस फिर क्या था। भले साधन कम थे, बिजनेस का आइडिया नहीं था। लेकिन मेरे सपनों के पंख उड़ना जानते थे। मां-पिता ने हमेशा सहयोग किया। मां की वो पूरी जमा कुंजी मेरे सपनों का मानो शगुन थीं।
मैंने 2003 में मात्र आठ स्टाफ के साथ सिटी में पहला सैलून क्लिओपेट्रा ओपन किया, जहां फेशियल से लेकर इंटरनेशनल स्पा सर्विस दी जाती थीं। सेक्टर-8 से शुरू इस सफर की मंजिल अब 250 स्टाफ और 15 सैलून एवं अकादमी तक पहुंच गई है। मैं यही कहती हूं कभी हार मत मानो, क्योंकि सपनों की उड़ान आपके ही हाथों में है। बस हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करो।
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उन्होंने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती और हार से कभी घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, जिंदगी में एक ही सपना देखा। वो था भारत में ऐसा सैलून ओपन करना, जो अभी तक लोगों ने सिर्फ विदेश में सुनने हैं। भारत में तो छोटे छोटे पार्लर हुआ करते थे। यहां सैलून नहीं था। बस फिर क्या था। भले साधन कम थे, बिजनेस का आइडिया नहीं था। लेकिन मेरे सपनों के पंख उड़ना जानते थे। मां-पिता ने हमेशा सहयोग किया। मां की वो पूरी जमा कुंजी मेरे सपनों का मानो शगुन थीं।
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मैंने 2003 में मात्र आठ स्टाफ के साथ सिटी में पहला सैलून क्लिओपेट्रा ओपन किया, जहां फेशियल से लेकर इंटरनेशनल स्पा सर्विस दी जाती थीं। सेक्टर-8 से शुरू इस सफर की मंजिल अब 250 स्टाफ और 15 सैलून एवं अकादमी तक पहुंच गई है। मैं यही कहती हूं कभी हार मत मानो, क्योंकि सपनों की उड़ान आपके ही हाथों में है। बस हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करो।
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पीजीआई में की डाइटिशियन नौकरी
ब्यूटी एक्सपर्ट रिचा ने बताया कि वे अपने पिता के रिटायरमेंट के बाद 1998 में चंडीगढ़ आ गए थे। यहां आकर उन्होंने पीर्जीआई में डाइटिशियन की नौकरी की। लेकिन उनका दिल हमेशा ब्यूटी इंडस्ट्री में कुछ करना चाहता था। उन्होंने नेल आर्ट से लेकर ब्यूटी एवं स्पा के बारे में स्टडी की।
देश में नहीं विदेश में भी ब्यूटी इंडस्ट्री की तमाम बारीकियां जानने के लिए पहले पढ़ाई की ताकि शहर के लोगों को उनके सैलून में हर वो ब्यूटी सर्विस मुहैया हो सके। सिटी में आज क्लियोपेट्रा सैलून का अपना नाम है। यहां मिस इंडिया से लेकर मिस यूनिवर्स तैयार होती है। वे आज विदेश में उन चुनिंदा भारतीय ब्यूटी एक्सपर्ट में शामिल है, जो विदेश में ज्यूरी हैं।
खुद पर विश्वास रखकर आम लड़की बन सकती है खास
रिचा ने बताया कि उन्हें बिजनेस का कोई आइडिया नहीं था। सैलून को रजिस्ट्रर करने से लेकर अन्य कागजी कार्य का उनको बिलकुल पता नहीं था। लेकिन जब जब उनको संघर्ष करना पड़ा, हारी नहीं मानी। उन्होंने शहर की महिलाओं को भी संघर्ष से नहीं डरने की सीख दी। उन्होंने कहा कि एक आम लड़की भी खास बन सकती है, बस उनको अपने सपनों पर विश्वास रखना होगा।
देश में नहीं विदेश में भी ब्यूटी इंडस्ट्री की तमाम बारीकियां जानने के लिए पहले पढ़ाई की ताकि शहर के लोगों को उनके सैलून में हर वो ब्यूटी सर्विस मुहैया हो सके। सिटी में आज क्लियोपेट्रा सैलून का अपना नाम है। यहां मिस इंडिया से लेकर मिस यूनिवर्स तैयार होती है। वे आज विदेश में उन चुनिंदा भारतीय ब्यूटी एक्सपर्ट में शामिल है, जो विदेश में ज्यूरी हैं।
खुद पर विश्वास रखकर आम लड़की बन सकती है खास
रिचा ने बताया कि उन्हें बिजनेस का कोई आइडिया नहीं था। सैलून को रजिस्ट्रर करने से लेकर अन्य कागजी कार्य का उनको बिलकुल पता नहीं था। लेकिन जब जब उनको संघर्ष करना पड़ा, हारी नहीं मानी। उन्होंने शहर की महिलाओं को भी संघर्ष से नहीं डरने की सीख दी। उन्होंने कहा कि एक आम लड़की भी खास बन सकती है, बस उनको अपने सपनों पर विश्वास रखना होगा।