लॉकडाउन में काम न मिलने से परेशान मजदूर की पत्नी ने दी जान, पठानकोट में व्यक्ति ने लगाई फांसी
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फरीदकोट के सोसाइटी नगर में लॉकडाउन के कारण तंगी का सामना कर रहे एक प्रवासी मजदूर की पत्नी ने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान मूलरूप से बिहार निवासी रीना (25) पत्नी सन्नी के रूप में हुई। थाना कोतवाली पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की है।
मृतका के ससुर राम पाल ने बताया कि वह और उसका बेटा मजदूरी करते हैं लेकिन लॉकडाउन के कारण करीब दो माह से वह दोनों खाली हैं और दिहाड़ी न मिलने की वजह से दो वक्त की रोटी को मोहताज हो चुके हैं।
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इस परेशानी में उनकी पुत्रवधू ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पंचायत सदस्य बलविंदर सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के चलते उन्होंने इस परिवार को कुछ राशन पहुंचाया था लेकिन काम न मिलने के कारण पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। मृतका की दो तीन और सात माह की बेटियां हैं।
पठानकोट: परिवार से कहासुनी के बाद व्यक्ति ने जंगल में लगाया फंदा
पठानकोट में पंजाब-हिमाचल सीमा पर स्थित गांव टिप्परी में परिवार के साथ हुई कहासुनी के बाद जंगल में जाकर एक व्यक्ति ने फंदा लगा लिया। मृतक की पहचान मेहर सिंह (48) लोधवां पंचायत के तौर पर हुई है। ग्राम पंचायत लोधवा प्रधान तिमर राज का कहना है कि रविवार को मेहर सिंह की अपने परिवार के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और वह घर से निकल गया।
मृतक की पत्नी ने उन्हें फोन पर सूचना दी। इसके बाद उसे आसपास के गांवों में खोजा गया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। सोमवार को उन्हें पता चला कि मेहर सिंह का शव गांव टिप्परी के पास जंगल में पेड़ से लटका है। इसके बाद उन्होंने थाना डमटाल पुलिस को सूचित किया। वहीं, डमटाल प्रभारी हरीश गुलेरिया का कहना है कि सूचना मिलते ही मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। शव को कब्जे में लेकर नूरपुर सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।