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Chandigarh News: गवाहों ने पहचानने से किया इनकार, झपटमारी के चार आरोपी बरी
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चंडीगढ़। जिला अदालत में मंगलवार को झपटमारी के दो अलग मामलों में गवाहों ने चार आरोपियों को कोर्ट में न पहचानने के चलते बरी कर दिया। पहले मामले में सेक्टर-11 थाना पुलिस ने 27 जुलाई 2020 को स्नेचिंग का केस दर्ज किया था। सेक्टर-15 में यह वारदात हुई थी।
स्थानीय निवासी शकुंतला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सेक्टर-15 मार्केट से घर जाते वक्त शाम सवा सात बजे एक युवक उनके गले से सोने की चेन छीन भाग गया था। उसने बताया था कि वह आरोपी के सामने आने पर उसे पहचान सकती है। पुलिस ने जांच के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर रोपड़ के गुरदर्शन सिंह उर्फ जश्न (23) को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से जाली नंबर की माेटरसाइकिल भी बरामद हुई थी। रिमांड में उसने बताया था कि वह रोपड़ निवासी दोस्त हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी के साथ चंडीगढ़ आया था और वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी से पुलिस ने चेन बरामद करने का दावा किया था। हालांकि कोर्ट में महिला ने आरोपी को पहचानने से इंकार कर दिया। वहीं, दूसरे मामले में सेक्टर-39 थाना पुलिस ने 15 दिसंबर 2022 को दर्ज किया था। 14 दिसंबर को फर्नीचर मार्केट सेक्टर-54 के पास वारदात हुई थी। शिकायतकर्ता सेक्टर-25 कॉलोनी का पहलवान नामक व्यक्ति था। उसने कहा कि घटना की शाम वह सेक्टर-42 से ड्यूटी खत्म कर मोहाली फेज-3 जानकार के पास साइकिल पर जा रहा था। रास्ते में जब वह पेशाब करने के लिए रुका तभी 2 लड़कों ने उसे आकर पकड़ लिया व उसके दो मोबाइल छीन लिए और सड़क पर खड़े ऑटो में बैठ भाग गए। पुलिस ने जांच के दौरान कजेहड़ी के विजय कुमार उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर मोबाइल बरामद करने का दावा किया था। वहीं, बाद में मलोया ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के अरुण उर्फ कांचा को भी गिरफ्तार किया गया था। उससे भी मोबाइल बरामदगी की बात कही गई थी। इसमें भी शिकायतकर्ता ने आरोपियों को नहीं पहचाना था। दोनों केसों में बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट विजय कुमार ने दलील दी कि पुलिस ने आरोपियों पर झूठा केस दर्ज किया था।
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स्थानीय निवासी शकुंतला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सेक्टर-15 मार्केट से घर जाते वक्त शाम सवा सात बजे एक युवक उनके गले से सोने की चेन छीन भाग गया था। उसने बताया था कि वह आरोपी के सामने आने पर उसे पहचान सकती है। पुलिस ने जांच के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर रोपड़ के गुरदर्शन सिंह उर्फ जश्न (23) को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से जाली नंबर की माेटरसाइकिल भी बरामद हुई थी। रिमांड में उसने बताया था कि वह रोपड़ निवासी दोस्त हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी के साथ चंडीगढ़ आया था और वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी से पुलिस ने चेन बरामद करने का दावा किया था। हालांकि कोर्ट में महिला ने आरोपी को पहचानने से इंकार कर दिया। वहीं, दूसरे मामले में सेक्टर-39 थाना पुलिस ने 15 दिसंबर 2022 को दर्ज किया था। 14 दिसंबर को फर्नीचर मार्केट सेक्टर-54 के पास वारदात हुई थी। शिकायतकर्ता सेक्टर-25 कॉलोनी का पहलवान नामक व्यक्ति था। उसने कहा कि घटना की शाम वह सेक्टर-42 से ड्यूटी खत्म कर मोहाली फेज-3 जानकार के पास साइकिल पर जा रहा था। रास्ते में जब वह पेशाब करने के लिए रुका तभी 2 लड़कों ने उसे आकर पकड़ लिया व उसके दो मोबाइल छीन लिए और सड़क पर खड़े ऑटो में बैठ भाग गए। पुलिस ने जांच के दौरान कजेहड़ी के विजय कुमार उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर मोबाइल बरामद करने का दावा किया था। वहीं, बाद में मलोया ईडब्ल्यूएस कॉलोनी के अरुण उर्फ कांचा को भी गिरफ्तार किया गया था। उससे भी मोबाइल बरामदगी की बात कही गई थी। इसमें भी शिकायतकर्ता ने आरोपियों को नहीं पहचाना था। दोनों केसों में बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट विजय कुमार ने दलील दी कि पुलिस ने आरोपियों पर झूठा केस दर्ज किया था।
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