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शराब की पेटियां बाहर फेंकी, ठेके पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
Updated Sun, 10 Aug 2014 12:49 AM IST
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कलायत। कई बार गुहार लगाने के बाद भी शराब की दुकान न हटाने से गुस्साए आदर्श गांव बालू के लोगों ने शनिवार को शराब की सारी पेटियां ठेके से बाहर फेंक दी तथा ठेके पर ताला लगा दिया।
गांव के लोग इस समस्या को लेकर काफी समय से परेशान चल रहे थे। गांव के लोगों का कहना था कि गांव के शराब के खुर्दों व शराब की दुकान के कारण गांव का माहौल लगातार खरब होता जा रहा था। गुरुदेव ने बताया कि शराब के कारण से खराब हो रहे माहौल पर काबू पाने के लिए गांव के लोगों का शिष्टमंडल बार बार उपायुक्त से मिला व ठेकेदार से भी अपना ठेका गांव की सीमा से बाहर करने की गुहार लगाई।
उन्होंने बताया कि सात से व 21 जुलाई को गांव के लोगों का महिलाओं सहित शिष्ट मंडल उपायुक्त से मिला था तथा गांव से शराब की दुकान बाहर करने का अनुरोध किया था। 21 जुलाई को उपायुक्त ने ग्रामीणाें को एक सप्ताह में समस्या के समाधान का हल करवाए जाने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया था।
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इलाके में शराबबंदी का ऐलान किया था
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 5 जुलाई को गांव बालू की बिढाण पट्टी में गांव के लोगों व सामाजिक संगठनों ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए गांव में शराबबंदी का ऐलान किया था। इसी संदर्भ में गांव के ठूलेदारों व अखिल भारतीय मानव कल्याण समिति की एक सामूहिक बैठक हुई थी जिसमें महापंचायत में कई घंटे तक हुए विचार मंथन के बाद सामूहिक निर्णय लिया गया था कि गांव में शराब के साथ साथ मांस व अंडे की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गांव के लोगों का महिलाओं सहित एक शिष्टमंडल समस्या को लेकर 1 जुलाई को उपायुक्त से भी मिला था तथा उन्होंने भी आश्वासन था दिया कि वे मामले में संज्ञान लेकर गांव की सामाजिक बुराई को समाप्त करवाने में सहयोगी होंगे। महिलाओं का कहना था कि 21 जुलाई को उपायुक्त ने गांव के लोगों को एक सप्ताह में मामले का हल निकालने का आश्वासन देकर वापिस भेज दिया था।
उनका कहना था कि वे लोग बार बार ठेकेदार से मिल कर अपनी दुकान गांव की सीमा से बाहर करने का आग्रह करते रहे पर ठेकेदार ने उनकी नहीं सुनी। जिस कारण शनिवार को गांव की महिला व पुरुषों का शिष्टमंडल ठेकेदार के पास मामले को लेकर गए थे पर ठेकेदार व उसके कारिंदों ने महिलाओं से अशिष्ट व्यवहार किया व उनके साथ धक्का मुक्की की। गुस्साई महिलाओं ने ठेके में रखी शराब की पेटियों को उठा कर बाहर फेंक दिया व दुकान को ताला लगा दिया। महिलाओं ने ठेकेदार को नसीहत दी कि यदि दुबारा ठेका गांव में खोला तो वे उसे आग लगा देंगी।
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गांव के लोग इस समस्या को लेकर काफी समय से परेशान चल रहे थे। गांव के लोगों का कहना था कि गांव के शराब के खुर्दों व शराब की दुकान के कारण गांव का माहौल लगातार खरब होता जा रहा था। गुरुदेव ने बताया कि शराब के कारण से खराब हो रहे माहौल पर काबू पाने के लिए गांव के लोगों का शिष्टमंडल बार बार उपायुक्त से मिला व ठेकेदार से भी अपना ठेका गांव की सीमा से बाहर करने की गुहार लगाई।
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उन्होंने बताया कि सात से व 21 जुलाई को गांव के लोगों का महिलाओं सहित शिष्ट मंडल उपायुक्त से मिला था तथा गांव से शराब की दुकान बाहर करने का अनुरोध किया था। 21 जुलाई को उपायुक्त ने ग्रामीणाें को एक सप्ताह में समस्या के समाधान का हल करवाए जाने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया था।
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इलाके में शराबबंदी का ऐलान किया था
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 5 जुलाई को गांव बालू की बिढाण पट्टी में गांव के लोगों व सामाजिक संगठनों ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए गांव में शराबबंदी का ऐलान किया था। इसी संदर्भ में गांव के ठूलेदारों व अखिल भारतीय मानव कल्याण समिति की एक सामूहिक बैठक हुई थी जिसमें महापंचायत में कई घंटे तक हुए विचार मंथन के बाद सामूहिक निर्णय लिया गया था कि गांव में शराब के साथ साथ मांस व अंडे की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गांव के लोगों का महिलाओं सहित एक शिष्टमंडल समस्या को लेकर 1 जुलाई को उपायुक्त से भी मिला था तथा उन्होंने भी आश्वासन था दिया कि वे मामले में संज्ञान लेकर गांव की सामाजिक बुराई को समाप्त करवाने में सहयोगी होंगे। महिलाओं का कहना था कि 21 जुलाई को उपायुक्त ने गांव के लोगों को एक सप्ताह में मामले का हल निकालने का आश्वासन देकर वापिस भेज दिया था।
उनका कहना था कि वे लोग बार बार ठेकेदार से मिल कर अपनी दुकान गांव की सीमा से बाहर करने का आग्रह करते रहे पर ठेकेदार ने उनकी नहीं सुनी। जिस कारण शनिवार को गांव की महिला व पुरुषों का शिष्टमंडल ठेकेदार के पास मामले को लेकर गए थे पर ठेकेदार व उसके कारिंदों ने महिलाओं से अशिष्ट व्यवहार किया व उनके साथ धक्का मुक्की की। गुस्साई महिलाओं ने ठेके में रखी शराब की पेटियों को उठा कर बाहर फेंक दिया व दुकान को ताला लगा दिया। महिलाओं ने ठेकेदार को नसीहत दी कि यदि दुबारा ठेका गांव में खोला तो वे उसे आग लगा देंगी।