फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Within four months, the government drug store scheme started to flop

Chandigarh News: चार महीने में ही सरकारी दवा की दुकान योजना होने लगी फ्लॉप

Wed, 03 May 2023 01:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 03 May 2023 01:46 AM IST
विज्ञापन
Within four months, the government drug store scheme started to flop
चंडीगढ़। सरकारी अस्पतालों में दवा की दुकान खोलने की योजना महज चार महीने में फ्लॉप होती दिख रही है। मरीजों को राहत के साथ सरकार को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से खोली गईं दुकानें बंद होने के कगार पर आ गई हैं। इसकी शुरुआत जीएमएसएच-16 की शॉप नंबर 9 के बंद होने से हो गई है। स्थिति यह है कि महंगे किराए पर ली गई दुकानों को संचालक चलाने में असमर्थ हैं। वे तय समय पर किराया भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। उच्चाधिकारियों से बार-बार किराया कम करने और माफ करने का अनुरोध कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बता दें कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या सीमित होने व दवा की दुकान ज्यादा होने से उन्हें किराया निकालना भी मुश्किल हो रहा है। वे सिक्योरिटी मनी जब्त होने के डर से किसी तरह एक-एक दिन गुजार रहे हैं।
विज्ञापन


देखते ही देखते किराया हो गया दोगुने से भी ज्यादा
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकारी अस्पतालों में नई दवा की दुकान खोलने के लिए कम से कम किराए पर बोली शुरू की थी लेकिन टेंडर दर टेंडर वह बोली दोगुने से भी ज्यादा हो गई। सिविल अस्पतालों में हर स्टोर के लिए न्यूनतम आरक्षित बोली मूल्य दो लाख रुपये रखा गया था। जीएमएसएच-16 में दो स्टोर के लिए आरक्षित मूल्य 7 लाख रुपये और 5 लाख रुपये था।
विज्ञापन

इतने मासिक किराए पर दी गई हैं दुकानें

- जीएमएसएच 16 की दो दुकानें 7 और 9 नंबर क्रमश: 17 लाख एक हजार रुपये, 17 लाख 21 हजार रुपये

- सेक्टर 45 सिविल अस्पताल की एक दुकान- डेढ़ लाख रुपये

- मनीमाजरा सिविल अस्पताल की एक दुकान- 10 लाख 26 हजार रुपये

- सेक्टर 22 सिविल अस्पताल की एक दुकान- 6 लाख रुपये
दुकान संचालकों को ये मानक करने हैं पूरे
नए स्टोर के टेंडर में नियम व शर्तों में नए बिंदु शामिल किए गए हैं। ये दुकानें सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे खुली रहेंगी, ब्रांडेड दवाओं की एमआरपी पर न्यूनतम 15 प्रतिशत की छूट, जेनेरिक और ब्रांडेड जेनेरिक दवाओं की एमआरपी पर न्यूनतम 30 प्रतिशत की छूट और एकल उपभोग्य सामग्रियों/सर्जिकल वस्तुओं की एमआरपी पर न्यूनतम 30 प्रतिशत की छूट। हालांकि, लाइसेंसधारक न्यूनतम सीमा से अधिक छूट देने के लिए स्वतंत्र होगा। नए स्टोर के लिए लाइसेंस शुरू में तीन साल की अवधि के लिए दिया जाएगा और इसे साल-दर-साल आधार पर पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति/फर्म/कंपनी या उसके परिवार का कोई सदस्य किसी अस्पताल विशेष के परिसर में एक से अधिक दुकान संचालित करने के लिए पात्र नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीएमएसएच 16 की जो दुकान खाली हुई है, उसे टेंडर कर जल्द से जल्द पुन: आवंटित किया जाएगा। जहां तक किराए की बात है तो टेंडर में आवेदकों की ओर से दी गई बोली पर ही अंतिम मुहर लगाई गई थी।
-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed