बुआ ने पढ़ाया-लिखाया और रहने के लिए दिया घर, हवलदार भतीजे ने उतार दिया मौत के घाट, जानें मामला
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पिता की मौत के बाद एक युवक की सहारा बुआ खुद बनी। उन्होंने उसे पढ़ाया और हवलदार की कुर्सी तक पहुंचा दिया। इसके बाद युवक की शादी हो गई। रहने के लिए बुआ ने घर दिया, तो उसी पर युवक कब्जा करने पर उतार आया। विरोध करने पर बुआ को ही मौत के घाट उतार दिया। घटना हरियाणा के पानीपत की है।
पानीपत के टोल प्लाजा पर मकान में कब्जा के मामले के चलते हवलदार भतीजे ने बुआ की छाती में घुसा मारा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतिका के शव को सामान्य अस्पताल में ले जाया गया, जहां पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवा दिया। परिजनों के बयान पर पुलिस ने आरोपी एएसआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस आरोपी पुलिसकर्मी की धरपकड़ में जुट गई।
आर्य नगर निवासी मयंक पुत्र राम स्वरूप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका टीडीआई में एक मकान है। जिसमें 4 साल से उसके मामा का लड़का आरोपी हवलदार सतीबर पुत्र धर्मपाल निवासी सेक्टर 4 करनाल रहता था। आरोपी यमुनानगर पुलिस में बतौर हवलदार कार्यरत है। उसको हमेशा घर खाली करने के बारे में कहते थे, जिसके चलते वो हमेशा झगड़ा करता था। उसने बताया कि सोमवार को उससे मकान जबरदस्ती खाली करवा लिया था।
देर रात मयंक अपनी मां महेंद्री देवी के साथ टोल टैक्स के पास एक कार शोरूम के बाहर खड़े थे। वहां मयंक गाड़ी के भीतर बैठा था व उसकी मां कार के बाहर खड़ी थी। उसी दौरान वहां आरोपी सतबीर आया। जिसने मकान खाली करवाने की बात की रंजिश के चलते उसने वहां आते ही मयंक पर जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें बीच-बचाव में आई मां को उसने पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने बुआ महेंद्री देवी की छाती में घुसा मार दिया। जिससे वो जमीन पर बेहोश होकर नीचे गिर गई। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। अपनी मां को वहां से गाड़ी में उठा कर देवी मंदिर रोड स्थित निजी अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहले भी कर चुका है जानलेवा हमले
मृतका के बेटे ने बताया कि उसके पिता वकील थे, जिनकी 2013 में मृत्यु हो गई थी। साथ ही बताया कि आरोपी सतबीर के पिता की भी बचपन में ही मौत हो गई थी। उसकी मां करनाल में रहती है। इसके बाद मयंक के परिजनों ने ही उसका पालन पोषण किया व उसे पढ़ा लिखा कर पुलिस की नौकरी दिलवाई। इसकी शादी करवाने के बाद उसे टीडीआई में उनका घर कुछ समय के लिए दे दिया था।
लेकिन आरोपी ने उस पर कब्जा कर लिया व उसे खाली करने का नाम नहीं ले रहा था। जिसके बारे में जब भी उसे खाली करने की बात कहते तो, वो हमेशा ही उन पर जानलेवा हमला कर देता था। जिसकी शिकायत पीड़ितों ने सेक्टर 6 चौकी पुलिस को भी दी हुई है। लेकिन पुलिस ने पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं कि, जिसके चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया साथ ही मयंक को भी जान से मारने की धमकी दी।